28 दिसंबर, 2012
23 दिसंबर, 2012
16 दिसंबर, 2012
14 दिसंबर, 2012
28 नवंबर, 2012
जिनने साठ साल कुछ नहीं किया वो हम से सवाल पूंछते हें =शिवराज सिंह
छतरपुर /
आज से ठीक चार साल पहले आज ही के दिन हुए मतदान में मतदाताओं ने शिवराज को पुनः मुख्य मंत्री चुना था । आज के इस दिन ही बुंदेलखंड के नेता वा पूर्व मंत्री सुनील नायक की ह्त्या हुई थी । आज के इस ऐतहासिक दिन के समय मुख्य मंत्री शिवराज सिंह ने बुंदेलखंड की धरा पर केंद्र सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर , जनता से बीजेपी की सरकार के लिए समर्थन की अपील भी कर दी । उन्होने सवाल किया की जिनने 60 साल में कुछ नहीं किया वो शिवराज से सवाल पूछते हे ।
शिवराज सिंह मंगलवार खजुराहो के समीप राजनगर के सती माता मंदिर के प्रांगण में आयोजित खंड स्तरीय अन्त्योदय मेला के कार्यक्रम में जन सभा को संबोधित कर रहे थे । उन्होने केंद्र सरकार पर पहला निशाना बुंदेलखंड के विकाश के बहाने लगाया , उन्होने कहा की हमने तो छतरपुर में विश्व विद्यालय की, नोगांव में घोषणा कर दी है । इसके लिए बजट भी तय कर दिया है किन्तु केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय में विश्व विदालय का मसला लंबित है ., इसी तरह नोगाँव के इजीनियरिंग कालेज की स्वीकृति भारत सरकार के इ,आई,सी .टी, से अब तक नहीं मिली । किन्तु में बुंदेलखंड के लोगों के साथ हूँ मुझे इसके लिए कुछ भी करना पडेगा करूंगा ।
वे यहीं नहीं रुके उन्होने लगे हाथ ये घोषणा भी कर डाली की किसानो को समर्थन मूल्य पर अब सौ रूपए का और बोनस मध्य प्रदेश सरकार अगले साल से देगी । साथ ही उन्होने केंद्र सरकार को घेरा और कहा की डीजल के दाम बड़ा दिए खाद के बड़ा दिए तो अब किसानो के गेंहू के समर्थन मूल्य 1600 रुपये किया जाये \ उन्होने कहा की इसके लिए वे पत्र भी केंद्र को लिखेंगे ।
मुख्य मंत्री शिवराज ने बुंदेलखंड की जनता के जख्मो पर अपनी वाणी का मलहम भी लगाया । उन्होने कहा की अपने पगड़ी पहना कर जो मान -सम्मान दिया है उसके लिए में अपना सब कुछ न्योछावर कर दूंगा । बुंदेलखंड वर्षो से गरीब और पिछड़े पन का शिकार है । 60 वर्षों में इस इलाके के साथ बड़ा अन्याय हुआ है । इसके लिए सडको का जाल बिछा दिया जाएगा । 2020 तक इस इलाके की 5 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित हो जाएगी । बुंदेलखंड के लिए 200 सिचाई योजनाओं पर काम चल रहा है ।मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड इलाके के बने बांधों से उत्तर प्रदेश जाते पानी को लेकर भी उन्होने कहा की एक-एक- बूंद पानी का हिसाब लिया जाएगा । उन्होने बुंदेलखंड में 600 करोड़ के एम्,ओ,यु, उद्योगों के लिए साइन होने की बात भी कही । साथ ही दावा किया की आगामी पांच सालो में मध्य प्रदेश देश का न। वन राज्य बन जाएगा ।
राजनगर में अगले शैक्षणिक सत्र से महाविद्यालय खोलने की घोषणा मुख्यमंत्री श्री चौहान ने की ।उन्होंने 6 अरब 51 करोड़ 89 लाख 37 हजार रूपये लागत राशि के 74 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।जिनमे 62 करोड़ 58 लाख रूपये लागत राशि के 23 विकास कार्यों का शिलान्यास एवं 5 अरब 89 करोड़ 21 लाख रूपये लागत राशि के 51 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। उन्होंने अंत्योदय मेले के माध्यम से कुल 22 हजार 221 हितग्राहियों को 12 करोड़ 31 लाख 4 हजार रूपये राशि का लाभ पहुंचाया। लोकार्पित किये गये कार्यों में विशेषकर उन्होंने लगभग 550 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित बरियारपुर बायाीं नहर परियोजना का उद्घाटन किया। इससे जिले में 43 हजार 850 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो सकेगी।
मुख्य मंत्री के साथ जल संसाधन मंत्री जयंत मलैया और कृषि मंत्री राम कृष्ण कुसमारिया भी थे ।
भीड़ जुटाने के लिए
सभा में भीड़ जोडने के लिए प्रशासन ने खाश इंतजाम कए थे , जिले की आंगनवाडी कार्य कर्ताओं और आशा कार्य कर्ताओं के अलावा स्वयं सेवी संथाओं, वन समितियों के लोगो को बुलाया गया था ।इसके लिए लोगों को पैसों का और भोजन का भी लालच दिया था ।गाँव से आई रमिया(70), जुआ बाई(60),बिट्टी बाई (65) का कहना था की उसे पांच सौ रुपये और खाने के लिए भोजन का कह कर लाया गया ,पर यहाँ ना खाना मिला ना पैसा।घूरा गाँव से गजिया कोरी(70 ) मोहनिया (61) पारवती(60),मुलिया (54) ने बताया की उसे 200-200 रुपये देने और खाना देने की बात कही गई थी पर यहाँ कुछ नहीं मिला ।
खजुराहो -राजनगर में आयोजित अन्तोदय मेला के कार्यक्रम में पधारे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री - शिवराज सिंह चौहान के समक्ष जिले भर से आये बेरोजगार , बेरोजगारी के चलते अनेको प्रकार की समस्याओं को लेकर अपना -अपना आवेदन हाथो में लिए हुए आश लगाये हुए बैठे मुख्यमंत्री से गुहार लगाने की प्रतीक्षा में बैठे रहे ।, यह नजारा देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था, की इनका कोई नहीं है यारो , राम भारोसे मुख्यमंत्री से मिलने की आस लगाये हुए थे ! यह देखने के बाद, मेरे मन में एक ऐसा द्रश्य आया जब जनप्रतनिधी बनने के लिए घर -घर हाथ जोड़ते और पैर पड़ते और अनेको वादे करते तथा कसमे खाकर जनता की सेवा करने की शपथ लेते , लेकिन प्रतिनिधित्व हाथो में आते ही सब कुछ उल्टा हो जाता है !पहले जनता के पैर पड़ते है फिर जनता से पैर पड़वाये जाते है !पहले वादे करते है कि,मूलभूत सुख - सुविधाए आपके पास लेकर हम आयेगे का नारा लगाते है! फिर बाद में वह अपने चक्कर लगवाते है ! और मिलने का समय भी नहीं मिलता यह कैसा लुका - छिपी का खेल है इस खेल से बचने के लिए देश के हर व्यक्ति को जागरूक होना अति आवश्यक है ! जागरूक व्यक्ति अपने अधिकारों तथा कर्यत्वो को समझ सकता है और मूलभूत सुख -सुविधाओ के लिए चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा ! वह अपने अधिकारों के तहत स्वालंबी बन सकता है!
