30 अक्टूबर, 2009

लाश लटकती रही

छतरपुर जिला के बड़ा मलहरा कसबे में एक हम्माल तुलसी यादव को पुलिस इस लिए पकड़ कर ले गई थी क्यो की उसके बेटे पर चोरी करने का शक था बेटे के कारण मिली इस जलालत को खुद्दार पिता बर्दास्त नही कर सका और उसने आत्म हत्या कर ली उसका शव बेरी के पेड़ पर २९ वा ३० अक्तूबर के दोरान १८ घंटे तक लटकता रहा लोगो ने इस शव को तब तक पुलिस को हाथ नही लगाने दिया जब तक वहा मीडिया वाले नही पहुँच गए
पुलिस की इस हरकत से गुसाये लोगो ने २९ की शाम चक्का जाम भी किया था ,इस जाम में जिला पंचायत सी .इ.ओ। ऍम.रघुराज भी फँस गए थे हालाँकि रघुराज के कहने पर ग्रामीण शांत हुए \\३० को जब मीडिया वाले पहुंचे तब कही जा कर लाश को उतारा जा सका और उसका पोस्ट मार्टम हुआ मामले की मजेस्त्रिअल जाँच बिजावर एस.डी.एम्। एस.एन.शुक्ला ने शुरू कर दी है ,मृतक के परिवार को दस हजार की आर्थिक सहायता दी गई है
सवाल ये उठता है की सामान्य मोबाईल चोरी के मामले में पुलिस इतनी सक्रीय केसे हो गई ,मामले के असली आरोपी ना मिलने पर उसके पिता को उठा लाई,बड़ी गंभीर मामलो में निष्क्रिय रहने वाली पुलिस की इस मामले में सक्रियता अनेको सवालों को जन्म देती है !क्या एसा कानून है की मुलजिम न मिले तो उसके परिवार के लोगो को प्रताडित किया जाए
रवीन्द्र व्यास
बुंदेलखंड मीडिया रिसोर्स नेटवर्क

6 टिप्‍पणियां:

रचना गौड़ ’भारती’ ने कहा…

समाचारों से अवगत कराते रहने के लिए धन्यवाद ।

Dudhwa Live ने कहा…

बहुत खूब लिखा समाज़ में फ़ैली बुराई और बुरे लोगों के लिये ! किन्तु ईश्वर शब जानता है भले देर में ही सही .........

वन्दना अवस्थी दुबे ने कहा…

अरे वाह रवीन्द्र जी..........इतने सालों बाद इस तरह ब्लॉग पर मिलेंगे, सोचा न था..कितनी खुशी हो रही है, बता नहीं सकती.टिप्पणी में से शब्द-पुष्टिकरण हटा लेंगे तो सुविधा होगी.

डॉ. राधेश्याम शुक्ल ने कहा…

samajik mamalon men abhiruchi ka abhinandan

Amit K Sagar ने कहा…

चिटठा जगत में आपका हार्दिक स्वागत है. लेखन के द्वारा बहुत कुछ सार्थक करें, मेरी शुभकामनाएं.
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महिलाओं के प्रति हो रही घरेलू हिंसा के खिलाफ [उल्टा तीर] आइये, इस कुरुती का समाधान निकालें!

अजय कुमार ने कहा…

हिंदी ब्लॉग लेखन के लिए स्वागत और शुभकामनायें
कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें तथा अपने सुन्दर
विचारों से उत्साहवर्धन करें