काली लड़कियां से कैसे कराएं नृत्य
खजुराहो में नस्ल भेद का अनोखा मामला सामने आया है | यहाँ काले-गोरे का भेद करके मुंबई से बुलाए गए लोक नृत्य कलाकारों को भगा दिया गया । यहां के कंदारिया शिल्पग्राम में दिन-रात रिहर्सल करने के बाद कलाकारों में से लड़कियों के काले होने का आरोप लगाया गया। परेशान कलाकारों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
ये कलाकार लोकनृत्य के लिए किए गए अनुबंध के अनुसार कंदरिया शिल्पग्राम में आए थे। पर इ यहां पर उनके साथ काले-गोरे का भेद करते हुए उन्हें सुबह ४ बजे ही निकाल दिया गया था। कंदरिया शिल्पग्राम के डांस प्रोग्राम के मैनेजर ई. डिमेलो ने नृत्य के लिए ६ लड़के और ६ लडकियां बुलाई थीं। इस पर वे लोग आ गए और रिहर्सल भी किया। इसके बाद कहने लगे कि अब उन्हें ६ लड़की और ४ लड़के चाहिए हैं। इसके साथ ही एक लड़की को काली लड़की कहकर वापस भेजने के लिए कहा। इस पर पूरे ग्रुप ने ही काम करने से मना कर दिया तो मैनेजर डिमेलो ने उन लोगों को बाहर का रास्ता दिखा दिया।
हालांकि मामला पुलिस थाने तक पहुँच गया पर समरथ को नहीं दोष गुसाईं की युक्ति ही यहाँ चरितार्थ होती दिखती है | कंदरिया शिल्प ग्राम का यह कोई पहला मामला नहीं है | इसके पहले राजनगर के एस .डी.एम. ने मनोरंजन कर चोरी के मामले की जांच की थी वह भी दबा दी गई |
प्रवचनों से सुधार
छतरपुर पुलिस को सुधरने के लिए डीआईजी. वेद प्रकाश शर्मा इन दिनों योग और प्रवचनों का सहारा ले रहे हें |छतरपुर पुलिस लाइन का पुलिस हाल इन दिनों धर्म और अध्यात्म का केंद्र बना हुआ है | हालांकि लोग उन्हे योग गुरु बाबा रामदेव का शिष्य मानते हें | पुलिस के अधिकारी कहते की यह सब उन्ही की माया है | पहले उन्होने नशा मुक्ति शिविर लगाया था जिसमे भी कई प्रवचन हुए | अभी हाल ही में गुजरात में एक आश्रम संचालित करने वाले स्वामी धर्मबंधु महाराज को पुलिस लाइन में आमंत्रित किया गया | उन्होने पुलिसकर्मियों को ज्ञान दिया की समाज के प्रति जिम्मेदार हों , समाज का विश्वास हासिल करे , जनता भी सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस पर विश्वास करे , मन पर नियंत्रण रखें , भय, द्वेष, घृणा और छुआछूत से दूर रहें ,|
पुलिस को सुधारने के लिए डी.आई.जी. साहब तो तरह तरह के जतन कर रहे हें किन्तु क्या करें कुछ अधिकारियों की आदतें जाती ही नहीं हें | वे तो उन लोगों को भी नशे का आदि बनाने में जुटे हें जो पहले पिटे भी नहीं थे | एसे ही एक अधिकारी को पिवाक्कड़ बनाने के लिय बाकायदा थानों के प्राभारियों को आदेश भी दिया गया है | वे भी अपने अधिकारी के आदेश को भला कैसे टाल सकते हें | इस लिए वे हर हफ्ते ढाई -ढाई हजार की चार बोतलें ग्वालियर से मंगवाते हें |
टी.आई. की अवैध वसूली
डी.आई.जी. साहब तो प्रवचनों से पुलिस को सुधारने में जुटे हें पर पुलिस है की सुधरती ही नहीं है | एसा ही एक नजारा जिले के हरपालपुर थाने में देखने को मिला | यहाँ पदस्थ टीआई और यहां के आरक्षकों के बीच शक्कर से लदी पिकअप को पकडऩे और टीआई द्वारा उन्हें छुड़ाने के प्रयास करने को लेकर बुधवार की रात को दोनों पक्षों के बीच जमकर विवाद हुआ। रात में पुलिस अधीक्षक ने इन आरक्षकों को सस्पेंड कर दिया |थाने में पदस्थ आरक्षक बृजेंद्र