मध्य प्रदेश में माफिया राज
आई.पी.एस.\की ह्त्या
(रवीन्द्र व्यास)रंगों का त्यौहार और मध्य प्रदेश के ग्वालियर संभाग के मुरेना में खनिज माफियाओं ने खेली खून की होली | नौजवान आईपीएस. अधिकारी नरेंद्र कुमार सिंह की ट्रैक्टर से कुचल कर हत्या कर दी गई।मध्य प्रदेश और देश में माफिया राज की यह कोई पहली वारदात नहीं है | मुरैना जिले के बामौर कस्बे में अवैध खनन में शामिल खनिज माफिया ने होली के दिन नौजवान पुलिस अधिकारी को ट्रैक्टर से कुचलकर मार डाला।
साल 2009 बैच के आईपीएस नरेंद्र कुमार सिंह मुरैना जिले के बामौर में प्रशिक्षु एसडीपीओ के तौर पर लगभग ४५ दिन पूर्व ही तैनात हुए थे। वह अपने ड्राइवर और गनर के साथ बामौर के दौरे पर थे | वे उस इलाके में थे जहाँ पत्थर की कई अवैध खदानें है जिनमें आदेशों के विपरीत खुदाई होती रहती है|. इसी दौरान उन्हे पत्थरों से भरी एक ट्रैक्टर ट्रॉली दिखी , जिसे देखकर उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन ड्राइवर टैक्टर ट्रॉली लेकर भागने लगा। जब ट्रैक्टर ड्राइवर भाग रहा था तभी सिंह ने उसका पीछा किया। उन्होंने सड़क के बीच खड़े होकर ट्रैक्टर को रोकने की कोशिश की, लेकिन इस बार ड्राइवर ने उन पर ट्रैक्टर ट्रॉली चढ़ा दी। इससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए। उन्हें तुरंत ग्वालियर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने ट्रैक्टर चालक मनोज गुर्जर को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है । नौजवान पुलिस अधिकारी की पत्नी मधुरानी आईएएस .अधिकारी हैं और वर्तमान में ग्वालियर में ही तैनात हैं। इन दिनों वह प्रसूति अवकाश पर हैं और दिल्ली में हें |। नरेंद्र कुमार सिंह जब से बामौर में पदस्थ हुए ,तभी से उन्होने खनन माफिया के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया था | उनके इस अभियान से माफियाओं में हडकंप मचा हुआ था । 10 दिन पहले ही रेत से भरे ट्रक और ट्रैक्टर जब्त किए थे।
बिहार में स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना में घोटालों को उजागर करने वाले एनएचएआई के इंजीनियर सत्येंद्र दुबे की 27 नवंबर 2003 को हत्या कर दी गई थी।सत्येंद्र ने तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को चिट्ठी लिखकर प्रोजेक्ट में चल रही अनियमितताओं की जानकारी दी थी |\सीबीआई की विशेष अदालत ने इस मामले मंटू कुमार, उदय कुमार और पिंकू रविदास को हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
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साल 2009 बैच के आईपीएस नरेंद्र कुमार सिंह मुरैना जिले के बामौर में प्रशिक्षु एसडीपीओ के तौर पर लगभग ४५ दिन पूर्व ही तैनात हुए थे। वह अपने ड्राइवर और गनर के साथ बामौर के दौरे पर थे | वे उस इलाके में थे जहाँ पत्थर की कई अवैध खदानें है जिनमें आदेशों के विपरीत खुदाई होती रहती है|. इसी दौरान उन्हे पत्थरों से भरी एक ट्रैक्टर ट्रॉली दिखी , जिसे देखकर उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन ड्राइवर टैक्टर ट्रॉली लेकर भागने लगा। जब ट्रैक्टर ड्राइवर भाग रहा था तभी सिंह ने उसका पीछा किया। उन्होंने सड़क के बीच खड़े होकर ट्रैक्टर को रोकने की कोशिश की, लेकिन इस बार ड्राइवर ने उन पर ट्रैक्टर ट्रॉली चढ़ा दी। इससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए। उन्हें तुरंत ग्वालियर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने ट्रैक्टर चालक मनोज गुर्जर को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है । नौजवान पुलिस अधिकारी की पत्नी मधुरानी आईएएस .अधिकारी हैं और वर्तमान में ग्वालियर में ही तैनात हैं। इन दिनों वह प्रसूति अवकाश पर हैं और दिल्ली में हें |। नरेंद्र कुमार सिंह जब से बामौर में पदस्थ हुए ,तभी से उन्होने खनन माफिया के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया था | उनके इस अभियान से माफियाओं में हडकंप मचा हुआ था । 10 दिन पहले ही रेत से भरे ट्रक और ट्रैक्टर जब्त किए थे।
