छतरपुर /जिले के के 131 मिडिल और 40 प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक नहीं, हें } जिले के दर्जनों मिडिल और प्राइमरी स्कूल इन दिनों शिक्षक विहीन हैं। जब की शहर के आसपास के स्कूलों में शिक्षकों की भरमार है। इस सबके बीच जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के काफी स्कूल अतिथि शिक्षकों के भरोसे चल रहे हैं। एजुकेशन पोर्टल पर दर्ज जानकारी के अनुसार 40 प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं। जबकि जिले में कुल 1968 प्राइमरी स्कूल संचालित हैं।
जिले में सबसे बदतर हालत मिडिल स्कूलों की है। 697 मिडिल स्कूल जिले में संचालित हैं। इनमें से 131 स्कूल शिक्षक विहीन हैं। इसके४ अतिरिक्त 9 मिडिल स्कूल ऐसे हैं, जहां पर हेड मास्टर तो पदस्थ हैं, लेकिन अन्य शिक्षकों की पदस्थापना नहीं होने से अतिथि शिक्षकों से काम चलाना पड़ रहा है। हालत यह है कि मिडिल स्कूल कंदैला-चंदला में 410 छात्र हैं। वहां पर 13 शिक्षकों को पदस्थ होना चाहिए, लेकिन कोई भी शिक्षक पदस्थ नहीं है। है।
ये है छतरपुर जिले में शिक्षा के अधिकार का जलवा | अब छतरपुर कलेक्टर को भी शिक्षा की सुध आई है उन्होने कहा है की जिले में सभी स्कूलों में कम से कम एक स्थायी शिक्षक की व्यवस्था अवश्य की जाये। केवल अतिथि शिक्षकों की जिम्मेदारी पर ही शिक्षा विभाग निर्भर न रहे। विभाग द्वारा व्यवस्था में सुधार के लिये आवश्यक उपाय सुनिश्चित् किये जायें। यह निर्देश कलेक्टर श्री राजेश बहुगुणा ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय सीमा पत्रों की समीक्षा बैठक में जिले के शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि स्कूलों की व्यवस्थाओं में सुधार हेतु जनशिक्षक प्रत्येक 03 दिन में उसके अधिकार क्षेत्र में आने वाली शालाओं का अवश्य भ्रमण करें। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व इसकी मॉनिटरिंग सुनिश्चित् करें।
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