राजेंद्र सिंहकिसान ने लगाई फांसी
खरीफ फसल की बर्बादी झेल चुका सुरेश दवेदी ने रवि की फसल बोई ही नहीं ,और उस पर भी कर्जे का बोझ ऐसे में जिंदगी जंग कब तक चलती । सुरेश द्विवेदी ने आखिरकार मौत को अपने गले लगा लिया ।मृतक के छोटे भाई राजकुमार द्विवेदी ने बताया की, बीती रात कब अपने घर से निकले कोई नहीं जानता ,सुबह घर वालों ने उन्हें खेत पर लगे पेड़ पर फांसी पर झूलता पाया। ,राज्य सरकार की ओर से दी जा रही मुआवजे की राशि अभी तक नहीं मिल पायी है । मात्र तीन बीघा जमीन है , उसी से गुजर बसर करते थे । फसल खराब हो गई थी , उस पर साहूकार का कर्जा भी था ।छतरपुर //29 नव १५ // बुंदेलखंड के छतरपुर जिले के लवकुशनगर थाने के पठा गांव में एक पचास वर्सिय किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली ,। कर्ज के बोझ टेल तब किसान की मौत को पुलिस प्रशासन किसान मानता ही नहीं बल्कि उसे नशेलची घोषित कर दिया ।किसान की मौत पर लवकुशनगर थाना प्रभारी आर एस सेन कहते हैं की वह किसान नहीं है , मृतक शराबी और गंजेड़ी था । टी आई यह बात मृतक के भाई के हवाले से बताते हुए कहते हैं की उसने अपने मृतक भाई के बारे में रिपोर्ट लिखाई है की मृतक शराबी ,और कमजोर था चलने फिरने में असमर्थ था उसने पेड़ फांसी लगा कर आत्म ह्त्या कर ली ,। जब की मीडिया से चर्चा में मृतक के भाई राज कुमार द्विवेदी ने बताया की भाई के परेशान होने ,कर्ज से दबे होने और फसल ख़राब होने की वजह से आत्महत्या की है।


कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें