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Ram

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राम से बड़ा राम का नाम
रवीन्द्र व्यास
चैत्र शुक्ल नवमी का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है। आज ही के दिन तेत्रा युग में अयोध्या के रघुकुल शिरोमणि महाराज दशरथ एवं महारानी कौशल्या के यहाँ भगवान् श्री राम  ने पुत्र के रूप में जन्म लिया था। कहते हें की दिन के बारह बजे जैसे हीशंख , चक्र, गदा, पद्म धारण कि‌ए हु‌ए चतुर्भुजधारी श्रीराम प्रकट हु‌ए तो मानो माता कौशल्या उन्हें देखकर विस्मित हो ग‌ईं। उनके सौंदर्य व तेज को देखकर उनके नेत्र तृप्त नहीं हो रहे थे।श्रीराम के जन्मोत्सव में  देवता, ऋषि, किन्नार, चारण सभी  ने शामिल होकर आनंद उठाया था | वेशे तो अयोध्या सहित सारे देश में राम नवमी का ये त्यौहार परम्परागत ढंग से मनाया जाता है ,पर  बुंदेलखंड में  राम जन्मोत्सव एक अनोखे अंदाज में मनाया जाने लगा है | छतरपुर से शुरू हुई ये परम्परा अब सारे बुंदेलखंड इलाके में फ़ैल गई है | यहाँ एसा लगने लगता है की वास्तव में क्या भगवान् श्री राम फिर से जन्म ले रहे हें , उनके जन्म के बाद लोगों के उत्साह और उम्मंग को देखकर यही लगता है जेसे भगवान् ने ही अवतार ले लिया हो | सारा शहर  राममय हो जाता है | 
भगवान् श्री …