मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के दालोन गाँव में रिश्ते के भाइयों ने भाई को ही ज़िंदा जला दिया । पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है जब की दो अब भी फरार हें । ज़िंदा जलाने के पीछे कोई बड़ी वजह भी नहीं है मात्र घर के सामने बनी झोपड़ी की प्लास्टिक की पन्नी भाई के घर से छू रही थी ।
सिविल लाइन थाना इलाके के दालोन गाँव में चार कलयुगी भाइयों भरत सिंह , मंगल सिंह , कारन सिंह और उदल सिंह ने मिलकर अपने ही भाई वीरेंद्र सिंह को ज़िंदा जला दिया । आर्थिक रूप से संम्पन्न ये भाई अपने ही घर के सामने बनी छोटे भाई की झोपड़ी को बर्दास्त नहीं कर पा रहे थे । उस पर झोपड़ी की पन्नी ने जब इनकी दीवाल को छू लिया तो इनका गुस्सा सातवे आसमान पर पहुँच गया । नाराज भाइयों ने मिलकर पहले अपने छोटे भाई की जम कर लाठी -डंडों से पिटाई की , इस पर भी जब गुस्सा शांत नहीं हुआ तो उस पर मिटटी का तेल डाल कर ज़िंदा जला दिया ।
सिविल लाइन पुलिस के जांच अधिकारी आर .एल', नापित ने बताया की घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने तीस वर्षीय वीरेन्द्र सिंह को जली हुई दशा में जिला अस्पताल में इलाज के लिए भरती कराया । जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई । पुलिस ने भरत सिंह और मंगल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है । जब की कारन सिंह और उदल सिंह की तलाश जारी है । यही आज का दौर है जहां छोटी-छोटी बातों पर अपना ही खून अपनों का दुश्मन बन जाये वहां दुश्मनी गेरो से क्या करना । वीरेन्द्र के मासूम बच्चे अनाथ हो गए , दो भाई जेल चले गए दो फरार हें । क्या है?.
रवीन्द्र व्यास /छतरपुर
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