30 अक्टूबर, 2009

हीरा अब छतरपुर में ०२

रिओ टिंटो ने छतरपुर जिले के बक्स्वाहा में हीरा प्रोसेसिंग प्लांट तो शुरू कर दिया किंतु इसे लेकर स्थानीय लोगो में खासा असंतोष भी देखने को मिला ,गाव वालो की अपनी अपनी शंकाए है \

आशंकाए :=ग्रामीणों ने उदघाटन के मोके पर बाकायदा विरोध प्रदर्शन किया | इन लोगो को स्थानीय छुट भइया नेताओ ने भड़काया था ,साथ ही जिला प्रशासन की लापरवाह पूर्वक निति भी इसके लिए जिम्मेदार रही ,प्रशासन वा आम जनता तथा प्रेस के बीच इतना गेप है की ,कोई किसी को वास्तविक स्तिथि बताना ही नही चाहता |जिसके चलते तमाम तरह के विरोधाभास उत्पन्न हुए | जिसका समाधान करने का प्रयास जिला कलेक्टर ने नही किया |ग्रामीणों की आशंकाए है की उनकी जमीन कहीं छीन ना जाए , खुदाई से निमानी गाव वा आस पास के गावो का जल स्तर नीचे चला जायेगा | स्थानीय लोगो को रोजगार नही मिलेगा |पर्यावरण प्रदूषित होगा ,जंगली जानवर जंगल छोड़ कर भागने लगे है |

शंका समाधान := मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान की माने तो इस परियोजना से इस छेत्रकी तस्वीर और तक़दीर दोनों बदलेगी | स्थानीय लोगो को रोजगार मिलेगा ,कारोबार बढेगा , आने वाले समय में इस जिले में डायमंड पार्क की स्थापना की जायेगी |इस परियोजना की निदेशक सुश्री स्टेफनी लोडर के अनुषार यह प्लांट पर्यावरण पर प्रभाव को कम करने के लिए विशेष रूप से तेयार किया गया है |धूल धुव्नि नियंत्रण के साथ साथ जल के बेहतर उपयोग का प्रबंध किया गया है \ जल संचय विधि के द्वारा पानी के संरक्षण का इंतजाम किया गया है | वर्तमान में परियोजना में २२० लोगो को रोजगार मिला है ,इनमे ९३ % मध्य प्रदेश के है | पूर्ण रूप से परियोजना संचालित होने पर ४०० लोगो को रोजगार मिलेगा ,इसके अलावा खान के सञ्चालन के लिए आवश्यक वस्तुए सेवाए प्रदान करने के लिए रोजगार के अनेको अवसर पैदा होंगे |

०० बहर हाल इस नई शुरुआत से इस अंचल में एक औधोगिक क्रांति की शुरुआत हुई ,रिओ टिंटो जेसी कम्पनी ने यहाँ दफ़न हीरे को खोजा और दुनिया के सामने लाकर इस जिले का ही नही मध्य प्रदेश का नाम दुनिया के नक्शे पर ला दिया की एशिया में यही एक एसा प्रदेश है जहा दो जिलो में हीरा निकलता है \\

रवीन्द्र व्यास

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