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May, 2016 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

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 बुंदेलखंड में जनता त्रस्त सरकार मस्त 

रवीन्द्र व्यास 
बुंदेलखंड _ केदर्दकीहरपलसुर्खियाबनतीहैंदेशदुनियाकेसमाचारमाध्यमोंमें।सुप्रीमकोर्टभीदर्दकीदवादेनेकेनिर्देशसरकारकोदेताहै ,परनादवामिलीऔरनादर्दकमहुआ।येहालाततबहैंजबसुप्रीमकोर्टस्वयंजांचदलभेजकरबुंदेलखंडकेहालातोंपरनजरबनायेहुएहै।उत्तरप्रदेशकेबुंदेलखंडइलाकेमेंकेंद्रीयजांचदलसूखेकीस्थितिकाजायजालेनेकईगाँवोंमेंपहुंचाथा।दलनेभीमानाथाकीबुंदेलखंडकेहालातवाकईबहुतखराबहैंनापीनेकोपानीहैऔरनाहीखानेकोअनाज।मध्यप्रदेशवालेबुंदेलखंडइलाकेकेटीकमगढ़जिलेकाजायजालेनेजबयहदलपहुंचातोउसेयहांकेहालातऔरभीबदत्तरमिले।मराठवाड़ासेहोकरबुंदेलखंडआयेस्वराजअभियानकेसंयोजकयोगेन्द्रयादवअबयहांकेवास्तविकहालातसेसुप्रीमकोर्टकोअगस्तमेंहोनेवालीपेशीमेंअवगतकराएंगे।तयहैकीसुप्रीमकोर्टजांचदलवायोगेन्द्रयादवकीरिपोर्टसरकारकोएकबारफिरउसकीसामाजिकजिम्मेदारियोंके

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जतन जल सरक्षण के 
रवीन्द्र व्यास 

सूखे से बदहाल और बून्द -बून्द पानी को तरशते बुंदेलखंड के लोग  संकट के समाधान के प्रयास में जुट गए  है । उन्हें अब ना सरकार का भरोषा रह गया है और ना ही प्रशासन का । पानी के नाम पर हुई लूट खशोट ने आम जन मानस को हिला कर रख दिया है । इन हालातों से निपटने के लिए लोग  खुद गेंती फावड़ा लेकर मैदान में आ गए  है । इस पर भी  तंत्र की बेशर्मी देखिये वह ऐसे लोगों की मदद करने से भी परहेज कर रहा  है । कम ही ऐसे प्रशासनिक अधिकारी हैं जो लोगों के इस अभियान में सहभागी बने हैं ।  नदी को जीवंत बनाने में जुटे नौजवान : 
संस्कृति और सभ्यताओं को विकसित करने वाले जल श्रोत जब दम तोड़ने लगें तो मान लो की अब समाज सुरक्षित नहीं हैं । वर्षो की उपेक्षा का परिणाम आज सबके सामने है । खतरे की घंटी तो बहुत पहले बज चुकी थी , वो तो हम अपनी आदतों से मजबूर हैं जो इस खतरे को समझ कर भी बेफिक्र रहे । आज जब हालात बेकाबू हो गए तब हमें अपनी गलतियों का एहसास हुआ । और चल पड़े हैं मंजिल की तलाश में  ऐसे ही हालात से जूझते बुन्देलखण्ड के लोग अब अपनी जल संरचनाओं को सहेजने में जुट गए हैं । नोगाँव में लोग नदी …

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सड़क से संसद तक बुंदेलखंड का पानी 



रवीन्द्र व्यास 
बुंदेलखंड में पानी की रेल  केंद्र ने क्या भेजी ,बुंदेलखंड की सड़कों से लेकर संसद तक समाजवादी नेताओं ने कोहराम मचा डाला । पानी की कमी को लेकर चिंता जताने वाला तंत्र रेल के आते ही कहने लगा हमारे पास पानी की कमी नहीं है । फिर हम ये पानी रखेंगे कहाँ , हमें टेंकर दो । राज्य सभा में तो सपा नेताओं ने रेल मंत्री पर पानी को लेकर राजनीति करने का आरोप ही लगा डाला और उनसे इस्तीफे की मांग कर डाली ।  उत्तर प्रदेश की  सपा सरकार  को भय है की कहीं लोगो ने मोदी सरकार द्वारा भेजे गए पानी को पी लिया  तो उनके द्वारा राहत पैकेट में दिया जा रहा नमक घुल जाएगा और 2017 के चुनाव में बुंदेलखंड उनसे दूर हो जाएगा ।                                         मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में विभक्त  लगभग दो करोड़ की आबादी वाले बुंदेलखंड इलाके के  13 जिलों में ६ मध्य प्रदेश के और 7 जिले उत्तर प्रदेश में हैं । 2017 में उत्तर प्रदेश में चुनाव हैं इसलिए सूखे का मुख्य केंद्र उत्तर प्रदेश का बुंदेलखंड इलाका है । यहां की चारो  लोकसभा सीटे बीजेपी के पास हैं , विधान सभा की 19 सीटों …

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बुंदेलखंड की डायरी 
सरोवर  से सरोकार 

रवींद्र व्यास 
बुंदेलखंड के पन्ना जिले के कलेक्टर के पास छोटे छोटे बच्चे अपनी गुल्लक की जमा पूंजी , तो कोई बच्चा अपने जन्म दिन पर मिली उपहार की राशि लेकर पहुंचे । इन बच्चों ने जब उन्हें यह बताया की वे यह राशि नगर के धर्म सागर तालाब की खुदाई  के लिए देने आये हैं तो बरबस ही कलेक्टर की आँखें भी नम हो गई ।  पिछले एक माह से पन्ना नगर के प्रमुख धर्म सागर तालाब की खुदाई का काम चल रहा है । तालाब की इस खुदाई में यहां की जनता और प्रशासन कंधे से कन्धा मिलाकर अभियान में जुटे हैं । क्या मालिक ,क्या मजदूर ,क्या धर्म क्या जाति , हर कोई तन मन और धन से जल की जंग में जुटा है ।पन्ना के ही बुजुर्ग बताते  हैं कि  पन्ना में ऐसा अभियान वर्षो पहले तब देखने को मिला था जब पन्ना को जिला बनवाना था । इस सब के बीच कुछ ऐसे भी राज तत्व हैं जिन्हे यह अभियान रास नहीं आ रहा है । 

 जनवरी और फरवरी माह में यहां के लोगों ने धर्म सागर तालाब और इससे जुड़े 56 कुओं की दशा देख कर जल संकट का अनुमान लगा लिया था ।पन्नाकाकभीनासूखनेवालाधर्मसागरतालाबजबसूखनेलगातब प्रशासन को भी आनेवालेखतरेका अहसासहुआ।पन…