संदेश

June, 2017 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

किसान त्रस्त सरकार मस्त

चित्र
बुदेलखंड की डायरी रवींद्र व्यास

                    बुंदेलखंड के किसानो के दर्द की दवा तो नहीं मिलती अलबत्ता  हमारा दर्द कितना गहरा और गंभीर है की उसे जब फ़िल्मी पर्दे पर दिखाया जाता है तो वह भी पुरुस्कृत हो जाता है | बुंदेलखंड के किसानो के दर्द पर बनी फीचर फिल्म " बी फॉर बुंदेलखंड "  कोलकता में आयोजित इंटर नेशनल कल्ट फिल्म फेस्टिवल ना सिर्फ सराहा गया बल्कि फिल्म डायरेक्टर को इसके लिए "बेस्ट डेब्यू फिल्म मेकर " का अवार्ड भी दिया गया | फीचर  फिल्म में  कर्ज में जी रहे  किसान राम सिंह और उसके पुत्र लल्ला  के दर्द की कथा है  | जिसमे बेटा कर्ज चुकाने के लिए जमीन बेचने की बात कहता है और पिता अपने जीते जी जमीन बेचना नहीं चाहता  | नाराज होकर जब बेटा घर गाँव छोड़ कर चला जाता है तो एक बेबस पिता कर्ज की नियति  आगे हार जाता और फांसी लगाकर आत्म ह्त्या कर लेता है |

                       मंदसौर में किसान आंदोलन में पुलिस गोली में हुई मौतों के बाद से मध्य प्रदेश में   किसान लगातार मौत को गले लगा रहे हैं | बुंदलखंड में तो हालात  और भी ज्यादा खराब हैं , यहां तो दुष्काल का एक  चक्र ह…

जमीन के लिए किसानो की जंग :वन कर्मियो को बनाया बंधक

छतरपुर  / 14 जून 17 जिले के दूरस्थ क्षेत्र किशनगढ़ थाना क्षेत्र मे आज वन कर्मचारियों और किसानों मे संघर्ष हो गया । जमीन को लेकर हुए इस विवाद मे  किसानों ने वन विभाग के डिप्टी रेंजर  और दो बीट गार्ड को बंधक बना कर जमकर पिटाई की  ।        किशनगढ़ थाना प्रभारी राजेश पाड़ेय ने बताया कि नगदा गांव में वन विभाग के कर्मचारियों को बंधक बनाए जाने की सूचना मिली थी । सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर डिप्टी रेंजर और दो बीट गार्ड को मुक्त कराया गया । वन विभाग वन भूमि पर किसानों द्वारा किए गए कब्जे से मुक्त कराने व वृक्षारोपण के लिए गए थे । इस जमीन का 9 जून को सीमांकन भी हो चुका था । इसके बाद भी  ये लोग जबरन तार वगैरह लगा कर कब्जा किया हुआ था । जब वन विभाग के लोगो ने इनके कब्जे से जमीन मुक्त करने लगे  उसी समय ग्रामीणो ने  इन पर   लाठी ड़ंड़ो  से हमला  कर दिया  और तीन लोगो को बधक बना कर बुरी तरह से पीटा ।  पुलिस ने बीट गार्ड वी जायसवाल की रिपोर्ट पर मथुरा यादव, कल्लू,  चंदू,नंदू, लखन और गेदाबाई यादव सहित 12 लोगो पर 294,506 बी, 353,332,427,34 के तहत मामला दर्ज किया है ।             दूसरी ओर किसान प…

जल अभाव ग्रस्त होता बुंदेलखंड

चित्र
जल अभाव ग्रस्त होता बुंदेलखंड 
रवीन्द्र व्यास 


बुंदेलखंड का नाम आते ही लोगों की आँखों के सामने अजब गजब तस्वीरें घूमने लगती हैं | शोषित , शापित इस इलाके की बदनसीबी ही है की भू - गर्भ खनिजों ,रत्नो से सराबोर है पर जीवन जीने के लिए आवश्यक जल धीरे धीरे उससे दूर होता जा रहा है | जल , जंगल, जानवर  और जमीन  जिससे जुड़ा है जीवन और समृद्धि का एक चक्र , पर आर्थिक समृद्धि की लालसा में जीवन के इस चक्र को ही ना सिर्फ  खंडित कर दिया बल्कि इसे नेस्तानाबूद करने में जुटे हुए हैं | सामाजिक जिम्मेदारी समझने वाले लोग इसको लेकर प्रयास भी करते हैं , सरकार योजनाए भी बनाती है बजट भी देती है किन्तु तंत्र को संचालित करने वाला गिरोह योजनाओ को कागजों में साकार कर देता है और धन को अपनी तिजोरी में बंद कर देता है | जिसके चलते कागजों में जंगल लहलहा रहें हैं , और धरा जल से परिपूर्ण है | जल संरचनाओं की उपेक्षा ही  बुंदेलखंड के दुष्काल का सबसे बड़ा कारण बन कर सामने आया है | 
                                                    पिछले कुछ समय में बुंदेलखंड के इन हालातों को देख कर लोगो ने और सत्ता पर काबिज लोगों ने अपनी चिंता…