EL_2023धर्म और अधर्म का चुनावी
रण
ravindra vyas
18/09/23
वीरों और शूरवीरों की धरती बुंदेलखंड में मुझे तो महीने भर में
दूसरी बार सागर आकर आप सभी के दर्शन का सौभाग्य मिला है। पिछली बार(12 अगस्त 23 ) में संत रविदास जी के स्मारक के भूमिपूजन के लिए आपके बीच आया था।
और आज मुझे मध्य प्रदेश के विकास को नई गति देने वाली
अनेक परियोजनाओं का भूमिपूजन करने का अवसर मिला है। चुनावी दौर में पीएम नरेंद्र
मोदी जी 14 सितम्बर को बीना में आये तो थे 49 हजार करोड़ की लागत से बनने वाले
पेट्रो केमिकल कॉम्पेल्क्स और मध्य प्रदेश की दस नई औद्योगिक परियोजनाओं की रखने ,
पर चुनावी दौर में उन्होंने बुंदेलखंड से धर्म युद्ध का आगाज भी कर
दिया |
चुनावी दौर में पीएम मोदी ने धर्मयुद्ध का
शंखनाद करते हुए सनातन विरोधी
आई एन डी आई ए गठबंधन पर जमकर हमला किया | इस मसले पर उनके
लम्बे मौन के बाद उन्होंने
बुंदेलखंड की धरा से गठबंधन को घमंडिया गठबंधन कहते हुए कहा सनातन को खत्म करना चाहता
है यह घमंडिया गठबंधन | ये लोग देश और समाज को विभाजित करने में जुटे हैं। मुंबई
में मीटिंग कर घमंडिया
गठबंधन ने जो नीति और रणनीति बना ली है | जिसके तहत भारत की संस्कृति पर हमला करो
। उन्होंने कहा कि इनका उद्देश्य है कि भारत को जिन
विचारों ने, जिस संस्कारों ने जिन
परंपराओं ने हजारों वर्ष से जोड़ा है, उसे तबाह कर दो। उन्होंने सनातन धर्म के प्रति
आस्थावान , संत रविदास , देवी
अहिल्या बाई होलकर,झांसी की रानी लक्ष्मी बाई,महात्मा गांधी ,लोकमान्य
तिलक ,माता शबरी , और महर्षि
वाल्मीकि जैसे संत
महापुरुषों के उदाहरण देकर घमंडिया गठबंधन के सनातन
विरोधी चेहरे को उजागर किया | उन्होंने कहा जिस सनातन से प्रेरित होकर
स्वामी विवेकानंद ने लोगों को जागरूक किया, इंडिया
गठबंधन के लोग उसे समाप्त करना चाहते हैं, | यह सनातन की ताकत थी कि स्वतंत्रता आंदोलन में फांसी पाने वाले वीर कहते थे
कि अगला जन्म मुझे फिर भारत मां की गोद में देना। यह गठबंधन उस सनातन को खत्म करने
के लिए अब खुलकर बोलने लगे
हैं। उन्होंने लोगों को आगाह भी किया कि ये लोग अब हम लोगों पर हमला और बढ़ाने वाले है
इसलिए देश के हर सनातनी को, और देश को प्यार करने वाले को सतर्क रहने की जरूरत है।
पेट्रोकेमिकल परियोजना
प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने 14 सितम्बर 23 को सागर के बीना में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड रिफाइनरी में 49 हजार करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले पेट्रो केमिकल प्लांट की आधारशिला
रखी। रिफाइनरी से 3 किलोमीटर दूर हड़कलखाती गांव
में सभा को संबोधित किया और यही से मोदी ने 1800 करोड़ रुपए के नर्मदापुरम के ऊर्जा एवं नवकरणीय
ऊर्जा उत्पादन प्रक्षेत्र, आईटी पार्क-3 व 4 इंदौर, मेगा
इंडस्ट्रियल पार्क रतलाम, नर्मदापुरम, गुना, शाजापुर, मऊगंज, आगर-मालवा और मक्सी इंडस्ट्रियल पार्क का शिलान्यास भी किया
सभा में पीएम मोदी ने अपनी सरकार की उपलब्धियों
और जी 20 सम्मलेन
से बड़े देश के मान और गौरव को भी बताया | उन्होंने भविष्य की
उपलब्धियों की बात भी कही | इस मौके परे उन्होंने
स्पष्ट किया कि इस परियोजना से क्षेत्र में उद्योगों का जाल
फैलेगा , लोगों को रोजगार के अवसर भी
मिलेंगे | मोदी जी के सामने सभा में भाषण देने आये केंद्रीय
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी , और मुख्य मंत्री शिवराज सिंह
चौहान को सुनने में लोगों का विशेष उत्साह नहीं दिखा |
