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लोक मे बची रहे बुंदेलखंड की लोकसंस्कृति

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 बुंदेलखंड की डायरी 
रवीन्द्र व्यास 
 बसंत ऋतू के आस पास  बुंदेलखंड इलाके में  बुन्देली  सस्कृति के रंग घरों से निकल कर मंचों पर बिखरने लगते हैं । आधुनिकता की दौड़ में और हम कहीं ना कही अपने सांस्कृतिक मूल्यों ,परम्पराओं और तो और भाषा को ही भूलते जा रहे हैं ।  लोकसंस्कृति  को बचाने और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से अवगत कराने के लिए छतरपुर जिले के एक छोटे से गाँव बसारी में पिछले २० साल से  बुन्देली उत्सव होता  आ रहा है । बगैर किसी राजकीय सहयोग के सिर्फ लोगों के आर्थिक सहयोग से होने वाला यह  आयोजन  भी दरअसल राजनैतिक दुराग्रहों का शिकार है ।२१ वे बुन्देली उत्सव के आयोजन के दौरान १७ फरवरी से २१ फरवरी तक यह  गाँव उल्लास और उमंग से सराबोर रहा । ऐसा भी नहीं है की बुन्देली लोकसंस्कृति  पर आयोजन सिर्फ इसी गाँव में होते हो , ऐसे आयोजन पन्ना , दमोह , टीकमगढ़ जिले में भी होते हैं । 
                                            ये बुन्देली उत्सव के आयोजन का ही फल है की इस छोटे से गाँव में एक विशाल स्टेडियम बन गया । इस मैदान पर  आयोजन के दौरान जब छोटे छोटे बच्चों को गिल्ली डंडा खेलते हुए लोग देखते हैं तो …

चुनाव मे फिर याद आया बुंदेलखंड राज्य

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बुन्देलखण्ड की डायरी 
रवीन्द्र व्यास  
उत्तर प्रदेश के   बुंदेलखंड इलाके की 19  विधान सभा सीट के मतदान के लिए मात्र 4   दिन  शेष बचे हैं ।  प्रचार का दौर भी चरम पर  पहुंच रहा है , त्रिकोणीय संघर्ष के इस दौर में   हर वो दांव चला जा रहा  है जो किसी भी तरह से उनके लिए लाभ कारी हो । मतदान  के बाद उन सभी वायदों को भुला दिया जाता है । ऐसा ही कुछ बुंदेलखंड राज्य की मांग के साथ हो रहा है । फिर चुनाव में बुंदेलखंड राज्य की मांग ने जोर पकड़ा है । ,मायावती  ने अलग बुंदेलखंड राज्य की बात कह कर और राजनैतिक दलों को भी इस मुद्दे पर बोलने को मजबूर किया है । उमा भारती तो यह कहने से नहीं चूक रही की पिछले 40 साल से में बुंदेलखंड राज्य की मांग का समर्थन कर रही हूँ । 
                                            झाँसी की जन सभा में बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने बुंदेलखंड के लोगों को भरोसा  दिलाया की  प्रदेश में  बसपा सरकार बनने पर हर हाल में अलग राज्य बनवाया जाएगा । इसके लिए केंद्र पर दबाव बनाया जाएगा और जब तक अलग बुंदेलखंड राज्य नहीं बन जाता केंद्र को इसके लिए मजबूर किया जाता रहेगा । उन्होंने लोगों को याद दिल…

चुनाव मे बुंदेलखंड की भूख और गरीबी से नहीं किसी को सरोकार

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बुंदेलखंड की डायरी 


रवीन्द्र व्यास 



सियासत के गलियारे से लेकर अपराध के गठजोड़ तक  बुंदेलखंड इन दिनों चर्चा में है । दो राज्यों में बटे बुंदेलखंड के उत्तर प्रदेश  वाले इलाके में चुनावी चर्चा जोरों पर है । इस चुनावी शोर में पार्टियों के मुद्दे  में टेक्स के नाम पर  जनता की गाडी कमाई से की गई लूट को मुफ्त लुटाने का शोर भी खूब हो रहा है । बुंदेलखंड की तक़दीर और तस्वीर बदलने  के लिए बुंदेलखंड विकाश बोर्ड बनवाएगी, बुंदेलखंड में सिचाई के लिए अलग फंड बनाएगी  बीजेपी जब की सपा कहती है की इतना पानी देंगें की बुंदेलखंड के किसान दो फसल आसानी से ले सकें । पर राजनैतिक दलों के राजनैतिक स्वांग  में बुंदेलखंड के असल मुद्दे दफ़न हो कर  रह गए । 

23 फरवरी को उत्तर प्रदेश के चौथे चरण का मतदान होगा । इसमें बुंदेलखंड के जालौन ,झाँसी ,ललितपुर ,महोबा ,हमीरपुर ,बांदा ,और चित्रकूट की 19 विधान सभा सीट के लिए मतदान होगा । 9 फरवरी को नाम वापसी के बाद से इन सीटों पर चुनावी प्रचार ने जोर पकड़ना शुरू कर दिया है । सपा और कांग्रेस के गठबंधन के कारण इस बार सभी 19 सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है ।2012 के चुनाव…

नदी बचाने के लिए जद्दोजहद

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बुन्देलखण्ड की डायरी
रवीन्द्र व्यास देश में जहां एक और जल सहेजने के जतन में आम आदमी जहां चिंतित  है ,वहीँ सरकार वाहवाही लूटने के जतन  में जुटी है । मामला चाहे देश का हो अथवा प्रदेश का कागजी घोड़े तो खूब दौड़ते हैं पर यथार्थ के धरातल पर अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते ।   मध्य प्रदेश  के  मुखिया नर्मदा नदी को बचाने के  लिए अभियान चला रहे हैं।  वही बुन्देलखंड की प्रमुख और एशिया की गैर प्रदूषित केन नदी को बचाने के लिए ग्रामीणों को भूख हड़ताल के लिए मजबूर होना पड़ता  है ।  नदी की रेत निकालने के नाम पर हो रहे  अवैध उत्खनन के कारण नष्ट हो रही केन नदी की जल धारा को लेकर ग्रामीण चिंतित हैं ।
  भूंख हड़ताल पर तीन दिनों तक  बैठे रहे  छतरपुर जिले के हिनौता गाँव के कमल सिंह का कहना है की  बीरा रेत  खदान जो केन  नदी के दुसरे छोर पन्ना जिले की सीमा में आती है।   ये खदान जुगल किशोर कंस्ट्रक्सन के नाम है ।   खदान संचालक ने  नदी के मुख्य धारा में पुल बनाया है जो की अवैध है और इसी पुल के जरिये छतरपुर जिले की सीमा जो हिनौता गाँव में आती है से अवैध उत्खनन कर रेत का परिवहन करते है \ पन्ना प्रशासन द्वारा नदी का जो  स…