15 नवंबर, 2012
रवीन्द्र व्यास
कहते हैं विन्ध्य पर्वत मालाओंओ से घिरा बुंदेलखंड का यह अंचल वैसे तो अपने अभावों और बदहाली के कारण जाना जाता है । इस बदहाल इलाके में ऐसी कई परम्परा और और लोक साहित्य है जो यहाँ की अपनी एक अलग पहचान बनाता है ।पर काल के गर्त में धीरे- धीरे ये परम्पराएं समाप्त होती जा रहीं हें । ऐसी ही एक परम्परा है दिवारी गीत और नृत्य । दिवाली के दूसरे दिन जहां इनके ये दल हर गली और नुक्कड़ पर दिख जाते थे अब सिमित होते जा रहे हें ।
दिवारी गीत मूलतः चरागाही संस्कृति के गीत ह़े , यही कारण है की इन गीतों में जीवन का यथार्थ मिलता है । फिर चाहे वह सामाजिकता हो,या धार्मिकता , अथवा श्रृंगार या जीवन का दर्शन । ये वे गीत हें जिनमे सिर्फ जीवन की वास्तविकता के रंग हें , बनावटी दुनिया से दूर , सिर्फ चारागाही संस्कृति का प्रतिबिम्ब । अधिकाँश गीत निति और दर्शन के हें । ओज से परिपूर्ण इन गीतों में विविध रसों की अभिव्यक्ति मिलती है ।
दिवारी गीत दिवाली के दूसरे दिन उस समय गाये जाते हें जब मोनिया मौन व्रत रख कर गाँव- गाँव में घूमते हें । दीपावली के पूजन के बाद मध्य रात्रि में मोनिया -व्रत शुरू हो जाता है । गाँव के अहीर - गडरिया और पशु पालक तालाब नदी में नहा कर , सज-धज कर मौन व्रत लेते हें । इसी कारण इन्हे मोनिया भी कहा जाता है । इनके साथ चलते हें गायक और वादक , वादक अपने साथ ढोल ,नगड़िया और मंजीरा रखते हें ,तो कहीं -कही म्रदंग और रमतूलों का भी उपयोग होता है । गायक जब छंद गीत का स्वर छेड़ता है तो वादक उसी अनुसार वाद्य यंत्र का उपयोग करता है ।
हालांकि मोनिया कोंड़ियों से गुथे लाल रंग के जांघिये और लाल पीले रंग की कुर्ती या सलूका अथवा बनियान पहनते हें । जिस पर झूमर लगी होती है , पाँव में भी घुंघरू ,हाथो में मोर पंख अथवा चाचर के दो डंडे का शस्त्र लेकर जब वे चलते हें तो एक अलग ही अहशास होता है । मोनियों के इस निराले रूप और उनके गायन और नृत्य को देखने खजुराहों में विदेशी भी ठहर जाते हें । 

दिवारी गीतों का चलन कब शुरू हुआ इसको लेकर अलग -अलग मान्यताएं हें । कुछ कहते हें की दिवारी गीतों का चलन 10वी . शत्दी में हुआ । तो कुछ का मानना है की द्वापर में कालिया के मर्दन के बाद ग्वालों ने श्री कृष्ण का असली रूप देख लिया था। श्री कृष्ण ने उन्हें गीता का ज्ञान भी दिया था। गो पालकों को दिया गया ज्ञान वास्तव में गाय की सेवा के साथ शरीर को मजबूत करना था। श्री कृष्ण ने उन्हें समझाया कि इस लोक व उस लोक को तारने वाली गाय माता की सेवा से न केवल दुख दूर होते हैं बल्कि आर्थिक सम्बृद्धि का आधार भी यही है। इसमें गाय को 13 वर्ष तक मौन चराने की परंपरा है। आज भी यादव (अहीर) और पाल (गड़रिया) जाति के लोग गाय को न सिर्फ मौन चराने का काम करते हैं\
गांव के राम लाल यादव का कहना है कि भगवान कृष्ण गोकुल में गोपिकाओं के साथ दीवारी नृत्य कर रहे थे, गोकुलवासी भगवान इंद्र की पूजा करना भूल गए तो नाराज होकर इंद्र ने वहां जबर्दस्त बारिश की, जिससे वहां बाढ़ की स्थिति बन गई। भगवान कृष्ण ने अपनी अंगुली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर गोकुल की रक्षा की, तभी से गोवर्धन पूजा और दिवारी नृत्य की परम्परा चली आ रही है।पर अब यह परम्परा अब धीरे-धीरे कम होती जा रही है । छतरपुर के रामजी यादव कहते हें की अब गाँव ही सिमट रहे हें गो पालन अब घटता जा रहा है , इसे में अब गाय चराने वाले भी सिमित होते जा रहे हें । जिसका परिणाम है की अब पहले की तरह ये दल नहीं दिखते हें । हालांकि कुछ लोग इस परम्परा को जीवित बनाए रखने का प्रयास कर रहें हें ।
28 अक्टूबर, 2012
भाई ने भाई को जिन्दा जलाया
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के दालोन गाँव में रिश्ते के भाइयों ने भाई को ही ज़िंदा जला दिया । पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है जब की दो अब भी फरार हें । ज़िंदा जलाने के पीछे कोई बड़ी वजह भी नहीं है मात्र घर के सामने बनी झोपड़ी की प्लास्टिक की पन्नी भाई के घर से छू रही थी ।
सिविल लाइन थाना इलाके के दालोन गाँव में चार कलयुगी भाइयों भरत सिंह , मंगल सिंह , कारन सिंह और उदल सिंह ने मिलकर अपने ही भाई वीरेंद्र सिंह को ज़िंदा जला दिया । आर्थिक रूप से संम्पन्न ये भाई अपने ही घर के सामने बनी छोटे भाई की झोपड़ी को बर्दास्त नहीं कर पा रहे थे । उस पर झोपड़ी की पन्नी ने जब इनकी दीवाल को छू लिया तो इनका गुस्सा सातवे आसमान पर पहुँच गया । नाराज भाइयों ने मिलकर पहले अपने छोटे भाई की जम कर लाठी -डंडों से पिटाई की , इस पर भी जब गुस्सा शांत नहीं हुआ तो उस पर मिटटी का तेल डाल कर ज़िंदा जला दिया ।
सिविल लाइन पुलिस के जांच अधिकारी आर .एल', नापित ने बताया की घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने तीस वर्षीय वीरेन्द्र सिंह को जली हुई दशा में जिला अस्पताल में इलाज के लिए भरती कराया । जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई । पुलिस ने भरत सिंह और मंगल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है । जब की कारन सिंह और उदल सिंह की तलाश जारी है । यही आज का दौर है जहां छोटी-छोटी बातों पर अपना ही खून अपनों का दुश्मन बन जाये वहां दुश्मनी गेरो से क्या करना । वीरेन्द्र के मासूम बच्चे अनाथ हो गए , दो भाई जेल चले गए दो फरार हें । क्या है?.
रवीन्द्र व्यास /छतरपुर
18 सितंबर, 2012
छतरपुर जिले में १७१ स्कूल शिक्षक विहीन
छतरपुर /जिले के के 131 मिडिल और 40 प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक नहीं, हें } जिले के दर्जनों मिडिल और प्राइमरी स्कूल इन दिनों शिक्षक विहीन हैं। जब की शहर के आसपास के स्कूलों में शिक्षकों की भरमार है। इस सबके बीच जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के काफी स्कूल अतिथि शिक्षकों के भरोसे चल रहे हैं। एजुकेशन पोर्टल पर दर्ज जानकारी के अनुसार 40 प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं। जबकि जिले में कुल 1968 प्राइमरी स्कूल संचालित हैं।
जिले में सबसे बदतर हालत मिडिल स्कूलों की है। 697 मिडिल स्कूल जिले में संचालित हैं। इनमें से 131 स्कूल शिक्षक विहीन हैं। इसके४ अतिरिक्त 9 मिडिल स्कूल ऐसे हैं, जहां पर हेड मास्टर तो पदस्थ हैं, लेकिन अन्य शिक्षकों की पदस्थापना नहीं होने से अतिथि शिक्षकों से काम चलाना पड़ रहा है। हालत यह है कि मिडिल स्कूल कंदैला-चंदला में 410 छात्र हैं। वहां पर 13 शिक्षकों को पदस्थ होना चाहिए, लेकिन कोई भी शिक्षक पदस्थ नहीं है। है।
ये है छतरपुर जिले में शिक्षा के अधिकार का जलवा | अब छतरपुर कलेक्टर को भी शिक्षा की सुध आई है उन्होने कहा है की जिले में सभी स्कूलों में कम से कम एक स्थायी शिक्षक की व्यवस्था अवश्य की जाये। केवल अतिथि शिक्षकों की जिम्मेदारी पर ही शिक्षा विभाग निर्भर न रहे। विभाग द्वारा व्यवस्था में सुधार के लिये आवश्यक उपाय सुनिश्चित् किये जायें। यह निर्देश कलेक्टर श्री राजेश बहुगुणा ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय सीमा पत्रों की समीक्षा बैठक में जिले के शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि स्कूलों की व्यवस्थाओं में सुधार हेतु जनशिक्षक प्रत्येक 03 दिन में उसके अधिकार क्षेत्र में आने वाली शालाओं का अवश्य भ्रमण करें। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व इसकी मॉनिटरिंग सुनिश्चित् करें।
छतरपुर जिले में 5471 बच्चे अति कुपोषित
छतरपुर जिले में 5471 बच्चे अति कुपोषित
छतरपुर / जिले में 5471 बच्चे अति कम वजन के पाए गए है।जिले में लगभग ढाई हजार परिवारों के साढ़े पांच हजार बच्चे अतिकुपोषित की श्रेणी में हैं। ये हाल तब है जब प्रदेश के साथ साथ जिले में अटल मिशन चल रहा है | सर्वेक्षण में ये बात सामने आई है की जिले के अधिकाँश आंगनवाडी केन्द्रों पर पोषण आहार के नाम पर बच्चों के साथ मजाक किया गया है |
शहर से ही दस किलो मीटर दूर बछरोनिया गाँव में तो महीनो से आंगन वाडी में पोषण आहार और यहाँ के स्कूल में मध्यान भोजन नहीं बटा | अब स्वयं ही अंदाजा लगाया जा सकता है की दूर दराज के गांवों की दशा क्या होगी |
अब ज़िलामहिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किए गए सर्वे में जिले में 5471 बच्चे अति कम वजन के पाए गए है | इस स्थिति को देख कर ज़िला प्रशासन अब जाग्रत हुआ है | सोमवार को कलेक्टर ने बैठक कर कहा की इन बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने एवं परिवारों की आय बढ़ाने के लिये उन्हें जिले के सभी विभाग शासकीय योजनाओं से लाभंावित करें|जिला पंचायत सीईअे श्रीमती भावना वालिम्बे ने कहा कि इसे हम चुनौती के रूप में स्वीकार कर रहे हं,ै इन परिवारों की मेपिंग कर उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोडक़र कुपोषण के खिलाफ लड़ाई लड़ी जायेगी। जिला पंचायत सभा कक्ष में सोमवार को महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारियों एवं पर्यवेक्षकों की बैठक में अति कुपोषण से निपटने की रणनीति बनाई गई।
जिला पंचायत सी.इ.ओ.श्रीमती भावना वालिम्बे ने कहा कि अति कुपोषित बच्चों को पोषण पुर्नावास केन्द्रों में
भर्ती कराकर उन्हें कुपोषण से दूर किया जाये। समय पर उनका टीकाकरण हो और आंगनवाड़ी केन्द्रों में शिशुओं एवं उनकी माताओं को सभी निर्धारित सुविधायें सहज मुहैया कराई जायें। प्रशासन ने माना है कि जब तक इनके परिवारों की आर्थिक स्थिति नहीं सुधारी जाती है तब तक समस्या का स्थाई समाधान सहज नहीं है। । अति कुपोषित बच्चे के परिवार में यदि जमीन है और सिंचाई के साधन नहीं तो उन्हें सिंचाई के साधन उपलब्ध कराए जायें। अति कुपोषित बच्चे की माँ को मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम में रसोईया के पद पर नियुक्त किया जायें। डीपीआईपी, जनअभियान परिषद और तेजस्वनी भी इन परिवारों के लिए काम करेगें। उन्होंने आंगनवाड़ी केन्द्रों के आस-पास खुली भूमि में किचिन गार्डन विकसित करने का सुझाव दिया। हरी सब्जियों के लिए बीज कृषि एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा नि:शुल्क उपलब्ध करा दिए जायेगें। इन हरी सब्जियों का उपयोग अति कुपोषित बच्चों के परिवारों हेतु होगा।
16 सितंबर, 2012
कांग्रेस का हाथ अब किसके साथ ?