मोदी की सभा के सियासी मायने :
पीएम मोदी की बीना
में सभा और उनका सनातन धर्म पर ढाल बनकर खड़े होने के कई सियासी मायने निकाले जा
रहे हैं | पीएम मोदी ने 6 सितंबर 2023 को जी20 को लेकर हुई एक बैठक में उदयनिधि स्टालिन के
सनातन धर्म विरोधी बयान पर अच्छे से जवाब देने को कहा था | बुंदेलखंड के बीना में पीएम मोदी ने सार्वजनिक रूप से सनातन विरोधियों पर
सीधा हमला बोला था |
दरअसल तमिलनाडु के मुख्य
मंत्री के पुत्र उदयनिधि स्टालिन का बयान
ऐसे समय आया जब
देश के प्रमुख राज्य मध्य
प्रदेश , छत्तीसगढ़,और राजस्थान
में भी चुनाव का शंखनाद हो चुका है | स्टालिन का बयान , खरगे की टिप्पणी , और बिहार के मंत्री का बयान और कांग्रेस की रहस्य मय चुप्पी
, बीजेपी के लिए किसी वरदान से कम नहीं है
| ये तीनो वे राज्य हैं जहां बहुसंख्यक
आबादी सनातन है. | कांग्रेस
ने कुछ समय पहले ही यूपीए की जगह इंडिया गठबंधन की नीव रखी थी , बयान देने वाले
इसी गठबंधन के नेता हैं | इस पर ना तो राहुल
बोले ना प्रियंका और ना ही सोनिया गांधी |
सनातन
के मुद्दे पर पीएम मोदी का यह
कहना कि ये लोग
अब हम लोगों पर हमला और बढ़ाने वाले है इसलिए देश के हर सनातनी को, और देश
को प्यार करने वाले को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने
सनातन धर्म के प्रति आस्थावान , संत रविदास ,
देवी अहिल्या बाई होलकर,झांसी की रानी लक्ष्मी
बाई,महत्मा गांधी ,लोकमान्य तिलक ,माता शबरी , और महर्षि वाल्मीकि जैसे संत महापुरुषों के उदाहरण देकर घमंडिया गठबंधन
के सनातन विरोधी चेहरे को उजागर किया | उनके इस कथन के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं | असल में कांग्रेस इस मुद्दे पर बाइक फुट पर आ गई है | असल में यह तय माना जा रहा है कि 2023 और 2024
के चुनाव में सनातन के मुद्दे पर बीजेपी कांग्रेस और उसके गठबंधन को
किसी भी तरह से छोड़ने वाली नहीं है इन चुनावों में यह मुद्दा प्रमुखता से जन जन तक
पहुंचाया जाएगा |
तीसरे पीएम का बीना दौरा
कांग्रेस
नेता और तत्कालीन पीएम पीवी नरसिंह राव
ने 1995 में बीना
में महत्वाकांक्षी परियोजना बीना रिफाइनरी का शिलान्यास किया था। 2011 में डा. मनमोहन सिंह ने रिफाइनरी का
लोकार्पण किया। 14 सितम्बर को प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने पेट्रोकेमिकल प्लांट का भूमिपूजन किया | तीसरे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 14 सितंबर को पेट्रोकेमिकल प्लांट का भूमिपूजन करेंगे।
1995 में जब भारत ओमान रिफाइनरी का शिलान्यास हुआ था , तब इसकी लागत साढ़े पांच हजार करोड़ रुपए थी पांच वर्ष में इसका निर्माण
पूरा होना था, | वर्ष 2005 में जब कार्य शुरू हुआ तो इसकी लागत 12 हजार करोड़ रुपए हो गई थी।
परियोजना से बुंदेलखंड में क्या बदलेगा
बीना
के इस पेट्राेकेमिकल्स
परियोजना से बुंदेलखंड के सागर, विदिशा व अशाेकनगर जिलाें काे औद्योगिक
क्षेत्र में नै पहचान मिलेगी । 5 साल
में पुरे होने वाली इस परियोजना से सागर के बीना, खुरई, विदिशा के सिराेंज, कुरवाई और अशाेकनगर के
मुंगावली क्षेत्र में पेट्रोकेमिकल्स पर आधारित लगभग २०० से ज्यादा उद्योग लग सकते हैं | जिनमे
लगभग दो लाख से ज्यादा को रोजगार मिल सकेगा | अच्छी बात ये
है कि मप्र सरकार भाेपाल से विदिशा, बीना, खुरई व सागर तक इंडस्ट्रियल काॅरिडाेर
बनाने की तैयारी भी कर रही है। पेट्रोकेमिकल से जुड़े
लगभग 80 उद्योगपतियों ने सीधे टूर पर यहाँ उद्योग लगाने में सरकार के सामने अपनी
रूचि भी दर्शाई है |