बाबा के धाम आएंगे पीएम और राष्ट्रपति
रवीन्द्र व्यास
देश दुनिया में विख्यात हो चुके बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अब धाम में कैंसर अस्पताल बनवाने जा रहे हैं | इसकी आधार शिला रखने लिए उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया है | २३ फरवरी को पीएम को भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आना तय है , इसी के चलते वे बागेश्वर धाम आ कर आधार शिला रख सकते हैं | मोदी जी धाम पर आ कर शिलान्यास करें इसकी पैरोकारी के लिए स्वयं सीएम और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष भी सक्रिय हैं | वही २६ फरवरी को सामूहिक कन्या विवाह में महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन को लेकर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं | ये अलग बात है कि धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री अपनी कथाओं से और पर्चा निकालने से ज्यादा अपने विवादित बयानों के कारण सुर्खियां बटोरते हैं |
असल में पीएमओ से हरी झंडी मिलने के बाद बागेश्वर धाम में तैयारियां शुरू हो गई हैं। प्रधानमंत्री मोदी 23 फरवरी को धाम में दो सौ करोड़ की लागत वाले बालाजी सरकार कैंसर इंस्टीट्यूट ( कैंसर अस्पताल) की नींव रखेंगे। इसके लिए २५ एकड़ जमीन चिह्नित की गई है।प्रारम्भिक चरण में यह अस्पताल २०० बेड का होगा | इसमें गरीबों को मुफ्त उपचार मिलेगा | अस्पताल में पैथोलॉजी, सीटी स्कैन, एमआरआई, रेडियोथेरेपी एंडी कीमोथेरेपी की सुविधा भी उपलब्ध कराई जायेगी । इंस्टीट्यूट में तमाम आधुनिक सुविधाओं के साथ फूड कोर्ट, एग्जीबिशन कॉम्प्लेक्स, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और सोलर पार्किंग होगी। जरुरत पड़ने पर विदेशों से भी इलाज के लिए चिकित्स्कों को बुलाया जाएगा |
अब गरीब किसे माना जाएगा इसके लिए कमेटी जांच करेगी और जो पात्र पाया जाएगा उसे निशुल्का इलाज का लाभ मिलेगा ।
108 आदिवासी कन्याओं सहित २५१ कन्याओं का विवाह
बागेश्वर धाम में इस वर्ष भी महाशिवरात्रि पर विशाल कन्या विवाह महा महोत्सव होगा । विवाह समारोह में 108 बेटियां आदिवासी समाज से और 143 बेटियां सभी समाजों से चुनी गई है । इस समारोह में महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन को लेकर प्रशासन ने तैयारियों शुरू कर दी हैं |
विवाह के लिए धाम में 1000 से अधिक फॉर्म आए थे, जांच के बाद 251 बेटियों को चयनित किया गया । इसमें सिर्फ छतरपुर और नहीं देश प्रदेश के अनेकों स्थानों की कन्याओं का चयन किया गया | इन कन्याओं में में कई ऐसी हैं जो अनाथ है, कुछ ऐसी भी है जो मातृ पितृ हीन है। विवाह के लिए जिन बेटियों को चयनित किया गया है उनमें ४ दिव्यांग , ५४ अनाथ , ९४ पितृहीन १२ मातृ हीन और ८७ ऐसी हैं जो अत्यंत निर्धन परिवारों की हैं |
विवादों से नाता
कुंभ में भगदड़ में मारे गए लोगों को लेकर बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा था कि, “यह घटना निंदनीय है, लेकिन इस महा प्रयाग में मरने वाले लोग मोक्ष प्राप्त करते हैं।” शास्त्री ने कहा, “यहां मरा नहीं है कोई, हां असमय चले गए तो दुख है, लेकिन जाना तो सबको है।” उनका मानना था कि गंगा के किनारे मरने वाले श्रद्धालु मोक्ष प्राप्त करते हैं, और यही इस स्थान की विशेषता है।प्रयागराज में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का यह बयान सोशल मीडिया पर जमकर वायरल भी हुआ था और विरोध भी हुआ था ,|
हालंकि कुंभ में मोक्ष पाने वाले बयान को लेकर बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने ५ फरवरी को छतरपुर में सफाई दी। उन्होंने कहा कि उस बयान को पूरा नहीं सुना गया है ,तोड़ मरोड़कर पेश किया गया है ।
उन्होंने कहा कि उस वीडियो में बोला है कि हृदय में बहुत पीड़ा है बहुत दुख है हमारा वक्तत्व यह नहीं था जो लोगों ने समझा है, जिस बयान को लेकर बवाल मचाया जा रहा है उसे वीडियो को पूरा सुने, छोटी सी बात को काटकर वायरल किया जा रहा, |