ये यू.पी.ए. सरकार है जिसका मुख्य घटक कांग्रेस है ,जिसका मुख्य नारा है कांग्रेस का हाथ आम आदमी के साथ _ और अब लगता है ये हाथ आम आदमी के साथ नहीं बल्की आम आदमी की गरदान का नाप लेने तक साथ है _ , ऐसी कांग्रेस और सरकार के मुखिया हें मनमोहन सिंह , वे इन दिनों काफी व्यस्त हें ,उनके पास अब जनता के मन को मोहने का वक्त नहीं है | असल में वे किसी दूसरे का मन मोहने में व्यस्त हें | सोनिया जी का मन मोहा तो प्रधान मंत्री बन गए ,अब वे देश की जगह दुनिया के बडे रंग दार का मन मोहने में जुट गए हें , अब जाने वे क्या बन जायेंगे ?
घोटालों::कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाला, टूजी स्पेक्ट्रम घोटाला और कोयला खदान आवंटन घोटाला, इन सभी घोटालों की आग से जल रहे देश में उन्होने एसा डीजल और जलने वाली गैस फेंकी - की देश का हर आदमी बेचेन हो उठा | इससे भी वे संतुस्ट नहीं हुए तो गाँधी के सपनो को धता बता कर ऍफ़.डी.आई. की मंजूरी दे दी | ये सब कुछ उन्होने किया गाँधी परिवार के आशीर्वाद और मल्टी नॅशनल कम्पनियों के बल से | कहते हें की इन्ही के बल बूते पर ही इनका दल देश का सबसे बड़ा पूंजी पति दल है |
कई दलों के समर्थन पर टिकी उनकी सरकार के खेल भी बडे निराले हें | सरकार की बैठकों में उनका साथ देने वाले दल बाहर आकर उनका विरोध करते हें |शायद ये नेता देश की जनता को जरुरत से ज्यादा मूर्ख समझने लगे हें , तभी तो इस तरह की हरकत करते हें | अन्यथा क्या वजह है की देश की चिंता का स्वांग करने वाले ये दल -{दल } अब तक इस सरकार को समर्थन दे रहे हें |
उस पर सरकार का तुर्रा ये की देश को इन पेट्रोलियम उत्पादों में सब्सिडी देना पड़ती है जिस से करोड़ों {१.लाख ३२ हजार करोड़ } का घाटा हो रहा है | देश की जनता नहीं चाहती की देश की अर्थ दशा खराब हो वो भी आम आदमी के कारण | उसकी तो बस एक छोटी सी बिनती है की देश को विदेशियों के हाथों ना बेंचो ? बार - बार तेल गेस के दाम बढाने से अच्छा है की एक ही बार में जितने दाम हों बड़ा लो , गेस पर से भी सब्सिडी हटा लो ? आखिर इस देश में जो की तर्रक्की वाला विकाश शील _ से विकशित देश बन रहा है उसके विकाश में आम आदमी का अवरोध रहना ही नहीं चाहिए ? एसे लोगों की इस देश में जरुरत ही क्या है ? देश को जरुरत है संम्पन और सम्रद्ध लोगों की मल्टी नेशनल वाले पूंजी पतियों की | उनके चमचमाते बंगलों और फेक्टरियों , शो रूमों से देश की शान बढेगी | इस लिए एसे लोगों की मदद की जाना चाहिए , सरकार कर भी रही है , देश के बड़े कॉरपोरेट घरानों को 10 लाख करोड़ रुपए पिछले तीन साल में टैक्स छूट दी|
अब अगर सरकार आम आदमी के लिए डीजल और एलपीजी पर सब्सिडी देगी तो ये लोग खुश हाल जिन्दगी जी लेंगे , फिर ये बेचारे इन कॉरपोरेट घरानों में नौकरी नहीं करेंगे इस लिए इनको आर्थिक तौर पर इतना तोड़ दो की ये बेचारे लाचारी में ही सही इनके द्वार पर मत्था टेकने को मजबूर हो जाएँ | शायद इसी कारण अब लोग सवाल करने लगे हें की कांग्रेस का हाथ अब किसके साथ |
.कॉरपोरेट घरानों के बीच की साठगांठ(I.A.C.)
देश दुनिया में यदि कोई सबसे लाभ कारी प्रोडक्ट है तो वह है तेल, पेट्रोलियम उत्पाद और प्राकृतिक गैस,\ सरकार अब बड़े कॉरपोरेट घरानों से साठगांठ कर निजी हाथों में सौपने जा रही हैं. |तेल और गैस भंडारों को कॉरपोरेट घरानों को बांटे जाने पर न्यायपालिका भी ऐतराज जता चुकी है. पिछले 20 सालों में सरकारों ने तेल और गैस संपदा से भरपूर क्षेत्रों को गलत तरीके से निजी क्षेत्रों को सौंपा है. उससे राष्ट्र के खजाने को जो नुकसान हुआ है वह कोयला घोटाले से भी अधिक है.
राजस्थान तेल ब्लॉक को ओएनजीसी से लेकर कैर्न एनर्जी को औने-पोने दाम पर सौंप दिया गया. अनुबंध की समय सीमा खत्म होने के बाद भी कंपनी को उस क्षेत्र को अपने स्वामित्व में रखने की इजाजत दे दी गई.
कैर्न ने स्वीकार किया था कि इस ऑयल फील्ड रिजर्व में पांच लाख करोड़ का तेल था जबकि उस तेल को निकालने की लागत केवल तीन प्रतिशत है. ओएनजीसी को इस तेल क्षेत्र से केवल 30 फीसदी हिस्सा मिला लेकिन उसे रॉयल्टी की पूरी रकम चुकानी पड़ी. अगर यह तेल क्षेत्र ओनजीसी से वापस नहीं ले लिया गया होता तो देश को यह तेल काफी सस्ते में उपलब्ध होता.
उसी तरह गोदावरी गैस बेसिन में, जो कि देश का सबसे बड़ा बेसिन है, उसे उत्पादन में साझेदारी के एक अजीबोगरीब समझौते के तहत रिलायंस के हवाले कर दिया गया. रिलायंस ने लाभ को कम दिखाने की नीयत से गैस निकालने की लागत को मनमाने तरीके से बढ़ाकर दिखा दिया. चूंकि सरकार ने लाभ में साझीदारी का समझौता किया था और फर्जी तरीके से लागत बढाकर रिलायंस ने लाभ की राशि घटाकर दिखा दी, इस कारण देश को उसका वाजिब हिस्सा नहीं मिल पाया.
