28 जनवरी, 2020

माँ का शव घर ले जाने से पुत्र का इंकार

कलयुग के  पूत


छतरपुर / / 28 जनवरी 2020 / नगर के दर्शना वृद्ध सेवाश्रम में रहने वाली फूलवती चौरसिया पत्नी स्व राम गोपाल चौरसिया (८३) का अंतिम संस्कार वृद्धाश्रम समिति के लोगों को करना पड़ा  | इसके पीछे समिति के लोग बताते हैं कि फूलवती के पुत्र ने अपनी माँ की मृत देह को घर ले जाने से इंकार कर दिया था | दाह  क्रिया के मौके पर पुत्र तो पहुंचा तो जरूर पर बेगानो की तरह |


             वृद्धाश्रम के प्रबंधक दिनेश वैद्द्य ने बताया कि 14 फरवरी 2017 को फूलवती ने जनसुनवाई में तत्कालीन कलेक्टर रमेश भंडारी को एक  आवेदन पत्र  दिया था | पत्र में उसने अपने बेटे बहु के द्वारा साथ ना रखने का आरोप लगाया था | इस आवेदन पर कलेकटर ने फूलवती को वृद्धाश्रम में रखने के निर्देश दिए थे | तभी से वह वृद्धाश्रम में रह रही थी | उसने बतया था की उसके तीन पुत्र थे एक खत्म हो गया था , दो में एक हराम खिलावन के पास वह रहती थी ,पर वह रखना नहीं चाहता | दुसरा पुत्र शिवकुमार कुछ करता धरता नहीं है उसकी पत्नी भी उसे छोड़ कर भाग गई है |

                         दिनेश ने बताया की २७ को जब फूलवती की मृत्यु हुई तो इसकी सूचना उसके पुत्र राम खिलावांन को दी गई | उसके पुत्र ने अपनी माँ के शव को लेने से इंकार कर दिया | ऐसी दशा में समिति ने स्वयं ही फूलवती के अंतिम संस्कार की व्यवस्था की और समिति के हेमंत बबेले ने एक पुत्र की तरह सारी रश्म अदा की | हालांकि अंतिम संस्कार के मौके पर फूलवती का पुत्र रामखिलावन पहुँच अवश्य गया था | दिनेश ने फूलवती के शव को पुत्र द्वारा ना लिए जाने के कारण के सम्बन्ध में बताया की राम खिलावांन को उसकी पत्नी ने धमकी दी थी की यदि शव घर पार लाये तो में आत्म ह्त्या कर लूंगी | संभवतः इसी वजह से वह बाद में  फोन नहीं उठा रहा था | बाद में उसके नौगांव स्थित वेयर हाउस के अधिकारियों से जब संपर्क किया गया तब कही जा कर वह आया था |

                         रामखिलावन ने इस मसले पर कहा की वह दाह क्रिया में पहुंच गया था | दो बच्चो के पिता राम खिलावन ने माँ के शव को घर ना ले जाने और पत्नी की धमकी के सम्बन्ध में कहा की वह पहुंच गया था |

                       

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