सूखे से बदहाल बुंदेलखंड मे जरूरत है युध्द स्तर पर व्यवस्थाये करने की :: योगेन्द्र यादव
छतरपुर /9 जन 16 रवीन्द्र व्यास /
बुंदेलखंड के हालात देख कर मुझे डर लगता है । तालब , कुए सूख गए हेंड पम्प जबाब देने लगे हैं । पिने के पानी का बड़ा ही गंभीर संकट है । आज जब यह हालात हैं तो आने वाले समय में और क्या हालात होंगे । यदि सरकार ने पानी के लिए अभी से युद्ध स्तर पर प्रयास नहीं किये तो मराठवाड़ा जैसे हालात हो जाएंगे । पानी की कारण गाँव के गाँव खाली हो जाएंगे । सूखा से बेहाल बुंदेलखंड के लिए यदि जरुरत पड़ी तो आंदोलन भी करूंगा ।
बुंदेलखंड के हालात देख कर मुझे डर लगता है । तालब , कुए सूख गए हेंड पम्प जबाब देने लगे हैं । पिने के पानी का बड़ा ही गंभीर संकट है । आज जब यह हालात हैं तो आने वाले समय में और क्या हालात होंगे । यदि सरकार ने पानी के लिए अभी से युद्ध स्तर पर प्रयास नहीं किये तो मराठवाड़ा जैसे हालात हो जाएंगे । पानी की कारण गाँव के गाँव खाली हो जाएंगे । सूखा से बेहाल बुंदेलखंड के लिए यदि जरुरत पड़ी तो आंदोलन भी करूंगा ।
उकत बात योगेन्द्र यादव ने मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड इलाके के टीकमगढ़ और छतरपुर के दर्जन भर गाँवों का दौरा करने के बाद " भाषा " से कही । स्वराज अभियान के संयोजक योगेन्द्र यादव ने कहा उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड इलाके के सर्वेक्षण के बाद अब मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड इलाके का सर्वे कराएंगे । जिसमे सूखे के असर को समझा जाएगा । हर जिले के लिए स्वराज अभियान की निगरानी के लिए समूह समिति गठित की जायेंगी ।
गाँव में पानी के बाद दूसरी बड़ी मवेशियों के लिए आ रही है । पशुओं के लिए तो अकाल आ चुका है , लोग पशु छोड़ रहे हैं । चहरे की व्यवस्था नहीं है , जिस कारण छोड़े गए मवेशी बची हुई फसल को भी नष्ट कर रहे हैं । सरकार को इमरजेंसी स्तर पर चारा डिपो की व्यवस्था करना चाहिए , जिसमे कम दर पर पशुओं के लिए लोगों को चारा मिल सके । इलाके में मनरेगा को उन्होंने पूर्णतः फेल बताया । योगेन्द्र जी का कहना है की हमने इस मामले पर उत्तर प्रदेश सरकार का ध्यान खींचा , यु पी सरकार ने हर गाँव में केम्प लगा कर जॉब कार्ड देखने और रोजगार उपलब्ध कराने का काम शुरू कराया है । मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री को भी इसके लिए पत्र लिखूंगा । श्री यादव ने राशन व्यवस्था पर भी अशंतोष व्यक्त किया , उन्होंने कहा इलाके में काफी लोगों के पास राशन कार्ड ही नहीं हैं । उन्होंने एपीएल और बीपीएल के चक्कर को छोड़ कर गाँव की वोटर लिस्ट को आधार मानकर कर हर परिवार को बीपीएल के रेट पर राशन तुरंत उपलब्ध कराने की बात कही।
योगेन्द्र यादव ने मध्य प्रदेश में सुखा राहत राशि वितरण पर कहा की यह देश का पहला राज्य है जिसमे इसी बार के सूखे का मुआवजा बांटा जा रहा है । हालांकि मध्य प्रदेश में भी सूखा राहत राशि वितरण में अनियमितताएं की शिकायतें हैं । वहीँ उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सूखे को लेकर की गई घोषणाओं को बेहतर बताते हुए कहा की मध्य प्रदेश में ऐसी कोई योजना शुरू नहीं की गई हम मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री को इस बारे में पत्र लिखेंगे ।
यादव ने अपने किये गए प्रयासों को भी बताया उन्होंने कहा की हमने मुख्य मंत्री यो को पत्र लिखे जब उनका कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला तो देश के १२ राज्यों के खिलाफ हमने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की , की इन राज्यों में सूखा है कोई काम सरकार ने नहीं किया है । सुप्रीम कोर्ट ने 12 राज्यों को नोटिस जारी कर जबाब माँगा है की बताये क्या काम क्या है । ईसी माह की 18 ता को सुनवाई होगी । सूखे का सवाल अलग अलग मंचो पर उठा रहे हैं । बुंदेलखंड की समस्याओ का अगर समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन भी करेंगे ।
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