26 फ़रवरी, 2025

Political_सनातन पर आघात और प्रतिघात

 सनातन पर आघात और प्रतिघात 


  रवीन्द्र व्यास 

बुंदेलखंड अपनी अलग दशा और दिशा के कारण  हमेशा सुर्खियों बटोर ही लेता है |  बुंदेलखंड के छतरपुर जिला मुख्यालय का समीपवर्ती गाँव  गढ़ा बागेश्वर धाम इन दिनों सुर्ख़ियों में है | रविवार को यहां आये प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी प्रसिद्धि में चार चाँद और लगा दिए | बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री सनातन धर्म की कट्टर छवि के लिए जाने जाते हैं | इसी मंच से पी एम् मोदी ने सनातन द्रोहियों को ऐसा सख्त सन्देश दे दिया जो आने वाले चुनावों का एजेंडा तय करेगा | 
                  दरअसल  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहाँ  बागेश्वर धाम मेडिकल साइंस और रिसर्च सेंटर (कैंसर हॉस्पिटल } का शिलान्यास करने आये थे । यहां उन्होंने बागेश्वर धाम के हनुमान मंदिर में मत्था भी टेका आरती भी की और  धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की  माता जी से मुलाकात भी की ।

 धीरेंद्र महाराज  की पहचान देश दुनिया में एक ऐसे बाबा के रूप में है जो लोगों की समस्याओ का समाधान पर्चा निकाल कर करते हैं , पर इससे भी बड़ी पहचान उनके कट्टर सनातनी होने और खुल कर हिंदुत्व की बात कहने वाले एक संत के रूप में हो गई है | इन दिनों बागेश्वर धाम का मंच सनातन  सभ्यता , और  संस्कृति  के साथ भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने वाला मंच भी माना जाता है | बागेश्वर धाम से ही  धीरेन्द्र शास्त्री ने हिन्दू राष्ट्र की हुंकार भरी थी , और हिन्दू जोड़ो पदयात्रा भी निकाली थी |  आदिवासी समाज का सम्मलेन भी किया और उनकी आर्मी बनाने की दिशा में भी आगे बड़े | वे एक ऐसे संत हैं जो खुले तौर पर एक करोड़ कट्टर हिन्दू बनाने की जरुरत पर जोर देते हैं | 
                                         ऐसे मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  बगैर किसी नेता का नाम  लिए सनातन विरोधियों पर निशाना साधा | उन्होंने   कहा कि  आज कल हम देखते हैं नेताओं का एक वर्ग ऐसा है जो धर्म का मखौल उड़ाता है, लोगों को तोड़ने में जुटा है, और बहुत बार  विदेशी ताकते भी इन लोगों का साथ देकर देश  धर्म को कमजोर करने की कोशिश करती दिखती हैं।हिंदू आस्था से  नफरत करने वाले ये  लोग सदियों से किसी न किसी वेश  में रहते रहे हैं । गुलामी की मानसिकता से घिरे हुए ये लोग हमारे मत , मान्यताओं ,और मंदिरों पर हमारे  संत, संस्कृति और परंपराओं पर हमला करते रहे हैं।ये लोग हमारे पर्व , परंपराओं और प्रथाओं को गाली देते हैं जो धर्म जो संस्कृति स्वभाव ऐसी प्रगतिशील  है उस पर कीचड़ उछालने   की यह हिम्मत दिखाते हैं | हमारे समाज को बांटना उसकी एकता को तोड़ना ही इनका एजेंडा है | इस माहौल में मेरे छोटे भाई धीरेंद्र शास्त्री जी काफी समय से एकता के मंत्र  को लेकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं | 