तेल और गैस जैसे देश के प्राकृतिक संसाधनों को निजी हाथों में सौंपने की नीति तत्काल बंद की जाए. निजी क्षेत्रों को अब तक जो आवंटन हुए हैं उसकी एक स्वतंत्र जांच कराई जाना चाहिए |
15 अगस्त, 2012
एक छोटे से गाँव से उठाई बच्चों ने अधिकारों की आवाज
बच्चों की ग्राम सभा :
रवीन्द्र व्यास
रवीन्द्र व्यास
बुंदेलखंड का यह इलाका वह बदनसीब इलाका है जो दोहरी गुलामी का शिकार रहा जिसका असर आजादी के ६५ साल बाद भी देखने को मिल जाता है | एसे ही इलाके के छतरपुर जिले के एक छोटे से गाँव पनागर के स्कूली बच्चों ने आजादी दिवस के एक दिन पूर्व एक अनोखी बाल ग्राम सभा लगा डाली |
जिसमे मासूम बच्चों ने देश के ४० फीसदी बच्चों के अधिकारों की आवाज उठा कर हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया | सभा में उठाये बच्चों के सवालों के जबाब वहां मोजूद गुरु जानो और पंचों के पास भी नहीं थे |
सुबह से ही गाँव में उत्साह का वातावरण बच्चों में था | हर बालक स्कूल पहुँचने की जल्दी में था | आखिर स्कूल के मैदान में उनकी सभा जो होना थी | बच्चे जुटे शिक्षक और पंच भी जुट गए | बच्चों ने मंच पर पहुँच कर सवाल करना शुरू किये _ आखिर हमारा क्या दोष है जिसके कारण शिक्षक पढाई नहीं कराते और हाफ टाइम के बाद गायब हो जाते हें ? स्कूल में गन्दगी पड़ी रहती है , सफाई नहीं होती , पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है , शोचालय तो बन गए किन्तु उनमे फाटक नहीं , खेल का कोई सामान नहीं ?
बच्चों के इन सवालों पर जब गाँव के शिक्षकों को बुलाया गया तो वे कुछ बोल नहीं पाए , गाँव के उप सरपंच ने तो ना बोलने में ही अपनी भलाई समझी |बड़ी मुश्किल में सचिव महोदय ने काम कराने का भरोषा दिलाया |
इसके बाद दौर आया बाल ग्राम सभा के प्रस्ताव पास करने का | बाल ग्राम सभा की----------- ने बच्चों की ओर से प्रस्ताव रखा की गाँव की ग्राम सभा में बच्चों के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए कार्य योजना निर्माण की जाए , |१४ नवम्बर को बाल दिवस के मौके पर ज़िला में बाल सभा {ग्राम साभा } आयोजित की जाए | बच्चों के अधिकारों के हनन और उनके साथ होने वाली हिंसा को रोकने के प्रयास किये जायं | ज़िला स्तर पर गठित बाल संरक्षण समिति को को सक्रीय बनाया जाए | प्रत्येक ज़िला में बेसहारा और परिताक्त बच्चों के लिए केंद्र खोले जाएँ |
ये बच्चे पिछले काफी समय से अपने ऊपर हो रहे अन्याय से दुखी थे | गाँव के इन बच्चों ने अपनी पीड़ा को व्यक्त करने के लिए सोचा क्यों ना गाँव की ग्राम सभा की तरह हम भी अपनी बाल ग्रामसभा करें | बच्चों के इस विचार को आवाज दी जिले की महिला समिति ने , जिले के बिजावर विकाश खंड के ३४ गाँव में बाल समिति गठित की गई | इसका अध्यक्ष पूजा दुबे को बनाया गया | पूजा दुबे के अनुसार _ देश में ४० फीसदी बच्चे हें जिनकी ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है |गाँव के बडे तो अपनी समस्या सुना लेते हें किन्तु बच्चों की कोई नहीं सुनता | इस कारण हमने यह सभा की |
बच्चों ने सभा करने के बाद कलेक्टर राजेश बहुगुणा को ज्ञापन भी सौंपा |
09 अगस्त, 2012
पुलिस प्रतारणा से मौत मामले में एक को सजा तीन बरी ए.एस.पी. और टी.आई.पर कार्यावाही की सिफारिश
रवीन्द्र व्यास
मध्य प्रदेश में छतरपुर कोर्ट का फैसला आज सदेव याद रखा जाएगा | कोर्ट ने पुलिस के अनुसन्धान और विवेचना की कार्यावाही पर सवालिया निशान लगा दिया है | ७९ पेज के फैसले में कोर्ट ने दोषी विवेचना अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही की भी सिफारिश की है |
पुलिस प्रतारणा के कारण दो सगी बहनों ( दीपांजलि और पुष्पांजलि ) ने मई २०१० में आत्म ह्त्या की थी | आज छतरपुर कोर्ट में ड़ी.जे. विमल जैन ने इस मामले में सजा सुनाई _ आरक्षक अरविन्द पटेल को दस साल की कैद और 9 हजार रु. जुर्माना(| तीन अन्य पुलिस कर्मी प्रवीण त्रिपाठी , दिनेश सिंह, और कन्हया लाल को बरी कर दिया गया है | अनुसन्धान में गंभीर त्रुटी पाते हुए , एडिसनल एस,पी. सुनील तिवारी और तत्कालीन टी.आई. आर.के रावत के विरुद्ध कार्यावाही की सिफारिश की गई है |
ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश विमल जैन ने आज जब यह फैसला सुनाया कोर्ट में बड़ी संख्या में लोग मोजूद थे | हर किसी को इस बहु चर्चित मामले के फैसले का इन्तजार था | शासकीय अधिवक्ता राकेश शुक्ल ने बताया की विद्वान् न्याधीश ने आरक्षक अरविन्द पटेल को ३०६ में १० साल ३५४ में एक साल ५०६/१ में एक साल और ३८४ और ३८५ में दो-दो साल की और ९ हजार रु जुर्माना की सजा सुनाई | ९ हजार की इस राशि में से ७ हजार रु, मृतिका के पिता को दी जायेगी | इन्ही धाराओं में कनाहिया लाल को तथा भा.डी.वी. की धारा ५०६ बी और ३०६ में प्रवीण त्रिपाठी और दिनेश सिंह को बारी कर दिया गया |
इस मामले में ड़ी,जे. ने पुलिस के अनुसन्धान , पहचान और मोबाईल डिटेल ना निकलवाने और जाँच में लापरवाही बरतने पर कोर्ट ने कड़ी फटकार भी लगाईं | ड़ी.जे. ने एक पत्र फैसले की कोपी के साथ ड़ी.जी. पुलिस भोपाल को भेजने के आदेश दिए जिसमे कार्यावाही और अनुसन्धान में गंभीर त्रुटी पाते हुए , एडिसनल एस,पी. सुनील तिवारी और तत्कालीन टी.आई. आर.के रावत के विरुद्ध कार्यावाही की सिफारिश की गई है |
२६ मई २०१० को शिक्षक राजकुमार सिंह की बेटी दीपांजलि और पुष्पांजलि ने पुलिस प्रतारणा से तंग आ कर जहर खा कर आत्म ह्त्या कर ली थी |घटना के पीछे की कहानी में दीपांजलि को उसके दोस्त हिमांशु के साथ देखने पर पुलिस आरक्षक अरविन्द पटेल और कन्हया लाल तिवारी ने ,इसके साथ अश्लील हरकत की थी और कपडे उतरवाकर वीडियो बनाया था | जिसकी कीमत भी दस हजार मांगी थी |दीपांजलि ने एस.पी. और ए.एस.पी. से शिकायत कर न्याय मांगा था | मामले की जाँच कर एस.पी. ने दोनों आरक्षकों को निलंबित कर दिया था | निलंबित आरक्षकों के सहयोगी प्रवीण त्रिपाठी और दिनेश सिंह उसके घर पहुंचे और धमकाया थाजिसके कारण दोनों बहनों ने जहर खा लिया था जिसमे उन दोनों की मौत हो गई | चक्का जाम कर पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाये |
इस मामले की विशेष जांच करने ए.डी.जे.सी.आई.डी. रमेश चन्द्र अरोरा भी आये थे , इन सबके बावजूद पुलिस अधिकारियों ने दोषी पुलिस करनियों को बचाने के लिए कोर्ट में सभी साक्ष्य पेश नहीं किये | वह भी तब जब शासकीय अधिवक्ता बार- बार इनसे साक्ष्य के लिए कहते रहे | न्यायाधीश ने साक्षों में पुलिस द्वारा की गई लापरवाही को देख कर फैसले दोषी अधिकारियों को भी नहीं बक्शा |
पत्रकार के भाई को फंसाने की जांच एसडीओपी करेंगे
