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अमर_ छत्रसाल

महाराजा छत्रसाल धामगमन दिवस पर विशेष आलेख
                                                                                                                        डॉ. जयप्रकाश शाक्य
महाराजा छत्रसाल बहुमुखी प्रतिभा के धनी, वेद, ब्राह्ममण और गौरक्षक, उदार हृदय, दानी, शूरवीर, कला-काव्य प्रेमी, यशस्वी प्रजापालक, धर्मध्वजवाहक, स्वतंत्रता के परम समर्थक, महामति प्राणनाथ पर सर्वस्व न्यौछावर करने वाले, बुन्देखण्ड नरवीरकेशरी, साकुण्डल सखी के अवतार, कुशल राजनीतिज्ञ एवं परमयोद्धा थे। वे मध्य युग में बुन्देलखण्ड राज्य के संस्थापक थे। श्रीकृष्ण प्रणामी निजानन्द सम्प्रदाय में महाराजा छत्रसाल का वही स्थान और सम्मान है जो स्थान और सम्मान श्रीराम भक्तों में श्री हनुमान जी का है। जहाँ जहाँ महामति प्राणनाथ की पूजा एवं जयघोष होता है वहाँ वहाँ महाराजा छत्रसाल की पूजा एवं जयघोष होता है। आतताइयों से रक्षा, प्राणियों का दुःख निवारण, अपने आचरण से दूसरों को चलने के लिए प्रेरित करना, आदर्श राज्य की स्थापना, स्वयं दुःख उठाकर भी प्रजा के प्रति समर्पित प्रजापालक का भाव रखना ही श्रेष्ठ राजधर्म है, जिसका निर्वाह छत्रसाल…

दिग्विजय पर आरोप लगाने वाले सत्यव्रत पर उनके ही भाई ने लगाए गम्भीर आरोप

छतरपुर/ अभिषेक व्यास /१२ दिसंबर 13 /

कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता और सांसद सत्य व्रत  चतुर्वेदी ने हाल ही में मध्य प्रदेश में कांग्रेस कि हार के लिए दिग्विजय सिंह को जिम्मेदार ठहराया था / उनके इस बयान के बाद कांग्रेस में मची सियासी घमासान के बीच आज उनके ही अनुज ने उनको कटघरे में खड़ा करने का प्रयास किया  है / /सत्यव्रत के अनुज आलोक चतुर्वेदी ने उन पर चापलूसों से घिरे रहने और खरी बात सुनने के आदि नहीं होने का आरोप लगाते हुए कहा है कि  ऐसे लोगों का पार्टी में रहने और रखने का कोई मतलब नहीं है /
छतरपुर विधान सभा से कांग्रेस के पराजित प्रत्याशी आलोक चतुर्वेदी  सत्यव्रत के छोटे भाई हें \ आलोक ने अपने बड़े भाई पर भितरघात का  आरोप लगाते हुए कहा कि वो डीलमणी सिंह को टिकिट दिलवाना चाहते थे / सिंह को टिकिट नहीं मिलने पर उनके पुत्र नितिन चतुर्वेदी ने सिंह का नामांकन भरवाया , खुले आम गाँव- गाँव जाकर उसका प्रचार किया गया / नीलम चतुर्वेदी (सत्यव्रत  कि पत्नी) द्वारा पुरे शहर में फोन किये गए / घर-घर जाकर लोगो को भ्रमित किया गया /भ्रामक प्रचार किया गया  पारवारिक विवाद को लेकर सत्यता क्या ये सब जानते हें /…

विधान सभा चुनाव में छतरपुर जिले के दावेदार

2013_महाराजपुर 48  विधानसभा में 15 उम्मीदवार 
कांग्रेस से महेंद्र सिंह, भाजपा से मानवेंद्र सिंह,  बसपा से राकेश पाठक,  एनसीपी से वीरेंद्र पाठक, सपा से अंजुल सक्सेना, अपना दल से महेंद्र कुमार चौरसिया, समानता दल से महेश चंद्र कुशवाहा, राष्ट्रीय शक्ति चेतना पार्टी से रविंद सिंह बुंदेला निर्दलीय उम्मीदवार _
उमाशंकर चौरसिया, परमभक्त यादव, रामदास अनुरागी, वीरेंद्र रिछारिया, सुरेंद्र कुमार, संजय पाराशर, संदीप रिछारिया कुल 15 उम्मीदवार चुनाव मैदान में रह गए हैं।
चंदला में एक भी नाम वापस नहीं
भाजपा से आरडी प्रजापति, एनसीपी से रामसेवक वर्मा, कांग्रेस से हरप्रसाद अनुरागी, बसपा से हल्के प्रसाद,  बसपा से राजकुमार सपा से शिवरतन उम्मीदवार हैं। 
राजनगर एक दर्जन लोग मैदान में 
भाजपा से डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, कांग्रेस से विक्रम सिंह,  बसपा से बाला प्रसाद, सपा से धमेंद्र सिंह । निर्दलीय उम्मीदवार __कमलापत अग्निहोत्री, इमरान, नीरज, बृजेश, राजेश कुमार, रामनरेश, रामप्रसाद, रामेश्वर प्रसाद चुनाव मैदान में हैं। 

