अवैध रेत के तीन ट्रैक्टर पकड़ने और छोड़ने का मामला :: कलेक्टर ने एसडीएम से मांगा स्पष्टीकरण
छतरपुर // // २६/१०/२५ , कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने विगत शनिवार को एसडीएम छतरपुर अखिल राठौर द्वारा रेत के अवैध ट्रैक्टर पकड़े जाने और छोड़ने के मामले में त्वरित संज्ञान लिया है।
कलेक्टर ने एसडीएम को कारण बताओ नोटिस जारी कर तत्काल रूप से लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में जांच टीम गठित कर पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है।
छतरपुर में एसडीएम अखिल राठौर ने शनिवार सुबह 7 बजे सिविल लाइन थाना क्षेत्र के पन्ना रोड फोरलेन के पास से अवैध रेत ले जा रहे तीन ट्रैक्टरों को पकड़ा | दीपक यादव, कैलाश यादव और मनोज तिवारी के इन ट्रेक्टरों को एसडीएम साहब ने सिविल लाइन थाने में खड़ा करवाया था। लेकिन कुछ ही देर बाद रेत माफिया इन ट्रैक्टरों को थाने से लेकर फरार हो गए |
इस मामले में सिविल लाइन थाना प्रभारी सतीश सिंह ने बताया कि हमें इस मामले में बाद में जानकारी हुई थी कि प्रातः एसडीएम और तहसीलदार द्वारा तीन ट्रेक्टर को थाने में खड़ा कराया गया था | चूँकि इस मामले में पकड़ने या जप्ती का कोई डोकूयमेन्ट उनके द्वारा थाने में उपलब्ध नहीं कराया गया था | बाद में उनके पटवारी थाने आये और ट्रेक्टर को रिलीज़ कराया था | थाने में किसी प्रकार की सुचना नहीं दी गई थी कि थाने में क्यों और किसलिए रखे गए हैं |
मामला सोशल मीडिया में आने के बाद अचानक सुर्ख़ियों में आया और २४ घंटे बाद कलेक्टर ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि शनिवार को एसडीएम छतरपुर अखिल राठौर द्वारा रेत के अवैध ट्रैक्टर पकड़े जाने और छोड़ने के मामले में त्वरित संज्ञान लिया है।कलेक्टर ने एसडीएम को कारण बताओ नोटिस जारी कर तत्काल रूप से लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में जांच टीम गठित कर पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है।
कलेक्टर द्वारा जांच टीम गठित करने के ३५ मिनट बाद एसडीएम अखिल राठौर का जनसम्पर्क कार्यालय से स्पष्टीकरण का वीडियो जारी होता है | एसडीएम इसमें स्पष्ट करते हैं कि अवैध रेट परिवहन पर निरंतर कार्यवाही जारी है | कल भी ट्रैक्टर पकडे गए थे | उन पर विधि सांगत माइनिंग की कार्यवाही की जा रही है | और प्रशासन द्वारा संयुक्त कार्यवाही करते हुए दो यादव और तिवारी के ट्रेक्टरों को ोरचारोड थाने में खड़ा कराया गया है | आगे टीम बनाकर हम कठोर कार्यवाही कर रहे हैं | हमारा उन सब अवैध उत्खनन परिवहन करने वाले लोगों से कहना है कि इस तरह का बिजनेस छोड़ दें नहीं तो उन पर भरी से भारी कार्यवाही की जायेगी |
एसडीएम अखिल राठौर के नेतृत्व में की गई है कार्यवाही कई सवालों के घेरे में है और इन्हीं सवालों ने उनके खिलाफ जांच भी खड़ी करवा दी, इस पूरी घटनाक्रम में रेत माफियाओं और प्रशासनिक गठजोड़ की बात भी सामने आई है, तो वही कहा यह भी जा रहा है की राजनीतिक दबाव और सरपरस्ती के कारण इन ट्रैक्टरों को सिविल लाइन थाने से छोड़ा गया था, लेकिन अब डैमेज कंट्रोल के लिए उन्हें ओरछा रोड थाने में रखवाया गया है, सवाल यह भी है कि अगर ओरछा रोड थाने में ही ट्रैक्टर खड़े करवाने थे तो फिर उन्हें सिविल लाइन थाने क्यों ले जाया गया ,और वहां काफी देर तक ट्रैक्टर खड़े क्यों रहे , फिलहाल इस मामले की लीपापोती जारी है, कलेक्टर छतरपुर की जांच में क्या सामने आता है यह देखना भी दिलचस्प होगा
शहर में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में ट्रैक्टर अवैध रूप से रेत का परिवहन करते हैं। आरोप है कि यह गोरखधंधा प्रशासन की कथित सांठगांठ से चलता है और इन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। ये ट्रैक्टर आसपास के नदी-नालों से रेत लाकर सटई रोड, देरी रोड, महोबा रोड और गायत्री मंदिर के पास खड़े किए जाते हैं।
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