27 फ़रवरी, 2016

JNU_Nraty Gopal Das


जेएनयू के जन्म से ही  राष्ट्र द्रोह का काम रहा : महंत नृत्य गोपाल दास राम जन्म भूमि मंदिर निर्माण की कोई तिथी तय नहीं हुई है :-महंत नृत्य गोपाल दास 



छतरपुर /एम पी /27 फरवरी 2016 
 राम जन्म भूमि न्यास के प्रमुख संत महंत नृत्य गोपाल दास ने आज पत्रकारों से चर्चा करते हुए  कहा की मोदी सरकार अब तक की सर्वश्रेष्ठ सरकार है । जवाहर लाल नेहरू विश्व विद्यालय के जन्म से ही यही काम होता रहा है । राम जन्म भूमि मंदिर निर्माण के लिए मोदी जी को थोड़ा  समय दिया गया है । मंदिर निर्माण की संत समाज ने कोई तिथी तय नहीं की है । बुंदेलखंड में दुर्भिक्ष से निपटने के लिए संत समाज पहल करेगा । 
                             जेएनयू के सवाल पर महंत ने कहा  की जवाहर लाल नेहरू विश्व विद्यालय ,इसका जो जन्म है जन्म से ही राष्ट्र द्रोह , साधू संतों का द्रोह वा लोक समाज के विपरीत हमेशा से ही रहा है । जवाहर लाल नेहरू विश्व विद्यालय का यही काम रहा है । इसलिए हम लोग पागल जो लोग होते हैं " वातल भूत विवश मन वारे ते नहीं बोले वचन सँवारे "" इसलिए हम लोग ऐसे लोगों की बातो पर ध्यान नहीं  देते । सारा राष्ट्र और जनता मोदी का समर्थन कर रही है , उनके क्रिया कलाप का आदर करते हैं , भविष्य में भी मोदी से राष्ट्र के अभुय्थान बड़ी आशा है । राहुल गांधी द्वारा जेएनयू के छात्रों के समर्थन के सवाल पर उन्होंने कहा राहुल कहीं आसमान से तो नहीं आ गए जैसे वो वैसे ही उनका विश्व विद्यालय सब एक ही थेली के चट्टे बट्टे हैं । 
 रामजन्म भूमि पर मंदिर निर्माण के सवाल पर महंत ने कहा की  मोदी जी को थोड़ा सा और समय दिया गया है क्योंकि अभी देश में अकाल -दुर्भिक्ष की स्थिति है । मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में जल संकट है , ऐसे  वे उलझे हुए हैं उन्हें  कष्ट नहीं देना चाहते । थोड़े समय बाद धर्माचार्य मिलकर मंदिर निर्माण की पहल करेंगे । 
मंदिर निरमें की तारीख तय होने से उन्होंने इंकार करते हुए कहा की संत समाज ने कोई तिथी तय नहीं की है । केवल जगद गुरु रामभद्राचार्य जी ने ही एकाँकी घोषणा की है \ रामभद्राचार्य जी की तिथि की घोषणा में साधू समाज का कोई हाथ नहीं कोई साथ नहीं , यह उनका स्वतंत्र विचार है , भगवान करे उनकी वाणी सत्य हो । 
     बुंदेलखंड में अकाल से निपटने में संत समाज के योगदान के सवाल पर उनका कहना था , संत समाज पहल करेगा और सरकार से आग्रह करेगा । 

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