EL_2023_ बुंदेलखंड की डायरी
बुंदेलखंड में २०२३ के चुनाव एक बड़े परिवर्तन का आगाज
रवीन्द्र व्यास
देश प्रदेश के साथ बुंदेलखंड में जब भी
चुनावी दौर आता है तो कई तरह के परिवर्तन देखने को मिलते हैं |
ये वो दौर होता जब लोगों के साथ दलों के चाल चरित्र और चेहरे भी जन
मानस के सामने आ जाते हैं | 2023 का ये चुनाव सियासी लिहाज से बड़े परिवर्तन का
सन्देश देने वाला होगा | मध्य प्रदेश के दोनों प्रमुख दल हर
कीमत पर सत्ता पर कब्जा करना चाहते हैं , इसके लिए कोई मुफ्त की गारंटी दे रहा है , तो कोई
कर्ज लेकर मुफ्त की रेवड़ियां बाँट रहा है , वहीँ
कुछ दल ऐसे भी हैं जो देश और जातियों को बांटने में लगे हैं ||
बगैर यह जाने कि इसके दूरगामी परिणाम क्या होंगे | इसी तरह स्थानीय स्तर के नेता भी अपनी अहमियत जताने से नहीं चूक रहे हैं
किसी को धन का अभिमान है तो किसी को अपनी बिरादरी का अहंकार है |
एक बार फिर बुंदेलखंड से बनेगा
मुख्यमंत्री ?
पिछले माह जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मध्यप्रदेश के दौरे
पर आये थे तो उन्होंने पत्रकारों के एक सवाल पर जवाब दिया
था कि अभी तो शिवराज मुख्यमंत्री हैं ,आगे कौन होगा इसे
पार्टी तय करेगी | इसके बाद जब बीजेपी ने दूसरी सूची
जारी की तो तीन केंद्रीय मंत्रियों सहित 7 सांसदों को विधानसभा का टिकट देकर चुनाव मैदान में उतार दिया | बीजेपी की इस सूची को देखकर कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगी है | बीजेपी की इस
रणनीति का असर जमीनी धरातल पर भी साफ़ दिखाई देने लगा है | अलग
अलग इलाकों के प्रमुखों को टिकट देने का असर यह हुआ कि हर क्षेत्र से मुख्यमंत्री के दावेदार नजर आने लगे | पर इतना तो
तय है कि बीजेपी मुख्य मंत्री चयन में भी 2024 के
लोकसभा के सियासी समीकरणों को साधेगी |
बुंदेलखंड के दमोह लोकसभा से सांसद और केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल को
नरसिंहपुर से चुनावी मैदान
में उतारा है | प्रहलाद पटेल लोधी समाज से ताल्लुक रखते हैं |
बीजेपी की नजर काफी पहले से इस समाज को अपने से जोड़े रखने की थी |
यही कारण है कुछ समय पहले उनको बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष बनाने की
चर्चा जोरों पर थी पर बाद में बीजेपी की ही एक नेता के विरोध के चलते उनकी
नियुक्ति पर विराम लग गया था | विधानसभा चुनाव में उनको
उतारने के बाद पार्टी ने कई लोगों को सीधा सन्देश दे दिया है | प्रदेश की एक नेता
जो कभी हिंदुत्व के
पैरोकार के रूप में जाने जाते थे | वर्तमान समय में वे सिर्फ अपनी बिरादरी तक सिमित हो
गए उन्हें भी यह बता दिया गया कि उनके विकल्प कई हैं | दरअसल
प्रह्लाद पटेल बीजेपी के उन नेताओ में हैं जिनकी राजनैतिक छवि कर्मवीर की और बेदाग़
मानी जाती है |
पटेल के बाद बुंदेलखंड के ही रहली से विधायक और प्रदेश सरकार में मंत्री गोपाल भार्गव
भी मुख्य मंत्री की दौड़ में शामिल हैं | भार्गव जी ने विधानसभा क्षेत्र के रहली में देवी सिद्ध पीठ टिकीटोरिया में रोपवे निर्माण के लिए भूमि पूजन करने गए थे |
यहाँ जन समूह को संबोधित करते हुए उन्होंने लोगों को यह जताने का प्रयास किया कि यह
चुनाव हम गुरु जी के आदेश पर लड़ रहे और यह अंतिम
चुनाव होगा | प्रदेश में किसी को
मुख्यमंत्री प्रोजेक्ट नहीं करना और गुरु का आदेश ,, हो
सकता है और गुरु की कुछ इच्छा हो ईश्वर की तरफ से यह बात आई हो | उन्होंने कहा कि भगवान ने तो मुझे सब कुछ
बनाया है नगर पालिका अध्यक्ष बनाया इतने साल विधायक और मंत्री बनाया | सबसे
बड़ा पद जो मुख्यमंत्री के बराबर होता है मुझे नेता प्रतिपक्ष बनाया | हर चीज का मुहूर्त होता है हो सकता है कि मेरी हस्तरेखा में भाग रेखा में
ना हो लेकिन समय पता नहीं कब कैसा आ जाए तो हो सकता है जगदंबा जी के परिसर से आपकी आवाज सुन ली जाए ,|
भाजपा और कांग्रेस नेता की हाथी की सवारी
छतरपुर जिले के बीजेपी के पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ घासीराम पटेल
और कांग्रेस नेता डीलमणि सिंह खजुराहो गए तो थे साइकिल की सवारी करने पर दोनों ही
