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January, 2012 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

अनकही

किसे सुनाऊं हाले गम 
पिछले कुछ दिनों में बुंदेलखंड इलाके के कई नेताओं  से मिलने का समय  मिला | कुछ देश दुनिया का दर्द सब को बेचैन किये था |  कुछ उनकी सुनी कुछ अपनी सुनाई ,चर्चा चलती रही |  सब कुछ एसा लग रहा था मानो देश के इनसे बडे शुभ चिन्तक कहीं हें ही नहीं | उनके अन्दर झांकने का जब हमने कुछ प्रयाश किया तो उनका दर्द बाहर निकल ही आया | कहने लगे क्या बताएं प्रदेश में सरकार तो हमारी है किन्तु कोई सुनने वाला ही नहीं है | इलाके में तो अधिकारियों ने लूट मार मचा रखी है | पुलिस को क्या कहें ये तो डकेतों की पर्याय हो गई है |  मुख्य मंत्री को भी बताया की यदि हालत यही रहे तो लोगों का विशवास टूट जाएगा , और तीसरी बार सरकार बनाने का सपना चकना चूर हो जाएगा | मुख्य मंत्री जी सुन तो लेते हें पर करते कुछ नहीं हें | अब तो हमे भी लगने लगा है की उमा भारती की बी.जे.पी. में वापसी के बाद से शिवराज को बुंदेलखंड के तीन जिलों( छतरपुर,पन्ना,और टीकमगढ़) से कोई मतलब नहीं रह गया है | वे यहाँ एसे अधिकारी भेज रहे हें जो हम लोगों की कम कांग्रेसियों की ज्यादा सुनते हें | बात चली थी भ्रष्टाचार से की सत्ता धारी नेता किस त…

खजुराहो के शिल्प ने खूब लुभाया पर्यटकों को

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खजुराहो के शिल्प ने खूब लुभाया पर्यटकों को 
खजुराहो /रवीन्द्र व्यास / खजुराहो दुनिया में अपने आप में एक एसा स्थान है जिसका किसी से मुकाबला नहीं किया जा सकता है |  यहाँ के मंदिरों में जीवन की फिलोअस्फी छिपी है  | दुनिया के किसी भी मंदिर या दूसरे स्थानों पर आपको सिर्फ एक पहलू नजर आयेगा पर यहाँ आपको  धर्म, अध्यात्म, योग , भोग  जिंदगी का दर्शन सभी कुछ देखने को मिलेगा | यही  कारण है की खजुराहो के इन मंदिरों को देखने के लिए देश दुनिया से रिकार्ड संख्या में  पर्यटक आये | इस बार जो  पर्यटक आये उनने अब तक के सारे रिकार्ड तोड़ दिए |                                                                    खजुराहो के भारतीय पुरातत्व के प्रमुख राहुल तिवारी ने बतया की   खजुराहो  के मंदिरों को इस बार 97356  विदेशी  और  2 लाख 53 हजार  544  भारतीय पर्यटकों ने खजुराहो के मंदिरों को देखा | खजुराहो के इतिहास  में अब तक का ये सबसे बड़ा रिकार्ड है |  2010  में 234954  भारतीय  और 90721  विदेशी  पर्यटकों ने  दुनिया की इस अनुपम कला को देखा |     पिछले एक दशक में देखा जाये तो  इस दशक की शुरुआत  पर्यटकों की संख्या में ग…

खबर दर खबर

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काली लड़कियां से  कैसे कराएं नृत्य  खजुराहो में नस्ल भेद   का अनोखा मामला सामने आया है | यहाँ काले-गोरे का भेद करके मुंबई से बुलाए गए लोक नृत्य कलाकारों को भगा दिया गया । यहां के कंदारिया शिल्पग्राम में दिन-रात रिहर्सल करने के बाद कलाकारों में से लड़कियों के काले होने का आरोप लगाया गया। परेशान कलाकारों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। ये कलाकार  लोकनृत्य के लिए किए गए अनुबंध के अनुसार कंदरिया शिल्पग्राम में आए थे। पर इयहां पर उनके साथ काले-गोरे का भेद करते हुए उन्हें सुबह ४ बजे ही निकाल दिया गया था। कंदरिया शिल्पग्राम के डांस प्रोग्राम के मैनेजर ई. डिमेलो ने नृत्य के लिए ६ लड़के और ६ लडकियां बुलाई थीं। इस पर वे लोग आ गए और रिहर्सल भी किया। इसके बाद कहने लगे कि अब उन्हें ६ लड़की और ४ लड़के चाहिए हैं। इसके साथ ही एक लड़की को काली लड़की कहकर वापस भेजने के लिए कहा। इस पर पूरे ग्रुप ने ही काम करने से मना कर दिया तो मैनेजर डिमेलो ने उन लोगों को बाहर का रास्ता दिखा दिया।  हालांकि मामला पुलिस थाने तक पहुँच गया पर समरथ को नहीं दोष गुसाईं की युक्ति ही यहाँ चरितार्थ होती दिखती है | कंदरिया शिल्प ग्…