छतरपुर/ पुलिस का कहर पत्रकारों पर बा दस्तूर जारी है | पुलिस अधीक्षक शियास ए. ने आश्वासन दिया है कि सरवई में पत्रकार के भाई के विरुद्ध दर्ज किए गए मामले की जांच खजुराहो एसडीओपी से कराई जाएगी। सरवई थाना प्रभारी के खिलाफ पत्रकारों के एक प्रतिनिधि मंडल ने बुधवार को एसपी से इस आशय की लिखित शिकायत कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई थी। एसपी ने तत्काल सरवई थाना प्रभारी से फोन पर बात कर पूरे मामले की जानकारी ली और केस डायरी खजुराहो एसडीओपी के पास भेजने की निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक को सौंपी शिकायत में बताया गया है कि सरवई में 2/3 अगस्त की रात दो अलग-अलग वारदातों में कुछ नगदी व जेवरात चोरी हो गए थे। पुलिस ने संदेह के आधार पर लारा कुशवाहा को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी लेकिन उसने चोरी से साफ इंकार करते हुए कहा था कि वह रामनरेश उर्फ लक्कू शुक्ला के साथ घटना की रात 9 बजे अपने घर चला गया था। मामले का खुलासा न होने के बावजूद थाना प्रभारी जीडी वर्मा ने दोनों पर बेरहमी से जुल्म ढाते हुए शांतिभंग के आरोप में सीआरपीसी की धारा 151 के तहत गिरफ्तारी दिखाकर लवकुशनगर भेज दिया था जहां से वे जमानत पर रिहा हो गए थे। आरोपी बनाए गए लक्कू शुक्ला के भाई पत्रकार अवधेश शुक्ला ने थाना प्रभारी के इस कारनामे की रिपोर्ट अखबार में छपवा दी थी। अखबार में खबर छपने से खुन्नस खाकर थाना प्रभारी ने दोनों लोगों को एक बार फिर थाने बुलवाया। उनके साथ गांव के ही बल्ली अहिरवार को भी बुलवाया गया और उसकी पिटाई कर उससे जबरन यह कहलवाया गया कि उसने लक्कू शुक्ला और लारा कुशवाहा के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। उन्होंने तीनों के विरुद्ध चोरी का मुकदमा दर्ज कर जेल भिजवा दिया तथा बरामदगी में अपनी ओर से 500-500 रुपए दर्शा दिए।
पत्रकारों के प्रतिनिधि मंडल ने एसपी से कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि जांच में श्री शुक्ला दोषी पाए जाते हैं तो बेहिचक उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। हालांकि श्री शुक्ला फोटोग्राफी की दुकान चलाते हैं और उनके खिलाफ आज तक कोई अपराध पंजीबद्ध नहीं है। शिकायत की प्रतियां कलेक्टर, डीआईजी, आईजी, पुलिस महानिदेशक, मानव अधिकारी आयोग तथा मुख्यमंत्री को भी भेजी गई हैं।
बफरजोन मामले में मुख्यमंत्री से मिले कृषि राज्यमंत्री
बफरजोन मामले में मुख्यमंत्री से मिले कृषि राज्यमंत्री
पन्ना टाईगर रिजर्व क्षेत्र के लिए बफरजोन का मुददा गर्माता जा रहा है | इसके लिए प्रस्तावित लगभग 1700 वर्ग किलो मीटर के क्षेत्र में रूंज बांध परियोजना का भी कुछ क्षेत्र शामिल है। इसके बफरजोन में शामिल हो जाने से प्रस्तावित बांध परियोजना का कार्य प्रभावित होगा। राज्यमंत्री कृषि तथा लोक सेवा प्रबंधन विभाग बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से भंेट करके प्रस्तावित बफरजोन से रूंज बांध क्षेत्र की 13.5 वर्ग किलो मीटर क्षेत्र को पृथक करने का अनुरोध किया है। उन्होंने इस संबंध में वन मंत्री तथा जल संसाधन मंत्री को भी स्थितियों से अवगत कराया है।
परियोजना की जानकारी तथा बफरजोन से बांध क्षेत्र को अलग रखने का अनुरोध करते हुए उन्होंने कहा है कि रूंज बांध परियोजना में 269.70 करोड रूपये की लागत है। इससे अजयगढ़ विकासखण्ड के 36 गांव की 12550 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई होगी। कई बार प्रयास के बाद शासन ने हाल ही में इस परियोजना को मंजूरी दी है। यह परियोजना अजयगढ़ क्षेत्र के किसानों के लिए वरदान साबित होगी। इसके क्षेत्र को बफरजोन में शामिल करने से परियोजना का कार्य प्रभावित होगा। जिले के विकास को दृष्टिगत रखते हुए तथा गरीबों के हित संबर्धन के लिए रूंज बांध क्षेत्र को बफरजोन में शामिल न किया जाए।
बैंक हैकर ने खाते से ट्रांसफर किये 50 हजार रूपये
बैंक हैकर ने खाते से ट्रांसफर किये 50 हजार रूपये
छतरपुर / भारतीय स्टेट बैंक छतरपुर की कृषि विकास शाखा के एक खाताधारक के ऑन लाईन खाते से हैकर ने पचास हजार रूपये की हैकिंग करते हुये अपने खाते में पचास हजार रूपये ट्रांसफर कर लिये। घटना बुधबार की सुबह लगभग साढे नौ बजे की है। खाताधारक को अपने खाते से पचास हजार रूपये की जानकारी मोबाईल एसएमएस से जैसे लगी वैसे ही खाताधारक ने एसबीआई की मुख्य शाखा में पहुंचकर तत्काल हैकर के खाते को सीज करवाया और इसकी सूचना पुलिस अधीक्षक को लिखित रूप में दी गई |जिस पर थाना कोतवाली सब इंसपेक्टर दीपक यादव ने इसकी विवेचना प्रारम्भ कर दी है।
बैंक में खाताधारक रवि गुप्ता का बचत खाता संचालित है जिस पर इंटर नेट बैकिंग सुविधा संचालित है। आईएनबी के जरिये हैकर ने खाताधारक का यूजर नेम, यूजर पासवर्ड तथा प्रोफाईल पासवर्ड हैक करते हुये खाताधारक के खाते में असीम अनवर खान नामक व्यक्ति का खाता जोडा और उस खाते में खाताधारक के खाते से पचास हजार रूपये ट्रांसफर कर लिये।असीम अनबर खान का खाता भारतीय स्टेट बैंक की शाखा कुरला बेस्ट ब्रांच मुम्बई में संचालित है और उस खाते में पचास हजार रूपये ट्रांसफर होना पाये गये, \
जिसका एसबीआई की मुख्य शाखा उप प्रबंधक श्री अग्रवाल ने हैकर के खाते को अपनी बैंक आईडी से सीज कर दिया है। शाखा प्रबंधक ने तत्काल इस संबंध में कुरला बेस्ट ब्राचं मुम्बई के ब्रांच मैनेजर से दूरभाष पर चर्चा कर चिटठी लिखी गई जिसमें कहा गया कि खाताधारक के खाते से हुये फर्जी ट्रांसफर बेलेन्स को खाताधारक के खाते में ट्रांसफर किया जाये। अगर रूपये वापिस नहीं आते है तो संबंधित हैकर असीम अनबर खान मुम्बई के साथ साथ इसमें संलिप्त रहने वाले लोगों के खिलाफ अपराध धारा 420 के बिरूद्व मामला दर्ज करते हुये गिरफतारी की जाये ।
05 अगस्त, 2012
खजुराहो में एड्स का खोफ
खजुराहो में एड्स का खोफ
छतरपुर/अगस्त १२,
जिले में एड्स के खतरे से इनकार नहीं किया जा सकता | यह कहना जिले के सी.एम.एच.ओ. डॉ. के.के.चतुर्वेदी का | उन्होने इसके प्रमुख कारण भी बताये | उनका कहना है की जिले में निकले नॅशनल हाइवे, खजुरहो , और बिजावर वा कंचनपुर जैसे कुछ इलाके इसकी बड़ी वजह है |
डॉ. चतुर्वेदी के अनुसार खजुराहो में हर साल लगभग एक लाख विदेशी और दो लाख के करीब देशी टूरिस्ट आता है | इनके लिए एड्स के टेस्ट की कोई व्यवस्था नहीं है | हालांकि विदेशी टूरिस्ट का जब वीसा बनता है तभी एच.आई.वी.टेस्ट हो जाता है | वे कहते हें की एच.आई.वी. के नियंत्रण का एक मात्र तरीका है सुरक्षा | हम इसके लिए खजुराहो के पांच सितारा होटल वालों से संपर्क करेंगे ताकि हर होटल में होटल मालिक कंडोम मशीन लगवाए | वेशे इस तरह की मशीन खजुराहो के मुख्य चौराहे पर भी लगवाई जाना चाहिए | ताकि लोग बिनी किसी संकोच के कंडोम आसानी से ले सकें | किसी भी पर्यटक स्थल के लिए इस तरह की सुरक्षा जरुरी है |
खजुराहो में इसकी जरुरत के पीछे वे कहते हें की यह सिर्फ खजुराहो के लिए ही जरुरी नहीं है इसके लिए हमे जिले बिजावर के बहार गंज , और चंदला के कंचन पुर को भी अनदेखा नहीं करना चाहिए | साथ ही जिले से निकालने वाले दो नेशनल हाइवे और ढाबों पर रुकते ट्रक , ये कुछ ऐसी बातें हें जिन पर सतर्कता आवश्यक है |
13 जुलाई, 2012
लुटेरे गाड़ी में भरकर लूट ले गए गैस सिलेंडर
लुटेरे गाड़ी में भरकर लूट ले गए गैस सिलेंडर
छतरपुर/13/7/12/-छतरपुर से १०० किलो मीटर दूर बक्स्वाहा कस्बे में एक एसी लूट की वारदात हुई की जिसने भी सुना हैरान रह गया | मुख्य मार्ग पर गैस एजेंसी से लुटेरों ने गैस सिलेंडर गाड़ी में भरकर चम्पत हो गए | पुलिस को सुबह साड़े सात बजे सूचना मिलने के बाद भी पुलिस ११ बजे पहुंची |
