मौत का गाँव
रवीन्द्र व्यास
/ मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के अमानगंज तहसील के ग्राम कमताना में विगत ढेड माहके अन्दर ढेड दर्जन मौतों से गाँव में दहशत है । इन मौतों के कारणों को समझनेमें जिले का स्वास्थ्य विभाग लाचार रहा है । मंगलवार को इस गाँव जिले में डॉ की टीम पहुंची , और गाँव में हो रही मौतों की वजह गंदगी बता दी ।
अभी बीते दो दिन में इस गाँव के एक 60 वर्षीय वृद्व को अचानक बुखार आया बाद में उसकीमौत हो गई । रविवार को बिब्बी चनपुरिया (३५) अचानक बीमार हुई जिसे उपचार केलियेअमानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया । जहां इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। पिछले ४५ दिनों में इस गाँव में यह अठारवीं मौत थी । हर 60 घंटे में हो रही इन मौतों से इसगाँव को आस पास के गाँव वाले मौत का गाँव कहने लगे हैं । इस गाँव का हर गाँव वाला मौत केखौफ में जी रहा है । मौत का खौफ हो भी क्यों नहीं, जहां एक चिता की राख ठण्डी नही होपाती कि दूसरी तैयार हो जाती है। हालात ये हैं की गाँव के किसी घर से यदि किसी के बीमारीकी खबर आती है तो लोग यह मान लेते हैं अब इसका नंबर है ।
पन्ना के सी एम एच ओ डॉ डी एन गौतम के निर्देश पर गाँव में पहुंचे बीएमओं डां मिश्रा नेपत्रकारो को बताया कि बीमारी का मुख्य कारण मलेरिया है । मुख्य वजह कमताना में गन्दगीका सम्राज्य है, यहां लोग जागरूक नही है। गांव भ्रमण में जगह जगह घरो के सामने गन्दगी है, लोग यहां गन्दगी हटाने का प्रयत्न नही करते । आज पुन: मलेरिया दवा का छिडकाव किया जारहा है। ग्रामीणों में जागरूकता का परिचय ही बीमारी से मुक्ति का एक मात्र इलाज है।
गौर तलब है की कमताना गाँव जाकर स्वयं कलेक्टर ने यहा की साफ सफाई काजिम्मा सी ओं को सौपा था । जेसीबी द्वारा साफ सफाई की गई नालियां खोद दी गई जिससेसडकों पर बहती गंदगी भी कम हुई है। बाद में इस अभियान को अधूरें में छोड दिया गया था

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