हाल ही में बाबा बागेश्वर के कुछ बयान ऐसे रहे जिनने सुर्खियां बटोरी , इन पर विवाद भी हुए | असल में बाबा जी अपनी भावनाओं पर ना तो काबू रख पाते हैं और ना ही कलयुग के अनुरूप दोहरे चेहरे के साथ रह पाते हैं | जो मन में होता और उनको उचित लगता है वह व्यक्त करने में कोई संकोच नहीं करते | गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का ही विवाद देख लीजिये ,एक आदिवासी महिला ने उन्हें बताया कि जी जी पी के कुछ सदस्य भगवान राम को नहीं मानते और उन्होंने रामायण को जलाया है | यह बयान सुनते ही नाराज शास्त्री ने जी जी पी पर देशद्रोह और विदेशी फंडिंग का आरोप आरोप लगा डाला | उनका यह बयान भी एक वायरल विडिओ सामने आने के बाद शुरू हुआ | जी जी पी ने भी शास्त्री पर ढोंगी और संविधान की जानकारी ना होने का आरोप जड़ दिया |
नेम प्लेट विवाद नेम प्लेट विवाद जुलाई 2024 में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बागेश्वर धाम की सभी दुकानों पर नेम प्लेट लगाने का आदेश दिया था। पंडित धीरेंद्र शास्त्री का कहना था कि इससे 'राम वालों' और 'रहमान वालों' की पहचान होगी। उनका मकसद 'कालनेमि यों' की पहचान करना है।
हज़रत अली और बजरंगबली को एक साथ जोड़कर बाबा ने टिप्पणी की थी। इस बयान पर कई लोगों ने आपत्ति जताई और इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया। इस पर उनके विरुद्ध एफ आई आर भी दर्ज कराई गई थी | बाबा ने बाद में सफाई दी कि उनका इरादा किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं था और उन्होंने अपने शब्दों को गलत समझे जाने पर माफी मांग ली।
एक कार्यक्रम में पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था कि हम प्रार्थना करेंगे सनातनी हिंदुओं से कि एक हो जाओ। अगर तुम नहीं जागे तो ये तुम्हें अपने गांव में भी भोगना पड़ेगा। इसलिए निवेदन है कि सब हिंदू एक हो जाओ और पत्थर मारने वालों पर बुलडोजर चलवाओ। कुछ दिन बाद हम भी बुलडोजर खरीदने वाले हैं। अभी पैसे नहीं हैं वर्ना हम भी बुलडोजर खरीदें और राम के काज पर और सनातन महात्माओं पर और संतों पर पत्थर चलाएगा, हम उसपर बुलडोजर चलाएंगे।
प्रेमानंद महाराज की यात्रा
वृंदावन के आध्यात्मिक संत प्रेमानंद महाराज हर रात अपने घर से निकलकर केली कुंज आश्रम तक पद यात्रा करते थे। उनके दर्शनों के लिए हजारों लोग रात से ही लाइन लगाकर खड़े हो जाते थे। पदयात्रा के समय उत्साही भक्त कई तरह के बैंड बाजे, आतिशबाजी और लाउडस्पीकर पर भजन बजाते थे। आसपास के कॉलोनी में रह-रहे लोगों ने बाबा के इस पद यात्रा का विरोध करते हुए कहा था कि शोर-शराबे से नींद में खलल पड़ता है। शोर से घर में रह रहे बीमार, बुजुर्ग, बच्चों और सुबह काम पर जाने वाले लोगों को दिक्कत हो रही है। यहाँ तक की कॉलोनी की महिलाएं पदयात्रा का विरोध करने के लिए तख्ती लेकर सड़क पर उतर आईं। इन तख्तियों पर लिखा है, “कौन-सी भक्ति, कौन -सा दर्शन, ये तो है केवल शक्ति प्रदर्शन।”
इसके बाद संत प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा पर विराम लग गया | इसको लेकर बाबा बागेश्वर ने बयान दिया कि “पुराने समय में हवन कुंड से राक्षसों को दिक्कत हुआ करती थी। मनुष्यों को कभी भी भजन से दिक्कत नहीं होती। जो भी प्रेमानंद बाबा की पद यात्रा का विरोध कर रहा, वह शुद्ध रूप से इंसान नहीं है। आगे आप समझदार हो…समझ जाओ वो क्या है? हम ब्रजवासियों से कहेंगे, बाबा से कहेंगे कि आपका भजन बराबर चलने दो, आपकी यात्रा चलने दो, जिसके पेट में दर्द है, वह वृंदावन छोड़कर दिल्ली चले जाएं। क्योंकि वृंदावन में तो राधे ही राधे होगा, आधे-आधे नहीं होगा। जिन महिलाओं ने बाबा का विरोध किया, हम तो उनसे एक ही अनुरोध करेंगे। एक साधू के भजन में ही रोक लगाओगी देवियों तो तुम इंसान तो हो ही नहीं सकती। जरूरत पड़ने पर हम भी बाबा का साथ देंगे।
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