बक्स्वाहा की कृतार्थ गैस एजेंसी के मालिक राजू कुदरया ने बताया की गोदाम पर आज सुबह दो-तीन बजे के लगभग लुटेरों ने धावा बोला | वे अपनी गाडी लेकर आये , गोदाम का टाला तोड़ा और ४०३ गैस सिलेंडर गाड़ी में भरकर चम्पत हो गए | सबेरे -सबेरे ही इसकी सूचना पुलिस को भी दी | सूचना मिलने के बाद पुलिस एक किलो मीटर का फासला तय करने में तीन घंटे का समय लगा |
पुलिस के टी.आई.योगेन्द्र कुमार नायक ने बताया की मामला दर्ज कर लिया है उनका दावा है की वे अपराधियों को जल्द पकड़ लेंगे |
छतरपुर के प्रमुख छात्र नेता निशांत का कहना है पिछले कुछ समय से छतरपुर जिले में कानून और व्यवस्था की स्थिति बदहाल हुई है , बक्स्वाहा की घटना भी अपराधियों के बुलंद हौसले की कहानी ही कहते हें |
भेंस के आगे हुए ट्रेन के ब्रेक जाम
खजुराहो //१३ जुलाई १२
खजुराहो -उदयपुर इंटर सिटी एक्सप्रेस (19665 ) से जाने वाले यात्री आज सुबह तब परेशान हो गए जब उन्हे रास्ते में रुकना पडा | सुबह जैसे ही ट्रेन खजुराहो से रवाना हुई डुमरा रेलवे स्टेसन के नजदीक ही ट्रेन के सामने एक भेंस आ गई | भेंस को देख कर ट्रेन के चालक ने ब्रेक लगा दिए | ब्रेक के लगते ही भेंस तो बच गई पर ट्रेन के ब्रेक जाम हो गए | डेढ़ गहनते के बाद ट्रेन रवाना हो सकी |
13 मई, 2012
Fwd: प्रभात झा पर १० करोड़ के मानहानि का दावा ठोका :: अजय सिंह
छतरपुर/
मध्य प्रदेश बी.जे.पी.के प्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा पर , कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने दस करोड़ के मानहानि का दावा किया है | सिंह ने यह बात आज छतरपुर के सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में कही | वे अपनी जनचेतना यात्रा के साथ छतरपुर आये थे |
पत्रकारों के सवालों के जबाब देते हुए उन्होने कहा ,प्रभात डेंजर ने दसमलव ००६ हेक्टयेर जमीन पर कब्जा की गलत शिकायत अनुसूचित जाती जनजाति आयोग में की थी | यात्रा शुरू होने के एक दिन पहले मेने प्रभात झा के खिलाफ उसी आयोग में गलत दस्तावेज देने पर शिकायत की है | थाने में ऍफ़.आई.दर्ज करने की प्रार्थना की है | और मानहानि का दावा भी दस करोड़ का ठोक दिया है > केस भी उन पर करूंगा और प्रभात डेंजर को छोडूंगा नहीं जब तक वो बिहार ना चला जाये | दरअसल प्रभात झा ने अजय सिंह पर सीधी जिले में एक दलित की जमीन हड़पने का आरोप लगाया था |
अजय सिंह ने प्रदेश की बी.जे.पी. सरकार और शिवराज सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा की किसान परेशान है , अधिकारी मनमानी पर उतारू है | खनिज माफिया हावी हें , केंद्र सरकार द्वारा दिए जा रहे पैसे का सही उपयोग नहीं किया जा रहा है | भ्रष्टाचार के मामले में मध्य प्रदेश देश में चर्चा का विषय बन गया है | ये प्रदेश भ्रष्टाचार का पर्यटन स्थल हो गया है |
बुंदेलखंड पॅकेज पर यदि सही ढंग से कार्य किया जाता तो दो सालों में इस इलाके की तस्वीर बदल जाती |
रवीन्द्र व्यास
08 मार्च, 2012
मध्य प्रदेश में माफिया राज
मध्य प्रदेश में माफिया राज
आई.पी.एस.\की ह्त्या
(रवीन्द्र व्यास)रंगों का त्यौहार और मध्य प्रदेश के ग्वालियर संभाग के मुरेना में खनिज माफियाओं ने खेली खून की होली | नौजवान आईपीएस. अधिकारी नरेंद्र कुमार सिंह की ट्रैक्टर से कुचल कर हत्या कर दी गई।मध्य प्रदेश और देश में माफिया राज की यह कोई पहली वारदात नहीं है | मुरैना जिले के बामौर कस्बे में अवैध खनन में शामिल खनिज माफिया ने होली के दिन नौजवान पुलिस अधिकारी को ट्रैक्टर से कुचलकर मार डाला।
साल 2009 बैच के आईपीएस नरेंद्र कुमार सिंह मुरैना जिले के बामौर में प्रशिक्षु एसडीपीओ के तौर पर लगभग ४५ दिन पूर्व ही तैनात हुए थे। वह अपने ड्राइवर और गनर के साथ बामौर के दौरे पर थे | वे उस इलाके में थे जहाँ पत्थर की कई अवैध खदानें है जिनमें आदेशों के विपरीत खुदाई होती रहती है|. इसी दौरान उन्हे पत्थरों से भरी एक ट्रैक्टर ट्रॉली दिखी , जिसे देखकर उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन ड्राइवर टैक्टर ट्रॉली लेकर भागने लगा। जब ट्रैक्टर ड्राइवर भाग रहा था तभी सिंह ने उसका पीछा किया। उन्होंने सड़क के बीच खड़े होकर ट्रैक्टर को रोकने की कोशिश की, लेकिन इस बार ड्राइवर ने उन पर ट्रैक्टर ट्रॉली चढ़ा दी। इससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए। उन्हें तुरंत ग्वालियर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने ट्रैक्टर चालक मनोज गुर्जर को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है । नौजवान पुलिस अधिकारी की पत्नी मधुरानी आईएएस .अधिकारी हैं और वर्तमान में ग्वालियर में ही तैनात हैं। इन दिनों वह प्रसूति अवकाश पर हैं और दिल्ली में हें |। नरेंद्र कुमार सिंह जब से बामौर में पदस्थ हुए ,तभी से उन्होने खनन माफिया के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया था | उनके इस अभियान से माफियाओं में हडकंप मचा हुआ था । 10 दिन पहले ही रेत से भरे ट्रक और ट्रैक्टर जब्त किए थे।
बिहार में स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना में घोटालों को उजागर करने वाले एनएचएआई के इंजीनियर सत्येंद्र दुबे की 27 नवंबर 2003 को हत्या कर दी गई थी।सत्येंद्र ने तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को चिट्ठी लिखकर प्रोजेक्ट में चल रही अनियमितताओं की जानकारी दी थी |\सीबीआई की विशेष अदालत ने इस मामले मंटू कुमार, उदय कुमार और पिंकू रविदास को हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
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साल 2009 बैच के आईपीएस नरेंद्र कुमार सिंह मुरैना जिले के बामौर में प्रशिक्षु एसडीपीओ के तौर पर लगभग ४५ दिन पूर्व ही तैनात हुए थे। वह अपने ड्राइवर और गनर के साथ बामौर के दौरे पर थे | वे उस इलाके में थे जहाँ पत्थर की कई अवैध खदानें है जिनमें आदेशों के विपरीत खुदाई होती रहती है|. इसी दौरान उन्हे पत्थरों से भरी एक ट्रैक्टर ट्रॉली दिखी , जिसे देखकर उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन ड्राइवर टैक्टर ट्रॉली लेकर भागने लगा। जब ट्रैक्टर ड्राइवर भाग रहा था तभी सिंह ने उसका पीछा किया। उन्होंने सड़क के बीच खड़े होकर ट्रैक्टर को रोकने की कोशिश की, लेकिन इस बार ड्राइवर ने उन पर ट्रैक्टर ट्रॉली चढ़ा दी। इससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए। उन्हें तुरंत ग्वालियर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने ट्रैक्टर चालक मनोज गुर्जर को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है । नौजवान पुलिस अधिकारी की पत्नी मधुरानी आईएएस .अधिकारी हैं और वर्तमान में ग्वालियर में ही तैनात हैं। इन दिनों वह प्रसूति अवकाश पर हैं और दिल्ली में हें |। नरेंद्र कुमार सिंह जब से बामौर में पदस्थ हुए ,तभी से उन्होने खनन माफिया के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया था | उनके इस अभियान से माफियाओं में हडकंप मचा हुआ था । 10 दिन पहले ही रेत से भरे ट्रक और ट्रैक्टर जब्त किए थे।
माफिया
