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चीन की दादागिरी पर भारत का दमदार जबाब

चीन की दादागिरी पर भारत का दमदार जबाब 
रवीन्द्र व्यास
भारत ने काफी समय बाद कुटनेतिक तरीके से अपने पडोसी चीन को उसकी तस्वीर दिखाई है | भारत ने वियतनाम  के साथ तेल खोज के करार पर काम करना शुरू किया है | वह भी उस इलाके में जिस पर  चीन अपना दावा जताता है | तेल और प्राक्रतिक गेस का  यह  भण्डार दरअसल वियतनाम का इलाका है | तेल के पीछे चीन हर हाल में इस पर अपना कब्जा ज़माना चाहता है |  दरअसल पिछले कुछ समय से  चीन ने भारत की घेरा बंदी शुरू की है , कूटनैतिक और सामरिक रण निति के तहत उसने  पहले पाकिस्तान को बल प्रदान किया ,  परमाणु  बम्ब बनाने में उसकी मदद की , यहाँ तक की उसका परमाणु परीक्षण भी अपने यहाँ करवाया | इसके पाक अधिकृत काश्मीर जो भारत का अभिन्न अंग है में सड़क ,रेल मार्ग और बाँध का निर्माण शुरू किया | जब की यह इलाका पाक गैर कानूनी तरीके से कब्जाए है | और एसे इलाके में किसी तीसरे देस जेसे चीन द्वारा कुछ भी करना अंतरास्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है | पाक के बाद चीन ने भारत के सबसे करीबी नेपाल में घुश पैठ की , वहाँ  आज के हालात में चीन का सबसे ज्यादा दखल माना जाता है | इसके बाद चीन ने श्री लंक…

बुंदेलखंड के सूर्य मंदिर

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बुंदेलखंड के सूर्य मंदिर रवीन्द्र व्यास  बुंदेलखंड इलाके में सृष्टी के देवता सूर्य के पूजन के अनेकों दुर्लभ प्रमाण मिलते हें | जो यह बताते हें की यहाँ के लोग अनादि काल  से सूर्य की पूजा करते आ रहे हें | और यही वह इलाका है जहाँ ज्योतिषाचार्य  वराहमिहिर ने  विश्व प्रसिद्द सूर्य सिद्धांत की रचना की थी  | भविष्य पुराण की माने तो कालपी के निकट यमुना के तट भगवान् श्री कृष्ण के पुत्र साम्ब ने सूर्य उपासना करके कुष्ट रोग से मुक्ति पाई थी | वैदिक काल से ही भारत में सूर्योपासना का प्रचलन रहा है.पहले यह सूर्योपासना मंत्रों से होती थी.बाद में मूर्ति पूजा का प्रचलन हुआ तो सूर्य मन्दिरों का निर्माण हुआ..अनेक पुराणों में यह लेख भी मिलता है,कि ऋषि दुर्वासा के शाप से कुष्ठ रोग ग्रस्त श्री कृष्ण पुत्र साम्ब ने सूर्य की आराधना कर इस भयंकर रोग से मुक्ति पायी थी.प्राचीन काल में भगवान सूर्य के अनेक मन्दिर भारत में बने हुए थे.उनमे आज तो कुछ विश्व प्रसिद्ध हैं देश में बने लगभग १४० सूर्य मंदिरों में यदि किसी इलाके में ये सवाधिक हें तो वह है बुंदेलखंड |.वैदिक साहित्य में ही नही आयुर्वेद,ज्योतिष,हस्तरेखा शास्त्रों…