वृद्व किसान ने तोडा दम
सूखा राहत राशि पाने दो दिन से काट रहा था तहसील के चक्कर
पन्ना/ जिले के शाहनगर प्रशासनिक व्यवस्था ने मानवता को भी शर्मशार कर दिया है, । जिले के किसान खाने तक के लिए दाने दाने को मोहताज हैंशासन की राहत भी समय परनही मिल पा रही है, जिसे पाने के लिए किसान प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काट रहा है, कुछ इसी प्रकार का मामला शाहनगर में देखने को मिला, जहां मुआवजा राशि पाने के लिएदस्तावेज बनवाने एक वृद्व किसान अपनी दो बेटियों के साथ तहसील कार्यालय के चक्कर लगारहा था कि अचानक दोपहर 12 बजे उसने वही दम तोड दिया।
शाहनगर से 10 किलोमीटर दूर ग्राम दऊआपुरा का मुल्ला विश्वकर्मा (85) कीकरीब पांच एकड जमीन सूखा से प्रभावित थी,। राहत राशि के नाम पर अभी तक इसका बैक मेंखाता भी नही खोला जा सका,। जिस कारण वह दो दिनों से तहसील के चक्कर काट रहा थालेकिन यहां के कर्मचारियों यहां तक की तहसीलदार ने भी इस वृद्व किसान की कोई सुध नही ली । , गुरूवार की दोपहर 12 बजे अचानक उसकी वही मौत हो गई। इस पर उसके साथ रही दोबेटियां केश बाई और कौशिल्या बाई का कहना है कि मेरे पिता की मौत ठण्ड लगने के कारण होगई इन लोगो ने यह तक बताया कि घर जाने के लिये पैसे नही थे इतनी दूर पैदल चल नहीसकते जहां पर ठिकाना मिला रात गुजार ली, जिस कारण इनकी मौत हो गई।
तहसील कार्यालय के सामने वृद्व किसान की लाश तीन घण्टे तक पडी रही जिस पर उसकीबेटियां बिलख बिलख कर रो रही थी और प्रशासनिक अधिकारियों को कोसती नजर आई लेकिनप्रशासनिक अधिकारियों ने सुध नही ली, बाद में इसकी जानकारी स्थानीय मीडिया को लगी औरहस्ताक्षेप के बाद प्रशासनिक अधिकारी पहुचें।
वृद्व किसान के पास खाने पीने तक के लिए पैसे नही थे,\ तो शव को अपने गांव कैसे ले जाते, ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष आजाद शहीद खान द्वारा स्थानीय लोगो को यहां इकत्र कर किसान कीलाश को उसके घर तक पहुंचाया गया,।
तहसीलदार शाहनगर राकेश बाबू खरे कहते हैं की मृतक अपनी दो बेटियों के साथ आया थाजिसकी मुआवजा राशि स्वीकृत कर दी गई थी लेकिन इसका खाता न खुलने के कारण इसे राशिनही मिल पाई और प्राकृतिक कारणों के चलते उसकी मौत हो गई, जिस पर प्रशासन द्वारा मृतककी अंतिम संस्कार के लिए राशि स्वीकृत कर दी गई है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें