Bundelkhand Ki Dayri


सूखे पर सियासत 

रवीन्द्र व्यास 

बुंदेलखंड के सूखे पर सियासत शुरू हो गई है , यह क्रम चल तो काफी समय से रहा था किन्तु 22 और 23 जनवरी को नेताओ के जमावड़े के साथ यह अपने चरम पर पहुंच गया  है । संसद चलने में अवरोध पैदा करने वाले कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी बुन्देलखंडियों को भरोषा दिला गए हैं की उनकी आवाज संसद में उठाएंगे । वही केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति एक दिन पहले कह गई की बदहाल बुंदेलखंड की समस्याओ को  बजट के माध्यम से दूर किया जाएगा , हम इसीलिए आये हैं । कौन क्या करता है यह एक बड़ा सवाल है फिलहाल ये जन सेवक जनता को रंगीन सपने दिखा  गए और बुंदेलखंड में सूखा का एक बड़ा मुद्दा सियासत करने वालों को मिल गया ।बुंदेलखंड के सूखे के बहाने उन्हें  प्रधान मंत्री मोदी पर जम  कर हमला बोलने का मौका भी मिला  ।    
                          शनिवार को बुंदेलखंड के महोबा में राहुल गांधी ने पवा पैराहे से लाडपुर तक सात किलोमीटर पैदल मार्च किया । इस दौरान वे किसानो से भी मिले ,गाँव की महिलाओ  से भी चर्चा की ।उनकी इस पदयात्रा के काफिले में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के नेता और रीता बहुगुणा ,प्रमोद तिवारी , वा पी एल पूनिया  भी कदमताल करते नजर आये । पाव् पैराहा गाँव में राहुल गांधी को देखने और उनसे मिलने की होड़ में भगदड़ भी मच गई थी जिसे किसी तरह से नियंत्रित किया गया ।  सूपा ( जहां टी वी चैनलों की ओ बी वैन लगी थी )और  ललपुर  में सभाओं को सम्बोधित कर उन्होंने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को जम कर कोशा   । वे लोगों को यह बताने से नहीं चूके की देखों हमने तो बुंदेलखंड के लिए 7 हजार 266 करोड़ का बुंदेलखंड पैकेज दिया था । पर यहां की सरकारों ने उसका दुरूपयोग किया । जितना लाभ जनता तक पहुंचना चाहिए था नहीं पहुंचा ।  लोकसभा चुनाव के समय ६ बार बुंदेलखंड का चक्कर लगाने वाले मोदी जी बुंदेलखंड के सूखे के हालात जानने एक बार भी नहीं आये । बुंदेलखंड भी हिन्दुस्तान का हिस्सा है , यहाँ के लोग सूखे की त्रासदी से परेशान हैं पर मोदी जी की सरकार तो पूंजीपतियों की सरकार है उसे गरीबो से क्या सरोकार । राहुल  ने मोदी पर हमला करने का कोई मौका नहीं छोड़ा चाहे वे तेल की कीमतें हो अथवा काला धन वापसी का मुद्दा हो । 


