छतरपुर/ अभिषेक व्यास /१२ दिसंबर 13 /
कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता और सांसद सत्य व्रत चतुर्वेदी ने हाल ही में मध्य प्रदेश में कांग्रेस कि हार के लिए दिग्विजय सिंह को जिम्मेदार ठहराया था / उनके इस बयान के बाद कांग्रेस में मची सियासी घमासान के बीच आज उनके ही अनुज ने उनको कटघरे में खड़ा करने का प्रयास किया है / /सत्यव्रत के अनुज आलोक चतुर्वेदी ने उन पर चापलूसों से घिरे रहने और खरी बात सुनने के आदि नहीं होने का आरोप लगाते हुए कहा है कि ऐसे लोगों का पार्टी में रहने और रखने का कोई मतलब नहीं है /
छतरपुर विधान सभा से कांग्रेस के पराजित प्रत्याशी आलोक चतुर्वेदी सत्यव्रत के छोटे भाई हें \ आलोक ने अपने बड़े भाई पर भितरघात का आरोप लगाते हुए कहा कि वो डीलमणी सिंह को टिकिट दिलवाना चाहते थे / सिंह को टिकिट नहीं मिलने पर उनके पुत्र नितिन चतुर्वेदी ने सिंह का नामांकन भरवाया , खुले आम गाँव- गाँव जाकर उसका प्रचार किया गया / नीलम चतुर्वेदी (सत्यव्रत कि पत्नी) द्वारा पुरे शहर में फोन किये गए / घर-घर जाकर लोगो को भ्रमित किया गया /भ्रामक प्रचार किया गया पारवारिक विवाद को लेकर सत्यता क्या ये सब जानते हें / नितिन चतुर्वेदी द्वारा हमारे खेत पर 30 साल पुराने नौकरों को मारपीट कर भगा दिया गया था और स्वयं कब्जा कर लिया ,सत्यता ये है / और गाँव जा कर असलियत कुछ और बताई जा रही है /
पार्टी हाई कमान चापलूसों से घिरी होने के आरोप पर उन्होंने कहा कि - हाई कमान को कहा जा रहा है कि वो चापलूसों से घिरे हें में सत्यव्रत से कहूंगा कि वो चापलूसों से घिरे हें और खरी बात सुनने के आदि नहीं हें ,नहीं तो ये स्थिति निर्मित नहीं होती जो आज छतरपुर में निर्मित हुई है / छतरपुर में 15 दिन रहकर सोंग के लिए काम ना करना घर में बैठ कर मौन सहमति और परिवार के लोगो द्वारा विरोध करना ,मेने तो दसों चुनावों में उनका साथ दिया है / पूरे जी जान के साथ तन -मन-धन से जुटा रहा / मुझे एक चुनाव लड़वाया गया पार्टी के द्वारा वो उन्हे नागवार गुजरा/ और नागवार गुजरने कि वजह से पूरे घर ने विरोध किया उसका परिणाम आपके सामने है /
हाई कमान से शिकायत के सवाल पर आलोक ने कहा कि इसकी शिकायत करूंगा और मांग करूंगा कि जिस तरह से पार्टी ने टिकिट के लिए पर्वेक्षक भेज कर यहाँ से जाँच कि और प्रत्याशियों का चयन किया था इसी तरह पर्यवेक्षक भेज कर गाँव-गाँव से लें कि भितरघाती और पार्टी विरोधी गतिविधियो में कौन लिप्त है / ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्यवाही होनी चाहिए ऐसे लोगों को पार्टी में रहने और रखने का कोई मतलब नहीं है /
पारिवारिक विवाद कि जड़ में में उन्होने बताया कि मेरे द्वारा विधान सभा का टिकिट मांगना /
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