01 नवंबर, 2009

बदहाल बुंदेलखंड

मध्य प्रदेश और उतर प्रदेश में विभक्त देश का एक एसा इलाका है जंहा की धरा हीरा उगलती है ,कीमती खनिज संपदा से भर पूर इस इलाके की बदनसीबी यह देखिये की यहाँ के लोग अभावो और बदनसीबी में जीने को मजबूर है इस ब्लॉग को बनाने के पीछे भी मकशद यही है की यहाँ की वास्तविकता के बारे में कुछ लिख सकू

"कोंडी नही पास ,मेला लगे उदास " : दुनिया में तरक्की की नई कहानिया लिखी जा रही है ,देश की विकास दर बढ रही है ,कम्पनिया हीरा खोद कर यहाँ से ले जा रही है ,कम्पनिया हीरे से चमक रही है पर ,यहाँ के लोगो की दशा कोडी नही पास मेला लगे उदास जैसी ही है यहाँ किसान कर्ज के बोझ तले आत्म हत्या करने को मजबूर है , पेट की आग की खातिर वो देश ही नही विदेशो में भी जाकर मजदूरी करने को लाचार है

"गरीबी झगडे की जड़ " की ये कहावत इस इलाके में सटीक बैठती है आख़िर बेठे भी क्यो नही ,कहते है ना खाली दिमाग शेतान का ,जब खेत सूखे होंगे ,पेट भूखे होंगे तो ,शेतान तो हावी होगा ना ,यही शेतान झगडा फसाद कराता है ,बेबस लोग या तो मो़त को गले लगा लेते है या जंगल की राह पकड़ लेते है हाल के डकेतों की यही कहानी सामने आई है ,जिसमे जुल्म के कारण वे डकेत बन रवीन्द्र रवीन्द्र , बातें बहुत सी है ,फिर कभी उनपर चर्चा होगी पर में आपको बुंदेलखंड की खट्टी -मीठी बातो से अवगत कराता रहूँगा , समाचार के रूप में या व्यंग के रूप में अथवा कहानी के रूप में ,आप से जुड़ने का प्रयाश होगा

###बुंदेलखंड मीडिया रिसोर्स नेटवर्क ###0

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