08 सितंबर, 2013

बुंदेलखंड से अब गायब हो रहे हें बाल-गोपाल


छतरपुर/एम.पी.// 29 /8/13 जिले के खजुराहो थाना इलाके के पटेलनपुरवा के शिवदयाल पटेल का  15 वर्षीय बेटा देवेंद्र पटेल अपने घर से मंगलवार को अचानक ही लापता हो गया । उसकी काफी तलाश करने के बाद भी परिवारजन कोई सुराग नहीं लगा सके।शिकायत थाने में की गई है। 
खजुराहो एयरपोर्ट में हेल्पर शिवदयाल पटेल  के घर में मातम सा सन्नाटा है ।यह कहानी सिर्फ शिवदयाल के ही घर की नहीं है , उनकी तरह  जिले से 116 बच्चे  O  से 16  वर्ष के गयाब हुए हें /  युवक-युवतियों के गायब होने का सिलसिला लगातार जारी है। उनका कोई भी सुराग लगा पाने में पुलिस असमर्थ साबित हो रही है। 
पुलिस  के आकडे बताते हें की 2008  से 2012 तक 237 बालक और 344 बालिकाए गायब हुई ,जिनमे 465  वापस आ गए  जब की 116  अभी भी गायब हें । जनवरी से अगस्त 13  तक जिले से १४ बालक और 31 बालिकाये  गायब हुई , जिनमे से अधिकांश का सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा । गायब होने  के सिलसिले में 2010 से अचानक तेजी आई है / साथ ही वापस आने वालों की संख्या में भी कमी आई है / 
इस गंभीर मसले पर यहाँ के एएसपी  नीरज पाण्डेय का कहना है की मामला गंभीर है , गयाब हुए लोगों की तलाश का प्रयाश किया जा रहा है । उनका कहना है की  टीम गठित  कर खोज बिन की जायेगी  
गौर तलब  है कि इससे पहले शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में पेप्टेक सिटी में रहने वाले नौगांव जनपद पंचायत सीईओ पीके मिश्रा का बेटा राघव गायब हो गया था।  एक महीने के बाद वह वापस आया । इसके बाद एक शिक्षक का बेटा भी एक्सीलेंस स्कूल के सामने से गायब हुआ। इसका कोई सुराग नहीं लग सका। शहर के शांतिनगर कॉलोनी में रहने वाले बीएसएनएल कर्मचारी की बेटी भी कुछ दिनों पहले ही घर से गायब हो गई, लेकिन पुलिस अब तक एक भी युवक-युवती की तलाश नहीं कर पाई है।




कोई टिप्पणी नहीं:

विकास की उमंग और चुनौतियों के संघर्ष का बुंदेलखंड

  बुंदेलखंड की डायरी  विकास की उमंग और चुनौतियों के  संघर्ष का  बुंदेलखंड  रवीन्द्र व्यास  दो राज्य में बटे बुंदेलखंड के लिए    2025  में कई...