                       कांग्रेस के नेताओं ने उनके  इस राजनैतिक  पदयात्रा महोत्सव की रूप रेखा ऐसे गाँवों से जोड़ कर बनाई थी जहाँ से  गांधी परिवार का थोड़ा बहुत नाता था । रास्ते में पड़ने वाले मेड़की गाँव जहाँ 5 मार्च 1980 को इंदिरा गांधी आई थी , तब उन्होंने इस गाँव के लोगों से काफी देर तक चर्चा की थी । उस समय के बाल अमृत लाल को इंदिरा जी ने गोद में उठाया था ,उनकी  यादें आज भी ताजा हैं । पदयात्रा से अलग हट कर एक गाँव है मुडारी जहां 1962 में इंदिरा गांधी का  चांदी  से तुलादान हुआ था । इस गांव में राहुल गांधी गाड़ियों के काफिले से पहुंचे और यहाँ उन्होंने 50 साल से रखी इंदिरा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया । सभा में मोदी पर तंज कसे और जनता का आभार व्यक्त किया । 
                       राहुल गांधी के आने के   एक दिन पहले केंद्रीय  केन्द्रीय खाद्य एवं प्रसंस्करण उद्योग राज्यमंत्री साध्वी निरजन ज्योति बुंदेलखंड के दौरे पर आई थी ।  टीकमगढ़ और छतरपुर जिले की सभाओ और   पत्रकारों के सवाल के जबाब में उन्होंने कहा  की बुंदेलखंड और देश के किसानो की दुर्दशा के लिए  यूपीए सरकार जिम्मेदार है । राहुल गांधी की पदयात्रा पर सवाल खड़े करती साध्वी कहने लगी कि  सत्ता चली गई तो पदयात्रा कर रहे हैं , सत्ता में रहकर पदयात्रा करते । हम तो सरकार में रहकर पदयात्रा कर रहे हैं , वो सरकार में रहकर पदयात्रा करते तो लगता कुछ किया । वो ६२ साल सत्ता में रहे  देश में किसानो और बुंदेलखंड की दुर्दशा के लिए कोई जिम्मेदार है तो वो यूपीए सरकार है उसने कुछ किया होता तो बुंदेलखंड की ऐसी दुर्दशा नहीं होती \ हमारी सरकार ने बुंदेलखंड में सिचाई सुविधा बढ़ाने के लिए नदियों को जोड़ने का काम शुरू किया है केन से बेतवा को जोड़ा जाएगा । अपनी इस यात्रा को राहुल की यात्रा से अलग बताने वाली साध्वी इसका मकसद बुंदेलखंड की समस्याओं को समझने का बताती रही है । बुंदेलखंड की इन समस्याओं को समझने के बाद वे  इसे प्रधान मंत्री मोदी जी को बताएंगी , फिर होगा समस्या के निदान का प्रयास ।  
             मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड इलाके से साध्वी ने बुंदेलखंड की जनता को यह सन्देश देने का प्रयास किया की बुंदेलखंड की दशा को लेकर प्रधानमन्त्री जी कितने चिंत्तित हैं । यह भी एक संयोग कहें या सुनियोजित राजनीति की जिस दिन राहुल को बुंदेलखंड इलाके का दौरा करना था उसी दिन खजुराहो के एयर टर्मिनल का उदघाटन करने बीजेपी सरकार  के मंत्री  आये । बुंदेलखंड के सूखे का दर्द बांटने पहले योगेन्द्र यादव तीन बार इस इलाके का दौरा कर गए हैं ।
राहुल गांधी के उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड के दौरे के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री अखिलेश यादव भी  बुंदेलखंड का दौरा करने की बात कहने को मजबूर हुए । अब  राहुल गांधी ने  मध्य प्रदेश वाले बुंदेलखंड इलाके के दौरे की संभावना जता कर मध्य प्रदेश सरकार की नीद हराम कर दी है । दरअसल उन्होंने मध्य प्रदेश के कांग्रेसी नेताओं को   इस इलाके का पूरा चिट्ठा लेकर दिल्ली तलब किया है । कांग्रेस के नेताओ ने खजुराहो एयर पोर्ट पर राहुल को बताया था ,की सूखा के कारण एम पी वाले बुंदेलखंड की हालात भी बहुत खराब हैं । यहां के दलितों और आदिवासी इलाकों की उपेक्षा हो रही है । बुंदेलखंड पैकेज से बनी जल संरचनाये कागजी साबित हुई हैं । पानी रोकने के कोई प्रयास नहीं हुए जिस कारण संकट इतना विकराल हो गया । 
                       सूखे की इस सियासत के पीछे एक बड़ी वजह यह भी मानी जा रही है ,कि उत्तर प्रदेश वाला  बुंदेलखंड  सपा और बसपा का गढ़ है तो मध्यप्रदेश वाला बीजेपी का गढ़ ।  इन गढ़ों में सेंध लगाने और उत्तर प्रदेश के अगले वर्ष होने वाले विधान सभा चुनावो में अपनी उपस्थिती का एहसास कराने कांग्रेस एड़ी चोटी का जोर लगा रही है । राहुल का बुंदेलखंड प्रेम बीजेपी वालों की नजर में इसी का परिणाम है । 
                        
      
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