यादव, प्रमोद शर्मा, प्रवीण त्रिपाठी और सैनिक चंद्रभान को गश्त कर रहे थे , इसी दौरान चैकिंग करते हुए पिकअप (यूपी 95 बी 1045) को पकड़ा |, पिकअप और शक्कर के कागजात मांगने पर गाड़ी चला रहे ड्राइवर जितेंद्र सिंह ने टीआई या फिर पिक्की सेठ से बात करने के लिए आरक्षकों से कहा,| लेकिन आरक्षकों ने यह गाड़ी थाने में रखवा दी। रात करीब साढ़े 12 बजे की इस घटना के बाद सभी आरक्षक गाड़ी की चाबी और गाड़ी में सवार ड्राइवर सहित तीनों लोगों को थाने में पदस्थ हेड कांस्टेबल लक्ष्मन दाहिया को सुपुर्द करके फिर से गश्ती में निकल गए। और इसकी जानकारी एस.डी.एम., ए.एस.पी.,सी.एस.पी. को एस.पी.को भी फोन लगाया पर हमेशा की तरह उन्होने फोन नहीं उठाया | इसी बीच टीआई हारुन अली को इस मामले की जानकारी लगी। उन्होंने हेड कांस्टेबल दाहिया से गाड़ी के मामले की जानकारी मांगी और इसे पकडऩे वाले आरक्षकों को अपने निवास पर बुलाया। इन आरक्षकों के अनुसार जैसे ही वे टीआई निवास पर पहुंचे तो टीआई श्री अली ने गाली-गलौज करना शुरु कर दिया और चुपचाप गाड़ी की चाबी वापस करने के लिए कहा, पर आरक्षकों ने बिना किसी कार्रवाई के गाड़ी नहीं छोडऩे की बात कही |
अहं का अहंकार
जिंदगी से जूझती रही महिला
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पन्ना के जिला अस्पताल में प्रसव के लिए आई महिला को लेकर अस्पताल के सिविल सर्जन एक सीनियर डॉक्टर के विवाद हो गया।हंगामे के पीछे पद और प्रतिष्ठा का संघर्ष देखने को मिला जिसके चलते गर्भवती की जान पर बन आई। निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. एजी विन्चुरकर, वर्तमान सीएस डॉ. राजेश श्रीवास्तव से सीनियर हैं। डॉ. विन्चुरकर के अनुसार वह सीनियर हैं। अब एक सीनियर डॉक्टर अपने जूनियर की बात कैसे माने, इसी पर इतना विवाद बढ़ा कि पूरे अस्पताल में हंगामा मच गया। डॉ. विन्चुरकर ने सीएस पर राजनेताओं से मिलकर उन्हें नीचा दिखाने के आरोप भ लगाए । वे अपनी पत्नी के साथ कोतवाली में शिकायती पत्र थाना प्रभारी को दे आये । डॉ. राजेश श्रीवास्तव सी.एस. के द्वारा भी एफआईआर दर्ज करवाई गई है, जिसे कोतवाली पुलिस ने धारा २९४, ५०६ के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया।
प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला कमलाबाई निवासी ग्राम शिवराजपुरा को अस्पताल में भर्ती कर सीनियर डॉ. मीना नामदेव ने जांच की और सिविल सर्जन डॉ. राजेश श्रीवास्तव को रिपोर्ट दी। इस पर डॉ. श्रीवास्तव ने निश्चेतना विशेषज्ञ से बेहोशी का इंजेक्शन देने को कहा था |
डॉ. एजी विंचुरकर ने नाड़ी धीरे चलने और खून की कमी बताकर कमला देवी के अटेंडर से खून की व्यवस्था करने को कहा| इस पर सीएस ने डॉक्टर को अपने चेंबर में बुलाकर जानकारी ली| जहाँ दोनों में विवाद हुआ विवाद के बाद ओटी से गर्भवती महिला कमलाबाई को सतना के लिए रेफर कर दिया गया।
अब इसे क्या कहा जाए जब पडे लिखे वे लोग जिन से आम जन अपनी जान की दुआ मांगते हें वे ही सड़क छाप लड़ाई लडने लगें तो बाकी से क्या उम्मीद की जा सकती है |
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08 जनवरी, 2012
खबर दर खबर_ काली लड़कियां से कैसे कराएं नृत्य
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