नेताओं को जेट युग में साइकिल की सवारी रास नहीं आई , अब दोनों ही हाथी पर
सवार हो गए | कल तक जो राजनैतिक विरोधी थे अब राजनैतिक मित्र
हो गए | दोनों की मित्रता छतरपुर जिले के राजनगर और छतरपुर
विधानसभा क्षेत्र में एक अलग तरह के समीकरण बनेंगे | अब घासीराम राजनगर से ,वही डीलमणि सिंह छतरपुर से
चुनावी मुकाबले में कांग्रेस और बीजेपी
को चुनौती देंगे |
सागर जिले की बंडा विधानसभा में भी भाजपा को बड़ा झटका लगा है, | यहाँ भूपेंद्र सिंह के खास और पूर्व भाजपा मंडल
अध्यक्ष रंजोर सिंह बुंदेला ने भी बीजेपी से नाता तोड़ लिया है | उन्होंने प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा
देकर बंडा विधानसभा से बहुजन समाज वादी पार्टी की
सदस्यता ग्रहण कर उन्होंने चुनाव लड़ने का ऐलान किया है | वहीँ छतरपुर जिले के पूर्व किसान मोर्चा अध्यक्ष गोविन्द सिंह टूरया ने भी
बीजेपी की प्राथमिक सदस्य्ता से त्यागपत्र दे दिया है | आने
वाले समय में बीजेपी के एक पूर्व विधायक की भी बीजेपी
छोड़ने की चर्चा जोरों पर है |
टिकट घोषित करने में बीजेपी ने बड़ाई बढ़त
मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनावों को लेकर बीजेपी ने प्रत्याशी घोषित करने में
जिस तरह से तेजी दिखाई है उससे बीजेपी ने एक तरह से बढ़त जरूर बनाई है | भाजपा ने सागर की रहली विधानसभा से 8 बार से लगातार विधानसभा चुनाव जीत रहे पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव
को , खुरई विधानसभा से मंत्री भूपेंद्र सिंह
का सांतवा चुनाव है । सुरखी से चार
चुनाव ,और खुरई से लगातार तीसरा चुनाव लड़ेंगे ।
सुरखी विधानसभा से मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को मैदान में उतारा
है। मंत्री गोविंद सिंह का यह सातवां चुनाव होगा।
इसमें उपचुनाव भी शामिल है। पांच चुनाव कांग्रेस के
टिकट पर लड़े थे । सागर विधायक शैलेंद्र जैन और नरयावली से विधायक प्रदीप लारिया दोनो लगातार चौथी दफा चुनाव मैदान में उतरे है।
सागर की देवरी और बंडा विधानसभा में भाजपा पहले ही प्रत्याशी
घोषित कर चुकी है। देवरी विधानसभा सीट पर कांग्रेस से बीजेपी में
आये बृज बिहारी पटेरिया को टिकट दिया गया है । उनका मुकाबला यहां के दो बार से लगातार विधायक रहे
कांग्रेस के हर्ष यादव से होगा | बंडा से पूर्व सांसद और विधायक स्व शिवराज सिंह लोधी के पुत्र वीरेंद्र सिंह लोधी को प्रत्याशी बनाया है। वीरेंद्र
सिंह को बीजेपी के आंतरिक असंतोष का सामना करना पद सकता है |
बीजेपी छतरपुर जिले की बड़ामलहरा विधानसभा सीट से प्रदुम्न लोधी को वही टीकमगढ़
जिले की खरगापुर सीट से उमाभारती के भतीजे और मंत्री
राहुल सिंह लोधी को ,पन्ना से
मंत्री ब्रजेन्द्र सिंह को प्रत्यासी बनाया है | बीजेपी दमोह की पथरिया सीट पर ही प्रत्यासी घोषित कर पाई है | बीजेपी
के लिए चुनौती पूर्ण सीटों में शुमार निवाड़ी , पृथ्वीपुर ,
बीना , टीकमगढ़ , जतारा ,
पवई , हटा ,दमोह ,
जबेरा और छतरपुर जिले की बिजावर ,और चंदला विधानसभा
हैं |
बसपा ने पथरिया से एक बार फिर रामबाई परिहार पर विश्वास
जताया है, छतरपुर से डीलमणि सिंह ,राजनगर
से डॉ घासीराम पटेल ,और खरगापुर से हृदेश कुशवाहा को
प्रत्याशी बनाया है | आम आदमी
पार्टी ने भी अपने प्रत्याशी घोषित किये हैं , बिजावर से अमित भटनागर छतरपुर विधानसभा से सरपंच संघ के जिला अध्यक्ष भागीरथ पटेल , बड़ा
मलहरा से चंदा किन्नर को अपना प्रत्याशी बनाया है,| आम आदमी पार्टी रामजी पटेल को पहली सूची में ही अपना प्रत्याशी घोषित कर
चुकी है छतरपुर जिले की 6 सीटों में से आप चार सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित कर प्रत्याशी घोषणा में कांग्रेस व भाजपा सहित सभी
दलों को काफी पीछे छोड़ चुकी है
किसका असर कौन रहेगा बेअसर
2023 के चुनाव को लेकर लोगों ने देखा
सरकार के खुले खजाने को जिसने बुंदेलखंड में लाखों करोड़ की योजनाओं
का भूमि पूजन ,और लोकार्पण देखे हैं | वहीँ
कांग्रेस भी मतदाताओं को खरीदने बनाम लुभाने में पीछे नहीं रही |
चुनाव परिणाम बताएँगे कि विकाश पर भारी क्या होगा |
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