संदेश

February, 2011 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

: humen story

त्रासदी
आयोग के निर्देशों को नाहीं मानती मध्य प्रदेश सरकार  रवीन्द्र व्यास 
 ७० साल का वृद्ध जगदीश साहू उन बदनसीबों में से एक है  जिसे अपने ही जवान बेटे की अर्थी को कंधा देने को मजबूर होना पडा था | पिछले  ६ साल  से वह अपने बेटे के हत्यारे पुलिस वालों को सजा दिलाने के लिए भटक रहा है | मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग से मिला अधूरा न्याय  भी न्याय प्रिय  बी.जे.पी.सरकार की फाइलों में दफ़न हो कर रह गया है |  नोगांव  निवासी उमेश साहू को पुलिस ने ३ जून ०६ की सुबह उसके ही घर से पकड़ा था |उसे यह कह कर पुलिस लाइ थी की सी.एस.पी. साहब को कुछ पूछ तांछ  करनी है दो घंटे में छोड़ देंगे | तत्कालीन सी.एस.पी. प्रमोद सिन्हा की गाडी से उसे छतरपुर कोतवाली लाया गया |पुलिस ने मानवता की सारी हदें पार करते हुए  उसे जानवरों की तरह पीटा, उसके गुप्तांग में कोकोकोला की बोतल डाली गई , जब इससे भी वर्दी वालों को संतोष नहीं हुआ तो पेट्रोल डाला गया | ४ जून की रात  उसकी धर्मेंद्रा सोनी के साथ गाँजा रखने के आरोप में छतरपुर के कुंदन लोज के पास से  गिरफ्तारी दिखाई |  ५ जून को उसे न्यायालय में पेस कर जेल भेज दिया गया | जेल में उसका…

Dance Festival

चित्र
खजुराहो  की तीसरी शाम यास्मिन सिंह के नाम
संसार सारं सदा वसंतम
रवीन्द्र व्यास
खजुराहो डांस फेस्टिवल की तीसरी शाम  की शुरुआत प्रख्यात न्रत्यांगना लीना नंदा के ऑडसी नृत्य से हुई , पर इस शाम कत्थक
न्रत्यांगना यास्मिन सिंह वा आरती सिंह  की मनमोहक और भाव पूर्ण प्रस्तुति ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा | तीसरी और आखरी प्रस्तुति ज्योत्सना जगन्नाथन के भरतनाट्यम की हुई |
कथक  शास्त्रीय न्रत्य की ऐसी विधा है जिसमे  कथा के कथानक पर नृत्य की भाव पूर्ण प्रस्तुति दी जाती है | रायपुर से आई यास्मिन सिंह ,और आरती सिंह के ग्रुप ने  ये प्रस्तुतियां  दी | जिसमे अनादी अनंत प्रभु की लीलाओं को विशुद्ध गीत की बंदिशों के साथ पेश किया | राजगढ़  घराने की कत्थक
न्रत्यांगना  यास्मिन सिंह वा आरती सिंह ने शिव आराधना के साथ नृत्य पेश किया | ठाट ,सवाल जबाब ,ठुमरी ,मध्यलय, गंगा अवतरण , आदि की प्रस्तुतियां दी | उन्होने द्रोपदी के चीर हरण के प्रसंग की प्रस्तुति दे कर दर्शकों को वाह वाह कहने पर मजबूर कर दिया|
घोडे की चाल ,हिरन की चाल , के बाद  गत निकाश की प्रस्तुति दी , जिसमे उन्होने श्री कृष्ण की गत ,मयूर की गत की कैसे …

( khajuraho Dance)

चित्र
खजुराहो नृत्य समारोह
मेरा सपना था इस मंच पर प्रस्तुति देने का *= हेमा मालिनी रवीन्द्र व्यास खजुराहो में शास्त्रीय न्रत्यो के सात दिवसीय   महा कुम्भ में नृत्य समारोह का आगाज मंगलवार की शाम फिल्म अभिनेत्री हेमामलनी और उनकी बेटिया ईसा व आहना देवल के ओडिसी नृत्य के साथ हुआ ,| छत्तीसवे अंतर्राष्टीय नृत्य उत्सव का शुभारम्भ मध्य प्रदेश सरकार के संस्कृति मंत्री लक्ष्मी कान्त शर्मा ने द्वीप प्रज्जलित कर किया
इस  विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी में कला और संस्कृति को नया आयाम देने के लिए खजुराहो नृत्य समारोह का आयोजन किया जाता है|  देश के कोने - कोने से आये कलाकार अपनी नृत्य कला को प्रस्तुत कर अपने जीवन को धन्य बनाते है , उन्ही कलाकारों में से एक है फिल्म अभिनेत्री हेमामालनी जिन्होने  अपने  नृत्य साधना के इतिहास में खजुराहो के इस मुक्ताकाशी मंच पर पहली बार कला का जोहर अपनी दोनों बेटियों के साथ दिखाया | और स्वीकारा की  खजुराहो नृत्य समारोह प्राचीन काल से चला आ रहा है ,अभी तक अच्छी  तरह से कायम  रखा हुआ है , इस नृत्य समारोह में भाग लेना ही गर्व की बात है  बहुत ही सुन्दर सा अहशास होता है , कई नर्र्त्य…