15 अगस्त, 2012

एक छोटे से गाँव से उठाई बच्चों ने अधिकारों की आवाज

बच्चों की ग्राम सभा :

 रवीन्द्र व्यास 
बुंदेलखंड का यह इलाका  वह बदनसीब इलाका है जो दोहरी गुलामी का शिकार रहा जिसका असर आजादी के ६५ साल बाद भी देखने को मिल जाता है | एसे ही इलाके  के छतरपुर जिले के  एक छोटे से गाँव पनागर के स्कूली बच्चों ने आजादी दिवस के एक दिन पूर्व एक अनोखी बाल ग्राम सभा लगा डाली | 
जिसमे मासूम बच्चों ने देश के ४० फीसदी बच्चों के अधिकारों की आवाज उठा कर हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया | सभा में उठाये बच्चों के सवालों के जबाब वहां मोजूद गुरु जानो और पंचों के पास भी नहीं थे | 
सुबह से ही गाँव में उत्साह का वातावरण बच्चों में था | हर बालक स्कूल पहुँचने की जल्दी में था | आखिर  स्कूल के मैदान में उनकी सभा जो होना थी | बच्चे  जुटे शिक्षक  और पंच भी जुट गए | बच्चों ने मंच पर पहुँच कर  सवाल करना शुरू किये _ आखिर हमारा क्या दोष है जिसके कारण शिक्षक पढाई नहीं कराते  और हाफ टाइम के बाद गायब हो जाते हें ? स्कूल में गन्दगी पड़ी रहती है , सफाई नहीं होती , पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है , शोचालय तो बन गए किन्तु उनमे फाटक नहीं , खेल का कोई सामान नहीं ?
बच्चों के इन सवालों पर जब गाँव के  शिक्षकों को बुलाया गया तो वे  कुछ बोल नहीं पाए , गाँव के  उप सरपंच ने  तो  ना बोलने में ही अपनी भलाई समझी |बड़ी मुश्किल में सचिव महोदय ने  काम कराने का भरोषा दिलाया | 
इसके बाद दौर आया बाल ग्राम सभा के प्रस्ताव पास करने का | बाल ग्राम सभा की----------- ने बच्चों की ओर से प्रस्ताव रखा की  गाँव की ग्राम सभा में  बच्चों के  अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए  कार्य योजना निर्माण की जाए , |१४ नवम्बर को बाल दिवस के मौके पर ज़िला में बाल सभा {ग्राम साभा } आयोजित की जाए | बच्चों के अधिकारों के हनन और उनके साथ होने वाली हिंसा को रोकने के प्रयास किये जायं |  ज़िला स्तर पर गठित  बाल  संरक्षण समिति को को सक्रीय बनाया जाए |  प्रत्येक  ज़िला में बेसहारा और परिताक्त  बच्चों के लिए केंद्र खोले जाएँ | 
                              ये बच्चे पिछले काफी समय से अपने ऊपर हो रहे अन्याय से दुखी थे | गाँव के इन बच्चों ने अपनी  पीड़ा को  व्यक्त करने के लिए सोचा क्यों ना गाँव की ग्राम सभा की तरह हम भी अपनी बाल   ग्रामसभा करें | बच्चों के इस विचार को आवाज दी  जिले की महिला समिति ने , जिले के बिजावर विकाश खंड के ३४ गाँव में बाल समिति गठित की गई |  इसका अध्यक्ष पूजा दुबे को बनाया गया | पूजा दुबे के अनुसार _ देश में ४० फीसदी बच्चे हें जिनकी ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है |गाँव के बडे  तो अपनी समस्या सुना लेते हें किन्तु बच्चों की कोई नहीं सुनता |  इस कारण हमने यह सभा की | 
बच्चों ने सभा करने के बाद कलेक्टर  राजेश बहुगुणा को ज्ञापन भी सौंपा | 

09 अगस्त, 2012

पुलिस प्रतारणा से मौत मामले में एक को सजा तीन बरी ए.एस.पी. और टी.आई.पर कार्यावाही की सिफारिश