छतरपुर विधानसभा क्षेत्र
भाजपा से ललिता यादव, कांग्रेस से आलोक चतुर्वेदी,  एनसीपी से अब्दुल समीर, बसपा से प्रहलाद, स…

ELECTION rESULT_MAHRAJPUR_1952_2008

MAHRAJPUR-48NOsnYearName Of CandidatePartyVote%NoVotarVoting111952Nathuram AhirwarJansangh12466362527231782DhaniRam AhirwarCongres865240.04%3PuranPSP2060211967LaxmanDas AhirwarCongres11005564577241722Nathuram AhirwarJansangh994440.213HariRamPSP1222311972Nathuram AhirwarJansangh14478469643302152LaxmanDas AhirwarCongres1123043.393SarjuLalsoslist1625411977Ramdayal AhirwarJantaParty2408862.8393021383632LaxmanDas AhirwarCongres1335443.013Babu Lal AhirwarIND921511980LaxmanDas AhirwarCongres166045100375363282Ramdayal AhirwarBJP1199737.35611985Babu Lal AhirwarCongres1718541.99114978420942Ramdayal AhirwarBJP1578238.536.613Dhuram AhirwarCPI33118.074

बुंदेलखंड में भारी पड़ेगी उमा भारती की उपेक्ष

रवीन्द्र व्यास 
बुंदेलखंड _ में चुनावो का शंख नाद हो चुका है / मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री नरेंद्र मोदी के नक़्शे कदम पर चलकर अपना खुद का वजूद पार्टी को बताने में जुटे हें / अपने इस अभियान के तहत उन्होंने मध्य प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनवाने वाली उमा भारती को दरकिनार कर दिया है \  मध्य प्रदेश के पहले चुनाव में 4 . 71 फीसदी वोट लेकर उमा भारती ने कांग्रेस को 2008 में सत्ता में  आने  से रोक दिया था , अन्यथा 5. 24 फीसदी मतों के अंतर से हारने वाली कांग्रेस कहीं और होती /  बुंदेलखंड में तो यह आंकड़ा और भी खतरनाक है \ यहाँ उमा भारती को 12. 34 फीसदी मत मिले थे , और उसके दो प्रत्याशी चुनाव जीते थे चार स्थानो पर वे जीत कि कगार पर थे \ जब कि इस इलाके में कांग्रेस और बीजेपी के मतों मात्र 3. 63 फीसदी मतों का ही अंतर था ।  तीसरी बार सरकार बनाने का सपना संजोय शिवराज सिंह को बुंदेलखंड में उमा कि उपेक्षा भारी पड़ सकती है । 
देखा जाए तो मध्य प्रदेश में सत्ता के बाहर बैठी कांग्रेस के पास खोने के लिए कुछ नहीं है और पाने के लिए प्रदेश कि सत्ता है \ इसको देख कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता अपना सब कुछ भुल…

कोई भी संत भगवान की पूरी लीला का वर्णन नहीं कर सकता//।मैथिलीशरण भाईजी

(लखनलाल असाटी) छतरपुर, । कल्याण मंडपम् में  शरदपूर्णिमा की रात्रि में रामकथा कहते हुए मैथिलीशरण भाईजी ने कहा कि शरदपूर्णिमा को ही भगवान श्रीकृष्ण ने वृंदावन में महा रासलीला की थी और शरदपूर्णिमा को ही जनकपुर में भगवान श्रीराम व किशोरीजी ने पुष्प वाटिका में एक दूसरे को पहलीबार देखा था। देवता भी जानते हैं कि अमृत से शरीर को तो तृप्त किया जा सकता है पर मन को तृप्त करने के लिए भगवान के रूपामृत की जरुरत है इसलिए अमृत पान करने वाले सभी देवता आकाश में स्थिर होकर भगवान की मनोहारी महा रासलीला का आनंद लेने से नहीं चूके।             भाईजी ने कहा कि भगवान तो भाव के ग्राहक हैं इसीलिए तो गोपियों के साथ महारास में श्रीकृष्ण गोपियों का भाव रखने अनेक रुपों में प्रगट हो गए और प्रत्येक गोपी के हाथों को हाथ में लेकर उन्होंने नृत्य किया। यही स्थिति वनवास से लौटकर अयोध्या में भगवान राम की थी। गुरु, माताएं, भाई, सखा, सेवक सभी भगवान से अपने-अपने भाव अनुरुप मिलना चाह रहे हैं। प्रेमातुर सब लोग निहारी। कौतुक कीन्ह कृपाल खरारी।।           अमित रुप प्रगटे तेहि काला। जथा जोग मिले सबहि कृपाला।।             उसी समय कृप…

