14 सितंबर, 2013

विश्व एक मात्र मंदिर


 राधा जी मन्दिर में धूम-धाम से मनी राधाष्टमी
बुंदेलखंड इलाका  पुरातत्व और प्राक्रतिक संपदा से समृद्ध है , यहाँ के पन्ना जिला का हीरा देश ही नहीं दुनिया में मशहुर है , यहीं पर एक एसी अनमोल कृति है " राधिका जी का मन्दिर" जो दुनिया में सिर्फ यहीं पर है /
 राधा अष्टमी पर बाई जू राज महारानी जू मंदिर में राधा रानी का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर में पहुंचने लगी चंदन, धूप और ताजे पुष्पों से सुगंधित पूरा वातावरण मन को मोह रहा था। श्री राधा रानी महारानी जी के मंदिर में आज विशेष शोभा थी। विशेष प्रकार आभूषण, वस्त्र आदि से आज महाश्रृंगार किया गया था। सुबह 9 बजे से मंदिर के गर्भगृह में विशेष झीलना किए गए जो लगभग तीन घंटे तक चलते रहे। दोपहर होते ही वाद्य यंत्रों सहित भक्त मंडली मंदिर मंे पहुंच जाती है और सर्वप्रथम जोगमाया का प्रकरण गाया गया। सैकड़ों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालु मंदिर के पर्दा खुलने का इंतजार में रहते हैं कि कब पर्दा खुले और राधारानी के दर्शन लाभ मिले। ठीक साढे बारह बजे गगनभेदी तोपों की सलामी के साथ जन्मोत्सव मनाया गया वहां उपस्थित श्रद्धालुओं ने दर्शन लाभ लेकर अपने आपको धन्य महशूस किया।’’
पन्ना नगर के विश्व प्रसिद्ध मन्दिर श्री बाईजू राज महारानी मंदिर (राधिका जी का मन्दिर) में आज राधिका अष्टमी के अवसर पर राधिका जी का जन्म उत्सव परम्परागत तरीके से धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर नगर सहित देश के विभिन्न प्रांतों से आए धर्म प्रेमियों ने धर्म लाभ लिया। विदित हो कि पूरे विश्व में प्रणामी धर्म का राधाजी का यह इकलौता मन्दिर है जहां राधाष्टमी पूरे भक्ति भाव एवं हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है। इस मन्दिर में राधाजी की स्थापत्य स्वरूप को सर्वप्रथम हीरों एवं स्वर्णजडित आभूषणों से श्रंगार किया गया। आज के इस विशेष दिवस को अवलोकित कर अपना जीवन धन्य करने हेतु यहां देश विदेश में रह रहे प्रणामी सम्प्रदाय एवं अन्य धर्मों के धर्मावलम्बी यहां पहुंचते हैं और श्री जी की साक्षात शक्ति स्वरूपा राधाजी के दर्शन कर धन्य हो जाते हैं। 
         मंदिर परिसर में  सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था और कार्यक्रम की शुरूआंत में सुबह 9 बजे झीलना कार्यक्रम बड़े ही उत्साह के साथ मंदिर के पुजारी एवं भक्तजनों द्वारा सेवाकर मनाया गया उसके बाद दोपहर साढे बारह बजे जैसे ही राधाजी का प्रगटन उत्सव मनाया गया परदा खुलते ही लोग उनके दर्शन के लिए वेचैन रहते हैं साथ ही गगनभेदी तोपों की सलामी के साथ सैकड़ों श्रीफल राधिकाजी के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में भेंट किये गये। महिलाएं बधाई एवं अन्य भजन गाकर जन्मोत्सव का आनन्द मनाती रहीं तथा रात्रि में मटकी तोडों कार्यक्रम भी सम्पादित किया गया। इस विशेष दिवस हेतु प्रणामी सम्प्रदाय पूरे हर्ष प्रतीक्षारत रहता है।
राधाष्टमी पर हुई विशेष जन्म आरती- राधिका रानी के जन्म की अत्यंत विशिष्ट बड़ी आरती का आयोजन हुआ जिसको देखने के लिए श्रद्धालुओं की होड़ लगी रही। पर्याप्त सेवा अर्पित करके किसी भक्त को आज की आरती का सौभाग्य मिलता है।


राकेश शर्मा /पन्ना 

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