   रवीन्द्र व्यास 
 मध्य प्रदेश में छतरपुर कोर्ट का फैसला आज  सदेव याद रखा जाएगा | कोर्ट ने पुलिस के अनुसन्धान  और विवेचना की कार्यावाही पर सवालिया निशान लगा दिया है | ७९ पेज के फैसले में   कोर्ट ने दोषी विवेचना अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही की भी सिफारिश की है |
पुलिस प्रतारणा के कारण दो सगी बहनों ( दीपांजलि और पुष्पांजलि ) ने मई २०१० में आत्म ह्त्या की थी | आज  छतरपुर कोर्ट में  ड़ी.जे. विमल जैन ने इस मामले में सजा सुनाई _ आरक्षक अरविन्द पटेल को दस साल की कैद और 9 हजार रु. जुर्माना(| तीन अन्य पुलिस कर्मी  प्रवीण त्रिपाठी , दिनेश  सिंह, और कन्हया लाल  को बरी कर दिया गया है |  अनुसन्धान में गंभीर त्रुटी पाते हुए  , एडिसनल एस,पी. सुनील तिवारी और तत्कालीन टी.आई. आर.के रावत के विरुद्ध कार्यावाही की सिफारिश की गई है |
ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश विमल जैन ने आज जब  यह फैसला सुनाया कोर्ट में बड़ी संख्या में लोग मोजूद थे | हर किसी को इस बहु चर्चित मामले के फैसले का इन्तजार था |  शासकीय  अधिवक्ता  राकेश शुक्ल ने बताया की विद्वान् न्याधीश ने  आरक्षक अरविन्द पटेल को ३०६ में १० साल  ३५४ में एक साल ५०६/१ में एक साल और ३८४ और ३८५ में दो-दो साल की और ९ हजार रु जुर्माना की  सजा सुनाई |  ९ हजार की इस राशि में से  ७ हजार रु, मृतिका के पिता को दी जायेगी | इन्ही धाराओं में कनाहिया लाल को  तथा  भा.डी.वी. की धारा  ५०६ बी और ३०६ में प्रवीण त्रिपाठी और दिनेश सिंह को बारी कर दिया गया |
इस मामले में ड़ी,जे. ने   पुलिस  के अनुसन्धान , पहचान  और मोबाईल डिटेल ना निकलवाने और जाँच में लापरवाही बरतने पर कोर्ट ने कड़ी फटकार भी लगाईं |  ड़ी.जे. ने एक पत्र फैसले की कोपी के साथ    ड़ी.जी. पुलिस भोपाल को भेजने के आदेश दिए जिसमे  कार्यावाही और अनुसन्धान में गंभीर त्रुटी पाते हुए  , एडिसनल एस,पी. सुनील तिवारी और तत्कालीन टी.आई. आर.के रावत के विरुद्ध कार्यावाही की सिफारिश की गई है |
    २६ मई २०१० को  शिक्षक राजकुमार सिंह की बेटी दीपांजलि और पुष्पांजलि ने पुलिस प्रतारणा से तंग आ कर  जहर खा कर आत्म ह्त्या कर ली थी |घटना के  पीछे    की कहानी में  दीपांजलि को उसके दोस्त हिमांशु के साथ देखने पर पुलिस आरक्षक अरविन्द पटेल  और कन्हया लाल तिवारी ने ,इसके साथ अश्लील हरकत की थी  और कपडे उतरवाकर वीडियो बनाया था | जिसकी कीमत भी दस हजार मांगी थी |दीपांजलि ने एस.पी. और ए.एस.पी. से शिकायत कर न्याय मांगा था | मामले की जाँच कर एस.पी. ने दोनों आरक्षकों को निलंबित कर दिया था | निलंबित आरक्षकों के सहयोगी प्रवीण त्रिपाठी और दिनेश सिंह उसके घर पहुंचे और धमकाया थाजिसके कारण दोनों बहनों ने जहर खा लिया था  जिसमे उन दोनों की मौत हो गई | चक्का जाम कर पुलिस  प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाये |  
इस मामले की विशेष जांच करने  ए.डी.जे.सी.आई.डी. रमेश चन्द्र अरोरा भी आये थे , इन सबके बावजूद पुलिस अधिकारियों ने दोषी पुलिस करनियों को बचाने के लिए   कोर्ट में सभी  साक्ष्य  पेश नहीं किये | वह भी तब जब शासकीय अधिवक्ता बार- बार इनसे  साक्ष्य के लिए कहते रहे | न्यायाधीश ने साक्षों में पुलिस द्वारा की गई लापरवाही को देख कर फैसले  दोषी अधिकारियों को भी नहीं बक्शा |