          पी एम् मोदी यहीं नहीं रुके उन्होंने मठ और मंदिरों के सामाजिक कार्यों  को भी बताया | उन्होंने कहा   हमारे मंदिर हमारे मठ हमारे धाम एक ओर  ध्यान और साधना के केंद्र रहे हैं दूसरी ओर विज्ञान और सामाजिक चिंतन और चेतना  के भी केंद्र है | हमारे ऋषियों ने ही हमें हमें आयुर्वेद का विज्ञान दिया , हमारे ऋषियों ने ही हमें  योग का विज्ञान दिया जिसका परचम आज पूरी दुनिया में लहरा रहा है।भारत में कितने बड़े-बड़े अस्पताल भी हमारी धार्मिक संस्थान द्वारा चलाए जा रहे, साइंस से जुड़े कितने रिसर्च इंस्टीट्यूट चलाए जा रहे हैं ,करोड़ों गरीबों का इलाज और सेवा इन संस्थानों में होता  है|इस गौरवशाली परंपरा में बागेश्वर धाम के रूप में एक और नया अध्याय जोड़ने जा रहा हूं अब बागेश्वर धाम में आरोग्य का आशीर्वाद भी  लोगों को मिलेगा |  हमारी तो मान्यता  ही है , परहित सरस धर्म  नहीं भाई , दूसरों की सेवा दूसरों की पीड़ा का निवारण ही हमारा संकल्प है ,  नर  में नारायण जीव में शिव इस भाव से मानव मात्र की सेवा यही हमारी परंपरा रही है | 
              प्रयागराज कुंभ को   एकता का महाकुंभ बताकर  पीएम मोदी ने उन तमाम विरोधियों को भी जवाब दे दिया जो सनातन धर्म  को जाति और सम्प्रदाय में बांटने का जतन कर रहे हैं | बहुत ही कम दिनों में मुझे बुंदेलखंड आने का दुबारा  सौभाग्य मिला है। इस बार तो बालाजी बागेश्वर धाम का बुलावा आया है। यह हनुमान जी की कृपा है की आस्था का यह केंद्र अब आरोग्य का भी केंद्र बनने जा रहा है। 
           दरअसल  पिछले कुछ समय से राजनेताओं , कथित नामचीन हस्तियों द्वारा सनातन हिन्दू धर्म  पर विवादित टिप्पणियां की है तो कुछ ने अप्रत्यक्ष रूप से टिप्पणियां की हैं  | इसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे , अखिलेश  यादव , ममता बनर्जी , उदयनिधि स्टालिन , असद्दुदीन उवेशी,मौलाना तौकीर रजा ,अफजाल अंसारी सहित ना जाने कितने ऐसे नाम हैं जो हिन्दू धर्म और दर्शन पर विवादित बोल बोलने से परहेज नहीं करते | इनका उद्देश्य  आम जन मानस सिर्फ यह मानता है कि ये लोग मुस्लिमो को रिझाने के लिए इस तरह की बयान बाजी करते हैं , और हिन्दू धर्म के लोगों को विभाजित करने का षड्यंत्र करते हैं | 
                         राजनीति के जानकार कहते हैं कि राजनीति करने वाले ये लोग यह नहीं समझ पा रहे हैं कि देश से वाम पंथ का एक तरह से सफाया क्यों हुआ ? भारत देश का विभाजन धार्मिक आधार पर हुआ और  आपने सत्ता पाने के बाद क्या किया , सबसे ज्यादा आघात   उसी वर्ग पर किया जो इस देश का आधार है | यह वे लोग हैं अथवा उस परिवार से आते हैं  जिनके पूर्वजो ने भय और लालच से अपना धर्म नहीं छोड़ा | अब अगर ऐसे लोगों के धर्म पर  आप टिप्पणियां करोगे तो वे मौन तो नहीं बैठेंगे | मोदी जी एक कुशल राज नेता हैं ,वे बीते तीन चुनावों में यह समझ चुके हैं कि उनका साथ सिर्फ सनातनी ही देंगे , जिनको वे लुभाने का वह जतन कर रहे थे वह एक तरह से उनका भ्रम था | इसी को देखते हुए उन्होंने बागेश्वर धाम के मंच से जो कहा वह एक दूर का राजनैतिक एजेंडा है | उन्होंने बताया कि इन नेताओं को " बटेंगे  तो कटेंगे " की बात और उसके बाद आये राज्य  के चुनावी परिणामो से भी यह लोग समझ नहीं पा रहे हैं | 
     

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