मृत्यु और जीवन एक दूसरी के पूरक हैंooभाईजी

(लखन लाल असाटी) छतरपुर,  व्यक्ति के जीवन रूपी धारा के दो घाटों का नाम हरिकृपा और हरि इच्छा है। जब भी कुछ अनुकूल घटे तो उसे हरिकृपा और जब प्रतिकूल घटे तो उसे हरिइच्छा मानकर संतोष कर लीजिए। अनुकूल और प्रतिकूल दोनों ही परिस्थितियों में भगवान को नहीं भूलिए।छतरपुर के  कल्याण मण्डपम् में ''हरि अनंत हरि कथा अनंता" पर तीसरे दिन प्रवचन करते हुए मैथिलीशरण भाई जी ने कहा कि जब हम मौसम में 'पतझड़ को सहजता से स्वीकार कर लेते हैं तो जीवन में प्रतिकूलता को क्यों नहीं?             युगतुलसी पं. राम किंकर प्रवचन माला में उनके शिष्य भाई जी ने कहा कि जब सूर्य उदित हो रहा होता है तो वह सबसे पहले पश्चिम को ही देखता है, जहां उसे अस्त होना है। इसी तरह अस्ताचल सूर्य की नजर पूरब पर होती हैं, जहां अगली सुबह उसका उदय होना तय है। सूर्य के उदय और अस्त होने के उदाहरण को उन्होने मानव जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुये उन्होनें कहा कि मृत्यु और जीवन एक दूसरी के पूरक हैं। जीवन में जो मिल रहा है उसे हरिकृपा माने और दु:खो को भगवान के चरणों में विलीन कर दें। जीवन में पश्चिम आने का तात्पर्य है कि जीवन में …

कोई भी ज्ञानी या मूर्ख नहीं होता ;;भाई जी

(लखन लाल असाटी) छतरपुर, । भगवान राम ने किसी के अंदर कोई परिवर्तन करने की जगह उसके स्वभाव को जस का तस स्वीकार कर लिया, यही राम राज्य बनाने की कला है। जो व्यक्ति जैसा है, उसमें जो गुण है उसे स्वीकार कर लीजिए। यह कथा युग तुलसी रामकिंकर जी के कृपा पात्र मैथिलीशरण भाई जी ने बुन्देलखण्ड परिवार द्वारा कल्याण मंडपम् में आयोजित सप्त दिवसीय रामकथा के पहले दिन क ही। प्रांरभ में कथा प्रसंग से परिचय कराते हुए वरिष्ठ पत्रकार व संपादक विनीत खरे ने साकेतवासी नारायणदास अग्रवाल बड़े भैया को स्मरण कर उनके प्रयासों को सतत जारी रखने के लिए कथा आयोजक जयनारायण अग्रवाल जय भैया व कथा रसिक श्रोताओं का स्वागत किया। रामकथा सुनने अपर आयुक्त वाणिज्यकर व पूर्व कलेक्टर राजेश बहुगुणा, जिला जज उपभोक्ता फोरम पी.के.श्रीवास्तव, ए.डी.जे. कृष्ण मूर्ति मिश्रा प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
            ''हरि अनंत हरि कथा अनंता। कहहिं सुनहि बहुबिधि सब संता।।  प्रसंग पर कथा कहते हुए भाई जी ने कहा कि जब अनेक रंगो को मिलाकर एक सुंदर चित्र की रचना हो सकती है तो अलग -अलग स्वभाव व वृत्तियों के लोगों को मिलाकर सुंदर समाज और संसार की…

वोट हमारा, उम्मीदवार हमारा "

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लोकउम्मीदवारकीखोज

बुंदेलखंड के छतरपुर जिलेकेबिजावरविधानसभाक्षेत्रमेंलोकतंत्रकाएकनयाचेहरादेखनेकोमिलरहाहै /  राष्ट्रिययुवासंगठननामकसंगठनगाँव-गाँवमेंमतदाताचौपाललगारहाहै / चौपालमें " हमाराविधायककैसाहो" जैसे गंभीर विषय पर ग्रामीण चर्चाकर