पत्रकार के भाई को फंसाने की जांच एसडीओपी करेंगे



छतरपुर/ पुलिस का कहर पत्रकारों पर बा दस्तूर जारी है |  पुलिस अधीक्षक शियास ए. ने आश्वासन दिया है कि सरवई में पत्रकार के भाई के विरुद्ध दर्ज किए गए मामले की जांच खजुराहो एसडीओपी से कराई जाएगी। सरवई थाना प्रभारी के खिलाफ पत्रकारों के एक प्रतिनिधि मंडल ने बुधवार को एसपी से इस आशय की लिखित शिकायत कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई थी। एसपी ने तत्काल सरवई थाना प्रभारी से फोन पर बात कर पूरे मामले की जानकारी ली और केस डायरी खजुराहो एसडीओपी के पास भेजने की निर्देश दिए। 
पुलिस अधीक्षक को सौंपी शिकायत में बताया गया है कि सरवई में 2/3 अगस्त की रात दो अलग-अलग वारदातों में कुछ नगदी व जेवरात चोरी हो गए थे। पुलिस ने संदेह के आधार पर लारा कुशवाहा को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी लेकिन उसने चोरी से साफ इंकार करते हुए कहा था कि वह रामनरेश उर्फ लक्कू शुक्ला के साथ घटना की रात 9 बजे अपने घर चला गया था। मामले का खुलासा न होने के बावजूद थाना प्रभारी जीडी वर्मा ने दोनों पर बेरहमी से जुल्म ढाते हुए शांतिभंग के आरोप में सीआरपीसी की धारा 151 के तहत गिरफ्तारी दिखाकर लवकुशनगर भेज दिया था जहां से वे जमानत पर रिहा हो गए थे। आरोपी बनाए गए लक्कू शुक्ला के भाई पत्रकार अवधेश शुक्ला ने थाना प्रभारी के इस कारनामे की रिपोर्ट अखबार में छपवा दी थी। अखबार में खबर छपने से खुन्नस खाकर थाना प्रभारी ने दोनों लोगों को एक बार फिर थाने बुलवाया। उनके साथ गांव के ही बल्ली अहिरवार को भी बुलवाया गया और उसकी पिटाई कर उससे जबरन यह कहलवाया गया कि उसने लक्कू शुक्ला और लारा कुशवाहा के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। उन्होंने तीनों के विरुद्ध चोरी का मुकदमा दर्ज कर जेल भिजवा दिया तथा बरामदगी में अपनी ओर से 500-500 रुपए दर्शा दिए। 
पत्रकारों के प्रतिनिधि मंडल ने एसपी से कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि जांच में श्री शुक्ला दोषी पाए जाते हैं तो बेहिचक उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। हालांकि श्री शुक्ला फोटोग्राफी की दुकान चलाते हैं और उनके खिलाफ आज तक कोई अपराध पंजीबद्ध नहीं है।  शिकायत की प्रतियां कलेक्टर, डीआईजी, आईजी, पुलिस महानिदेशक, मानव अधिकारी आयोग तथा मुख्यमंत्री को भी भेजी गई हैं। 

बफरजोन मामले में मुख्यमंत्री से मिले कृषि राज्यमंत्री


बफरजोन मामले में मुख्यमंत्री से मिले कृषि राज्यमंत्री 
 
 पन्ना टाईगर रिजर्व क्षेत्र के लिए बफरजोन का मुददा गर्माता जा रहा है |  इसके लिए प्रस्तावित लगभग 1700 वर्ग किलो मीटर के क्षेत्र में रूंज बांध परियोजना का भी कुछ क्षेत्र शामिल है। इसके बफरजोन में शामिल हो जाने से प्रस्तावित बांध परियोजना का कार्य प्रभावित होगा। राज्यमंत्री कृषि तथा लोक सेवा प्रबंधन विभाग  बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान से भंेट करके प्रस्तावित बफरजोन से रूंज बांध क्षेत्र की 13.5 वर्ग किलो मीटर क्षेत्र को पृथक करने का अनुरोध किया है। उन्होंने इस संबंध में वन मंत्री तथा जल संसाधन मंत्री को भी स्थितियों से अवगत कराया है। 

परियोजना की जानकारी तथा बफरजोन से बांध क्षेत्र को अलग रखने का अनुरोध करते हुए उन्होंने कहा है कि रूंज बांध परियोजना में 269.70 करोड रूपये की लागत है। इससे अजयगढ़ विकासखण्ड के 36 गांव की 12550 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई होगी। कई बार प्रयास के बाद शासन ने हाल ही में इस परियोजना को मंजूरी दी है। यह परियोजना अजयगढ़ क्षेत्र के किसानों के लिए वरदान साबित होगी। इसके क्षेत्र को बफरजोन में शामिल करने से परियोजना का कार्य प्रभावित होगा। जिले के विकास को दृष्टिगत रखते हुए तथा गरीबों के हित संबर्धन के लिए रूंज बांध क्षेत्र को बफरजोन में शामिल न किया जाए। 

