खजुराहो के मंदिरों के कारण पहचाना जाने वाले छतरपुर जिला को अब एक नई पहचान मिल गई है ,हीरा के कारण मिली इस नई पहचान के कारण छतरपुर अब एशिया में दूसरा जिला बन गया है जहा हीरा निकलता है मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री शिव राज सिंह चौहान ने २७ अक्तूबर को हीरा सेम्पल प्रोसेसिंग प्लांट का उदुघाटन किया इससे इस एरिया में नई ओधोगिक क्रांति की शुरुआत होगी
आस्ट्रेलिया की प्रमुख कंपनी रियो टिंटो ने (रियो टिंटो एक्सप्लोरेशन इंडिया प्रा.ली.) ने २००४ से इस जिले के बक्सवाहा इलाके में हीरा खोजने का काम शुरू किया था कम्पनी को इस एरिया में ८ किम्बरलाईट रोक्स (चट्टान ) का समूह मिला कम्पनी ने इस प्रोजेक्ट का नाम "बन्दर परियोजना" दिया है ३३ करोड़ की लागत के इस आधुनिक प्लांट को रियो टिंटो ने ऐसे ही नही लगाया है ,कम्पनी को जो प्रारंभिक रिपोर्ट मिली है उसके मुताबिक यहाँ ३७ मिलियन टन हीरा के भंडार है ,हीरे की गुणवत्ता भी पन्ना के हीरा से बेहतर है ,कम्पनी को भरोशा है की यहाँ का हीरा पन्ना हीरा खदान से ७ गुना ज्यादा मूल्यवान होगा , यहाँ की उत्पादन छमता भी पन्ना से २० गुना ज्यादा होगी इस वर्ष के अंत तक प्रारंभिक परिणाम प्राप्त होने लगेगे ,तब यह एरिया विश्व के १० शीर्ष हीरा उत्पादक छेत्रोमें शामिल हो जाएगा ( आगे पड़े हीरा अब छतरपुर में भाग ०२ )
रवीन्द्र व्यास
बुंदेलखंड मीडिया रिसोर्स नेटवर्क
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29 अक्टूबर, 2009
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