इस इलाके और मध्य प्रदेश में खनिज माफियाओं का बढता आतंक किसी से छिपा नहीं है | प्रदेश में खनिज माफियाओं को बाकायदा संरक्षण मिला हुआ है |माफिया राज स्थापित करने की बाकायदा योजना शिवराज सरकार द्वारा चलाई जा रही है |खनिज का खजाना कुबेर के खजाने से कम नहीं है | इस कुबेर के खजाने को हथियाने के लिए जनता के सेवक हर इलाके में जी जान से जुटे हें | कहीं ये सीधे अपने नाम से लीजें करवा रहे हें तो कहीं अपने परिवार और रिश्तेदारों के नाम पर लीजें करवा रहे हें | मसला चाहे रीवा,सतना ,छतरपुर,पन्ना, टीकमगढ़,सागर , कटनी , जबलपुर, झाबुआ , दमोह का हो अथवा मुरैना का | मध्य प्रदेश उत्तर प्रदेश की पूर्व वर्ती माया सरकार की तर्ज पर रेत माफियाओं का जाल बनाया जा रहा है |
इस इलाके और मध्य प्रदेश में खनिज माफियाओं का बढता आतंक किसी से छिपा नहीं है | प्रदेश में खनिज माफियाओं को बाकायदा संरक्षण मिला हुआ है |माफिया राज स्थापित करने की बाकायदा योजना शिवराज सरकार द्वारा चलाई जा रही है |खनिज का खजाना कुबेर के खजाने से कम नहीं है | इस कुबेर के खजाने को हथियाने के लिए जनता के सेवक हर इलाके में जी जान से जुटे हें | कहीं ये सीधे अपने नाम से लीजें करवा रहे हें तो कहीं अपने परिवार और रिश्तेदारों के नाम पर लीजें करवा रहे हें | मसला चाहे रीवा,सतना ,छतरपुर,पन्ना, टीकमगढ़,सागर , कटनी , जबलपुर, झाबुआ , दमोह का हो अथवा मुरैना का | मध्य प्रदेश उत्तर प्रदेश की पूर्व वर्ती माया सरकार की तर्ज पर रेत माफियाओं का जाल बनाया जा रहा है |
छतरपुर जिले में ही आयरन ओर्स, रेत, ग्रेनाईट , प्य्रोफ्लाईट,ओर डायसपोर को लेकर मारा मारी मची हुई है | इन खदानों की लीज के लिए प्रमुख योग्यता भी सत्ता के इशारे पर तय होती है |
माफिया ह्त्या
इसी माह के शुरुआत में बिहार के सीतामढ़ी जिले में पुल निर्माण विभाग के दो अधिकारियों की गोली मारकर हत्या कर दी गयी, जबकि एक अन्य अधिकारी घायल हो गया।वारदात उस समय हुई जब अधिकारी एक बोलेरो वाहन से जा रहे थे| चंदौली के समीप दो मोटर साइकिलों पर सवार चार व्यक्ति आये और उन्हें रोककर अंधाधुंध गोलीबारी कर चम्पत हो गए |हमले में प्रोजेक्ट प्रबंधक जी़ बी़ सिंह और अभियंता विकास मिश्रा की घटनास्थल पर ही मौत हो गई| रामधीन पांडेय (साइड इंचार्ज) गंभीर रूप से घायल हो गए।
जनवरी ११ में महाराष्ट्र के नासिक जिले के मनमाड. में भ्रष्टाचारियों और माफिया के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक और प्रशासनिक अधिकारी एडिशनल कलेक्टर यशवंत सोनावणे को भी अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था । किरोसीन माफिया ने एडिशनल कलेक्टर यशवंत सोनावणे को जिंदा जलाकर मार डाला था । पानीवाडी ऑयल डिपो में छापा मारने गए थे एडिशनल कलेक्टर |
-भारतीय प्रबंध संस्थान लखनऊ के 2003 बैच के छात्र आईओसी के अधिकारी मंजूनाथन की लखीमपुर खीरी जिले के गोला गोकर्णनाथ क्षेत्र स्थित मित्तल आटोमोबाइल्स पेट्रोल पम्प परिसर में 19 नवम्बर 2005 को हत्या कर दी गई थी। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में जिला पंचायत के अपर मुख्य नगर अधिकारी आनंद सिंह चौहान (52)की गोली मारकर हत्या कर दी। हमलावरों ने उन्हें कोतवाली शहर स्थित उनके आवास पर गोली मारी। आरोपियों की पहचान नहीं की जा सकी है।
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01 फ़रवरी, 2012
अनकही
किसे सुनाऊं हाले गम
पिछले कुछ दिनों में बुंदेलखंड इलाके के कई नेताओं से मिलने का समय मिला | कुछ देश दुनिया का दर्द सब को बेचैन किये था | कुछ उनकी सुनी कुछ अपनी सुनाई ,चर्चा चलती रही | सब कुछ एसा लग रहा था मानो देश के इनसे बडे शुभ चिन्तक कहीं हें ही नहीं | उनके अन्दर झांकने का जब हमने कुछ प्रयाश किया तो उनका दर्द बाहर निकल ही आया | कहने लगे क्या बताएं प्रदेश में सरकार तो हमारी है किन्तु कोई सुनने वाला ही नहीं है | इलाके में तो अधिकारियों ने लूट मार मचा रखी है | पुलिस को क्या कहें ये तो डकेतों की पर्याय हो गई है | मुख्य मंत्री को भी बताया की यदि हालत यही रहे तो लोगों का विशवास टूट जाएगा , और तीसरी बार सरकार बनाने का सपना चकना चूर हो जाएगा | मुख्य मंत्री जी सुन तो लेते हें पर करते कुछ नहीं हें | अब तो हमे भी लगने लगा है की उमा भारती की बी.जे.पी. में वापसी के बाद से शिवराज को बुंदेलखंड के तीन जिलों( छतरपुर,पन्ना,और टीकमगढ़) से कोई मतलब नहीं रह गया है | वे यहाँ एसे अधिकारी भेज रहे हें जो हम लोगों की कम कांग्रेसियों की ज्यादा सुनते हें |
बात चली थी भ्रष्टाचार से की सत्ता धारी नेता किस तरह से भ्रष्टाचार कर रहे हें : पर वे आखिर अपने दल के दलदल में कैसे पत्थर फेकते कीचड़ तो उन्ही पर आकार लगता | एक बात कह कर वे मौन हो गए जो एसा कर रहे हें उनको जनता सबक सिखाएगी |
18 जनवरी, 2012
खजुराहो के शिल्प ने खूब लुभाया पर्यटकों को
खजुराहो के शिल्प ने खूब लुभाया पर्यटकों को
खजुराहो दुनिया में अपने आप में एक एसा स्थान है जिसका किसी से मुकाबला नहीं किया जा सकता है | यहाँ के मंदिरों में जीवन की फिलोअस्फी छिपी है | दुनिया के किसी भी मंदिर या दूसरे स्थानों पर आपको सिर्फ एक पहलू नजर आयेगा पर यहाँ आपको धर्म, अध्यात्म, योग , भोग जिंदगी का दर्शन सभी कुछ देखने को मिलेगा | यही कारण है की खजुराहो के इन मंदिरों को देखने के लिए देश दुनिया से रिकार्ड संख्या में पर्यटक आये | इस बार जो पर्यटक आये उनने अब तक के सारे रिकार्ड तोड़ दिए |
खजुराहो के भारतीय पुरातत्व के प्रमुख राहुल तिवारी ने बतया की खजुराहो के मंदिरों को इस बार 97356 विदेशी और 2 लाख 53 हजार 544 भारतीय पर्यटकों ने खजुराहो के मंदिरों को देखा | खजुराहो के इतिहास में अब तक का ये सबसे बड़ा रिकार्ड है | 2010 में 234954 भारतीय और 90721 विदेशी पर्यटकों ने दुनिया की इस अनुपम कला को देखा |
पिछले एक दशक में देखा जाये तो इस दशक की शुरुआत पर्यटकों की संख्या में गिरावट से हुई थी | 2000 में जहां 54417 विदेशी और 185639 भारतीय पर्यटक आए वहीँ 2001 में इनकी संख्या 51718 और 159582 ,वर्ष 2002 में तो और गिरावट आई 24093 और 122617 पर्यटक ही आये | 2003 में कुछ सुधार हुआ 34436 और 125570 पर्यटक आये | 2004 में पर्यटकों की संख्या में उछाल आया इस साल 63090 विदेशी और 140466 भारतीय पर्यटकों ने मंदिरों को देखा | 2004 से शुरू हुआ पर्यटकों के आकर्षण का यह सिलसिला बरकरार है | और हर साल पर्यटकों में खजुराहो का आकर्षण बढता ही जा रहा है | खजुराहो आने वाले टूरिस्टों में इटली ,फ़्रांस , स्पेन,हालेंड , अमेरिका,ब्रिटेन,जर्मनी ,कोरिया,जापान, के टूरिस्ट ज्यादा आते हें \
खजुराहो आये स्पेन के गिओवाने (giovane) कहते हें की उन्होने काफी पहले खजुराहो के बारे में सुन रखा था , तभी से उन्होने खजुराहो आने के बारे में तय किया था \ खजुराहो को नेट पर सर्च किया फिर यहाँ आये | जब यहाँ आये तो हमने जो सुन रखा था उससे कही ज्यादा बेहतर यहाँ पाया | ये एक दम शांत जगह है यहाँ के मंदिरों की कला कृतियाँ तो एक दम अदभुत हें | होलैंड की श्रीमती लोमेलार्स ( lomlers) कहती हें की दुनिया में खजुराहो के मंदिर अपने आप में अनोखे हें |