बैंक हैकर ने खाते से ट्रांसफर किये 50 हजार रूपये


बैंक हैकर ने खाते से ट्रांसफर किये 50 हजार रूपये
छतरपुर /  भारतीय स्टेट बैंक छतरपुर  की कृषि विकास शाखा के एक खाताधारक के ऑन लाईन खाते से  हैकर ने पचास हजार रूपये की हैकिंग करते हुये अपने खाते में पचास हजार रूपये ट्रांसफर कर लिये। घटना बुधबार की सुबह लगभग साढे नौ बजे की है। खाताधारक को अपने खाते से पचास हजार रूपये की जानकारी मोबाईल एसएमएस से जैसे लगी वैसे ही खाताधारक ने एसबीआई की मुख्य शाखा में पहुंचकर तत्काल हैकर के खाते को सीज करवाया और इसकी सूचना पुलिस अधीक्षक को लिखित रूप में दी गई |जिस पर थाना कोतवाली सब इंसपेक्टर दीपक यादव ने इसकी विवेचना प्रारम्भ कर दी है।
 बैंक में  खाताधारक रवि गुप्ता   का बचत खाता संचालित है जिस पर  इंटर नेट बैकिंग सुविधा संचालित है। आईएनबी के जरिये हैकर ने खाताधारक का यूजर नेम, यूजर पासवर्ड तथा प्रोफाईल पासवर्ड हैक करते हुये खाताधारक के खाते में असीम अनवर खान नामक व्यक्ति का खाता जोडा और उस खाते में खाताधारक के खाते से पचास हजार रूपये ट्रांसफर कर लिये।असीम अनबर खान का खाता भारतीय स्टेट बैंक की शाखा कुरला बेस्ट ब्रांच मुम्बई में संचालित है और उस खाते में पचास हजार रूपये ट्रांसफर होना पाये गये, \
जिसका एसबीआई की मुख्य शाखा उप प्रबंधक श्री अग्रवाल ने  हैकर के खाते को अपनी बैंक आईडी से सीज कर दिया है। शाखा प्रबंधक ने तत्काल इस संबंध में कुरला बेस्ट ब्राचं मुम्बई के ब्रांच मैनेजर से दूरभाष पर चर्चा कर  चिटठी लिखी गई जिसमें कहा गया कि खाताधारक के खाते से हुये फर्जी ट्रांसफर बेलेन्स को खाताधारक  के खाते में ट्रांसफर किया जाये।  अगर रूपये वापिस नहीं आते है तो संबंधित हैकर असीम अनबर खान मुम्बई के साथ साथ इसमें संलिप्त रहने वाले लोगों के खिलाफ अपराध धारा 420 के बिरूद्व मामला दर्ज करते हुये गिरफतारी की जाये ।

05 अगस्त, 2012

खजुराहो में एड्स का खोफ


खजुराहो में एड्स का खोफ

छतरपुर/अगस्त १२,
जिले में एड्स के  खतरे से इनकार नहीं किया जा सकता | यह कहना जिले के सी.एम.एच.ओ. डॉ. के.के.चतुर्वेदी का |  उन्होने इसके प्रमुख कारण भी बताये | उनका कहना है की जिले में निकले नॅशनल हाइवे, खजुरहो , और  बिजावर वा कंचनपुर जैसे कुछ इलाके इसकी बड़ी वजह है |
 डॉ. चतुर्वेदी के अनुसार खजुराहो में हर साल लगभग एक लाख विदेशी  और दो लाख के करीब देशी टूरिस्ट आता है | इनके लिए एड्स के टेस्ट की कोई व्यवस्था नहीं है | हालांकि विदेशी टूरिस्ट का जब वीसा बनता है तभी एच.आई.वी.टेस्ट हो जाता है | वे कहते हें की एच.आई.वी. के नियंत्रण का एक मात्र तरीका है सुरक्षा | हम इसके लिए  खजुराहो के पांच सितारा होटल वालों से संपर्क करेंगे  ताकि हर होटल में  होटल मालिक  कंडोम मशीन लगवाए | वेशे इस तरह की मशीन खजुराहो के मुख्य चौराहे पर भी लगवाई जाना चाहिए | ताकि लोग बिनी किसी संकोच के कंडोम आसानी से ले सकें | किसी भी पर्यटक स्थल के लिए इस तरह की सुरक्षा जरुरी है |
खजुराहो में इसकी जरुरत के पीछे वे कहते हें की  यह सिर्फ खजुराहो के लिए ही जरुरी नहीं है इसके लिए  हमे जिले बिजावर के बहार गंज , और चंदला के कंचन पुर को  भी अनदेखा नहीं करना चाहिए | साथ ही जिले से निकालने वाले दो नेशनल हाइवे  और ढाबों पर रुकते ट्रक  , ये कुछ ऐसी बातें हें जिन पर सतर्कता आवश्यक है |


विकास की उमंग और चुनौतियों के संघर्ष का बुंदेलखंड

  बुंदेलखंड की डायरी  विकास की उमंग और चुनौतियों के  संघर्ष का  बुंदेलखंड  रवीन्द्र व्यास  दो राज्य में बटे बुंदेलखंड के लिए    2025  में कई...