माफिया
इस इलाके और मध्य प्रदेश में खनिज माफियाओं का बढता आतंक किसी से छिपा नहीं है | प्रदेश में खनिज माफियाओं को बाकायदा संरक्षण मिला हुआ है |माफिया राज स्थापित करने की बाकायदा योजना शिवराज सरकार द्वारा चलाई जा रही है |खनिज का खजाना कुबेर के खजाने से कम नहीं है | इस कुबेर के खजाने को हथियाने के लिए जनता के सेवक हर इलाके में जी जान से जुटे हें | कहीं ये सीधे अपने नाम से लीजें करवा रहे हें तो कहीं अपने परिवार और रिश्तेदारों के नाम पर लीजें करवा रहे हें | मसला चाहे रीवा,सतना ,छतरपुर,पन्ना, टीकमगढ़,सागर , कटनी , जबलपुर, झाबुआ , दमोह का हो अथवा मुरैना का | मध्य प्रदेश उत्तर प्रदेश की पूर्व वर्ती माया सरकार की तर्ज पर रेत माफियाओं का जाल बनाया जा रहा है |
इस इलाके और मध्य प्रदेश में खनिज माफियाओं का बढता आतंक किसी से छिपा नहीं है | प्रदेश में खनिज माफियाओं को बाकायदा संरक्षण मिला हुआ है |माफिया राज स्थापित करने की बाकायदा योजना शिवराज सरकार द्वारा चलाई जा रही है |खनिज का खजाना कुबेर के खजाने से कम नहीं है | इस कुबेर के खजाने को हथियाने के लिए जनता के सेवक हर इलाके में जी जान से जुटे हें | कहीं ये सीधे अपने नाम से लीजें करवा रहे हें तो कहीं अपने परिवार और रिश्तेदारों के नाम पर लीजें करवा रहे हें | मसला चाहे रीवा,सतना ,छतरपुर,पन्ना, टीकमगढ़,सागर , कटनी , जबलपुर, झाबुआ , दमोह का हो अथवा मुरैना का | मध्य प्रदेश उत्तर प्रदेश की पूर्व वर्ती माया सरकार की तर्ज पर रेत माफियाओं का जाल बनाया जा रहा है |
छतरपुर जिले में ही आयरन ओर्स, रेत, ग्रेनाईट , प्य्रोफ्लाईट,ओर डायसपोर को लेकर मारा मारी मची हुई है | इन खदानों की लीज के लिए प्रमुख योग्यता भी सत्ता के इशारे पर तय होती है |
माफिया ह्त्या
इसी माह के शुरुआत में बिहार के सीतामढ़ी जिले में पुल निर्माण विभाग के दो अधिकारियों की गोली मारकर हत्या कर दी गयी, जबकि एक अन्य अधिकारी घायल हो गया।वारदात उस समय हुई जब अधिकारी एक बोलेरो वाहन से जा रहे थे| चंदौली के समीप दो मोटर साइकिलों पर सवार चार व्यक्ति आये और उन्हें रोककर अंधाधुंध गोलीबारी कर चम्पत हो गए |हमले में प्रोजेक्ट प्रबंधक जी़ बी़ सिंह और अभियंता विकास मिश्रा की घटनास्थल पर ही मौत हो गई| रामधीन पांडेय (साइड इंचार्ज) गंभीर रूप से घायल हो गए।
जनवरी ११ में महाराष्ट्र के नासिक जिले के मनमाड. में भ्रष्टाचारियों और माफिया के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक और प्रशासनिक अधिकारी एडिशनल कलेक्टर यशवंत सोनावणे को भी अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था । किरोसीन माफिया ने एडिशनल कलेक्टर यशवंत सोनावणे को जिंदा जलाकर मार डाला था । पानीवाडी ऑयल डिपो में छापा मारने गए थे एडिशनल कलेक्टर |
-भारतीय प्रबंध संस्थान लखनऊ के 2003 बैच के छात्र आईओसी के अधिकारी मंजूनाथन की लखीमपुर खीरी जिले के गोला गोकर्णनाथ क्षेत्र स्थित मित्तल आटोमोबाइल्स पेट्रोल पम्प परिसर में 19 नवम्बर 2005 को हत्या कर दी गई थी। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में जिला पंचायत के अपर मुख्य नगर अधिकारी आनंद सिंह चौहान (52)की गोली मारकर हत्या कर दी। हमलावरों ने उन्हें कोतवाली शहर स्थित उनके आवास पर गोली मारी। आरोपियों की पहचान नहीं की जा सकी है।
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