यहाँ ट्रेवेल एजेंसी के प्रबंधक अजय कश्यप ने बताया की मध्य भारत का छोटा टूरिस्ट इलाका है , मंदिरों के साथ यहाँ का शांत और प्राक्रतिक वातावरण विदेशी टूरिस्टों को खूब भाता है , विदेसी टूरिस्ट यहाँ कामसूत्र और यहाँ के आर्किटेक्ट को देखने आता है | वे मानते हें की हवाई यातायात से जुडे होने के कारण संपन्न विदेशी टूरिस्ट तो यहाँ आ जाते हें किन्तु खस्ता हाल सड़कों के कारण मध्य वर्ग के टूरिस्ट यहाँ आने से परहेज करते हें | यदि सड़कों और रेल की बेहतर व्यवस्था हो हो जाए तो यहाँ देशी टूरिस्टों के साथ विदेशी टूरिस्टों की भी संख्या बढ जायेगी |
08 जनवरी, 2012
खबर दर खबर_ काली लड़कियां से कैसे कराएं नृत्य
काली लड़कियां से कैसे कराएं नृत्य
खजुराहो में नस्ल भेद का अनोखा मामला सामने आया है | यहाँ काले-गोरे का भेद करके मुंबई से बुलाए गए लोक नृत्य कलाकारों को भगा दिया गया । यहां के कंदारिया शिल्पग्राम में दिन-रात रिहर्सल करने के बाद कलाकारों में से लड़कियों के काले होने का आरोप लगाया गया। परेशान कलाकारों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
ये कलाकार लोकनृत्य के लिए किए गए अनुबंध के अनुसार कंदरिया शिल्पग्राम में आए थे। पर इ यहां पर उनके साथ काले-गोरे का भेद करते हुए उन्हें सुबह ४ बजे ही निकाल दिया गया था। कंदरिया शिल्पग्राम के डांस प्रोग्राम के मैनेजर ई. डिमेलो ने नृत्य के लिए ६ लड़के और ६ लडकियां बुलाई थीं। इस पर वे लोग आ गए और रिहर्सल भी किया। इसके बाद कहने लगे कि अब उन्हें ६ लड़की और ४ लड़के चाहिए हैं। इसके साथ ही एक लड़की को काली लड़की कहकर वापस भेजने के लिए कहा। इस पर पूरे ग्रुप ने ही काम करने से मना कर दिया तो मैनेजर डिमेलो ने उन लोगों को बाहर का रास्ता दिखा दिया।
हालांकि मामला पुलिस थाने तक पहुँच गया पर समरथ को नहीं दोष गुसाईं की युक्ति ही यहाँ चरितार्थ होती दिखती है | कंदरिया शिल्प ग्राम का यह कोई पहला मामला नहीं है | इसके पहले राजनगर के एस .डी.एम. ने मनोरंजन कर चोरी के मामले की जांच की थी वह भी दबा दी गई |
प्रवचनों से सुधार
छतरपुर पुलिस को सुधरने के लिए डीआईजी. वेद प्रकाश शर्मा इन दिनों योग और प्रवचनों का सहारा ले रहे हें |छतरपुर पुलिस लाइन का पुलिस हाल इन दिनों धर्म और अध्यात्म का केंद्र बना हुआ है | हालांकि लोग उन्हे योग गुरु बाबा रामदेव का शिष्य मानते हें | पुलिस के अधिकारी कहते की यह सब उन्ही की माया है | पहले उन्होने नशा मुक्ति शिविर लगाया था जिसमे भी कई प्रवचन हुए | अभी हाल ही में गुजरात में एक आश्रम संचालित करने वाले स्वामी धर्मबंधु महाराज को पुलिस लाइन में आमंत्रित किया गया | उन्होने पुलिसकर्मियों को ज्ञान दिया की समाज के प्रति जिम्मेदार हों , समाज का विश्वास हासिल करे , जनता भी सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस पर विश्वास करे , मन पर नियंत्रण रखें , भय, द्वेष, घृणा और छुआछूत से दूर रहें ,|
पुलिस को सुधारने के लिए डी.आई.जी. साहब तो तरह तरह के जतन कर रहे हें किन्तु क्या करें कुछ अधिकारियों की आदतें जाती ही नहीं हें | वे तो उन लोगों को भी नशे का आदि बनाने में जुटे हें जो पहले पिटे भी नहीं थे | एसे ही एक अधिकारी को पिवाक्कड़ बनाने के लिय बाकायदा थानों के प्राभारियों को आदेश भी दिया गया है | वे भी अपने अधिकारी के आदेश को भला कैसे टाल सकते हें | इस लिए वे हर हफ्ते ढाई -ढाई हजार की चार बोतलें ग्वालियर से मंगवाते हें |
टी.आई. की अवैध वसूली
डी.आई.जी. साहब तो प्रवचनों से पुलिस को सुधारने में जुटे हें पर पुलिस है की सुधरती ही नहीं है | एसा ही एक नजारा जिले के हरपालपुर थाने में देखने को मिला | यहाँ पदस्थ टीआई और यहां के आरक्षकों के बीच शक्कर से लदी पिकअप को पकडऩे और टीआई द्वारा उन्हें छुड़ाने के प्रयास करने को लेकर बुधवार की रात को दोनों पक्षों के बीच जमकर विवाद हुआ। रात में पुलिस अधीक्षक ने इन आरक्षकों को सस्पेंड कर दिया |थाने में पदस्थ आरक्षक बृजेंद्र यादव, प्रमोद शर्मा, प्रवीण त्रिपाठी और सैनिक चंद्रभान को गश्त कर रहे थे , इसी दौरान चैकिंग करते हुए पिकअप (यूपी 95 बी 1045) को पकड़ा |, पिकअप और शक्कर के कागजात मांगने पर गाड़ी चला रहे ड्राइवर जितेंद्र सिंह ने टीआई या फिर पिक्की सेठ से बात करने के लिए आरक्षकों से कहा,| लेकिन आरक्षकों ने यह गाड़ी थाने में रखवा दी। रात करीब साढ़े 12 बजे की इस घटना के बाद सभी आरक्षक गाड़ी की चाबी और गाड़ी में सवार ड्राइवर सहित तीनों लोगों को थाने में पदस्थ हेड कांस्टेबल लक्ष्मन दाहिया को सुपुर्द करके फिर से गश्ती में निकल गए। और इसकी जानकारी एस.डी.एम., ए.एस.पी.,सी.एस.पी. को एस.पी.को भी फोन लगाया पर हमेशा की तरह उन्होने फोन नहीं उठाया | इसी बीच टीआई हारुन अली को इस मामले की जानकारी लगी। उन्होंने हेड कांस्टेबल दाहिया से गाड़ी के मामले की जानकारी मांगी और इसे पकडऩे वाले आरक्षकों को अपने निवास पर बुलाया। इन आरक्षकों के अनुसार जैसे ही वे टीआई निवास पर पहुंचे तो टीआई श्री अली ने गाली-गलौज करना शुरु कर दिया और चुपचाप गाड़ी की चाबी वापस करने के लिए कहा, पर आरक्षकों ने बिना किसी कार्रवाई के गाड़ी नहीं छोडऩे की बात कही |
अहं का अहंकार
जिंदगी से जूझती रही महिला
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पन्ना के जिला अस्पताल में प्रसव के लिए आई महिला को लेकर अस्पताल के सिविल सर्जन एक सीनियर डॉक्टर के विवाद हो गया।हंगामे के पीछे पद और प्रतिष्ठा का संघर्ष देखने को मिला जिसके चलते गर्भवती की जान पर बन आई। निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. एजी विन्चुरकर, वर्तमान सीएस डॉ. राजेश श्रीवास्तव से सीनियर हैं। डॉ. विन्चुरकर के अनुसार वह सीनियर हैं। अब एक सीनियर डॉक्टर अपने जूनियर की बात कैसे माने, इसी पर इतना विवाद बढ़ा कि पूरे अस्पताल में हंगामा मच गया। डॉ. विन्चुरकर ने सीएस पर राजनेताओं से मिलकर उन्हें नीचा दिखाने के आरोप भ लगाए । वे अपनी पत्नी के साथ कोतवाली में शिकायती पत्र थाना प्रभारी को दे आये । डॉ. राजेश श्रीवास्तव सी.एस. के द्वारा भी एफआईआर दर्ज करवाई गई है, जिसे कोतवाली पुलिस ने धारा २९४, ५०६ के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया।
प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला कमलाबाई निवासी ग्राम शिवराजपुरा को अस्पताल में भर्ती कर सीनियर डॉ. मीना नामदेव ने जांच की और सिविल सर्जन डॉ. राजेश श्रीवास्तव को रिपोर्ट दी। इस पर डॉ. श्रीवास्तव ने निश्चेतना विशेषज्ञ से बेहोशी का इंजेक्शन देने को कहा था |
डॉ. एजी विंचुरकर ने नाड़ी धीरे चलने और खून की कमी बताकर कमला देवी के अटेंडर से खून की व्यवस्था करने को कहा| इस पर सीएस ने डॉक्टर को अपने चेंबर में बुलाकर जानकारी ली| जहाँ दोनों में विवाद हुआ विवाद के बाद ओटी से गर्भवती महिला कमलाबाई को सतना के लिए रेफर कर दिया गया।
अब इसे क्या कहा जाए जब पडे लिखे वे लोग जिन से आम जन अपनी जान की दुआ मांगते हें वे ही सड़क छाप लड़ाई लडने लगें तो बाकी से क्या उम्मीद की जा सकती है |
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