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Riksha

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चलाते हें रिक्शा बोलते हैं विलायती  [रवीन्द्र व्यास ]

खजुराहो  इस छोटे से कस्बे का दुनिया में बड़ा नाम है | यहाँ आने वाले हर देशी -विदेशी पर्यटक का यहाँ के रिक्शा चालकों ,हाकरों से वास्ता पड़ता है |हर कोई इनकी वाक् पटुता से मोहित भी होता है | पर जब उसे यह पता चलता है कि विलायती जुबान में बोलने वाले ये लोग पड़े लिखे नहीं बल्कि अंगूठा छाप हैं ,तो उनके आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहता है | पर यह उनकी मार्केटिंग का तरीका  है जो ग्राहकों को उन्ही कि भाषा में बोल कर प्रभावित करता है |  यहाँ सौ से ज्यादा रिक्शा ,ऑटो चलाने वाले वा दो सो से ज्यादा  हाकर हैं | इनमे से ज्यादातर सिर्फ अंगूठा छाप हैं | पर जब भी कोई विदेशी टूरिस्ट इन्हें मिलता है ये उसी कि जुबान में उससे बात करने लगते हैं | अंग्रेजी ,जापानी ,फ्रेंच,स्पेनिश,जर्मन,इटेलियन ,कोरियाई ,इजरायली जेसी भाषाएँ बेधड़क होकर बोलते हैं | टूरिस्ट भी रिक्शे वालों के मुह से अपनी भाषा सुनकर सहज ही आकर्षित हो जाता है ,और रिक्शा पर बैठने को मजबूर हो जाता है | गाँव से रोजगार कि तलाश में खजुराहो आये रामलाल को जब कोई काम नहीं मिला तो  रिक्शा चलाने लगा | वो अपनी जिन…

Bhagvaan Hue bimaar

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भगवान भी हुए बीमार रवीन्द्र व्यास   दुनिया के बढते तापमान से अब भगवान् भी बेहाल होने लगे हैं | वे मंदिर से बाहर क्या निकले उन्हे लू लग गई | लू भी एसी लगी की पंद्रह दिनों के लिए  वैद राज ने आराम की सलाह दे डाली  | अब भक्त भी परेशान हें  और भगवान् भी | ये सब हो रहा है मध्य प्रदेश के पन्ना में | ; यहाँ जगन्नाथ स्वामी  अपनी बहिन सुभद्रा और भाई बलदाऊ के साथ बीमार हो गए हैं |  हर साल की तरह इस साल भी भगवान् जगन्नाथ स्वामी अपने भाई बलदाऊ .बहिन सुभद्रा के साथ मंदिर से बाहर आते  हैं \ स्वामी जी के इस स्वरुप को देखने के लिए श्रद्धालु बड़ी संख्या में जुटते हैं | उनका शंख झालर बजा कर स्वागत किया जाता है | उनके स्नान के बाद जब उन्हे बैठाया जाता है तभी उन्हे लू लग जाती है | और  भगवान् को वापिस मंदिर में ले जाया जाता है |मंदिर के पुजारी  राकेश गोस्वामी बताते हैं की  भगवान् जगनाथ स्वामी  बहिन सुभद्रा ,भाई बलदाऊ  गर्भ गृह से निकल कर बाहर जाते हैं ,और स्नान करते  हैं  जब वापास गर्भ गृह में आते हैं  तो उनको लू लग जाती है | लू लगने से भगवान् बीमार पड़ जाते हैं |भगवान् का १५ दिन जड़ी बूटियों से इलाज होता है ,…