बुंदेलखंड की डायरी
रवीन्द्र व्यास
बुंदेलखंड के सागर के कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित कल्प वृक्ष के नीचे बना देवालय एडीएम ने रातों रात तुड़वा दिया || सागर के लोगों के विरोध को देखते हुए कलेक्टर ने जांच कमेटी बनाई और स्पष्ट किया कि मंदिर यथावत रहेगा । दुर्लभ कल्पवृक्ष के संरक्षण के लिए वन विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है | सागर की इस घटना के पहले छतरपुर जिले के राजनगर में शिव मंदिर में गणेश प्रतिमा का हाथ तोड़ दिया गया , मंदिर परिसर में मृत जानवर के अवशेष फेंके गए | राजनगर में यह कोई पहली घटना नहीं है | देखा जाए तो वर्तमान हालातों में देव स्थलों से विवाद की रचना रचने की साजिस चली जा रही है |
सागर के नए कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित 700 वर्ष प्राचीन कल्पवृक्ष पर स्थित हमारे हिंदू देवी देवताओं की प्रतिमाएं हनुमान जी भोलेनाथ की प्रतिमाओं को गुपचुप तरीके से प्रशासन द्वारा हटाने का प्रयास किया गया | इस दौरान हनुमान जी की प्रतिमा भी खंडित हो गई | यह सारा कार्य सागर के एडीएम अखिलेश जैन ने किया | इस मामले में प्रशासन के अंदर से खबर यह भी सामने आई है की ,इस मामले में एडीएम जैन ने कलेक्टर को भी विशवास में नहीं लिया | यह भी कहा जा रहा है कि ऐसे दौर में उन्हें अन्य लोगों ने भी समझाने का प्रयास किया था | पर उन्होंने रातों रात इस स्थल को साफ़ करने की ठान ली थी और प्रतिमाये हटवाने लगे इस दौरान हनुमान जी की प्रतिमा खंडित हो गई | खबर लगते ही रात में ही लोगों के आक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने काम रोक दिया |
प्रतिमा टूटने पर शरु हुआ बवाल ::
यह वह समय है जब लोग अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर खुशिया मना रहे हैं ,समय देव स्थल की तोड़ फोड़ से लोगों का आक्रोशित होना स्वाभाविक है | सनातनी संगठनों के लोगों ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन दिया डिप्टी कमिश्नर के के शुक्ला को सौंपा | ज्ञापन में मांग की गई कि तत्काल एडीएम अखिलेश जैन के ऊपर मामला दर्ज किया जाए और सस्पेंड किया जाए । मंदिर मैं नई मूर्ति का पुनः निर्माण किया जाए । चेतावनी दी गई कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन होगा । इस मसले को लेकर अंदर की कहानी कुछ अलग तरह की बताई जा रही है | सागर जिले से तीन तीन मंत्री हैं गोपाल भार्गव , भूपेंद्र सिंह और गोविन्द सिंह , इस तोड़ फोड़ के पीछे सियासी और सामाजिक कारण भी बताये जा रहे हैं |
मंदिर रहेगा यथावत
सागर कलेक्टर दीपक सिंह ने यह कहकर मामले को शांत किया कि कल्पवृक्ष के नीचे मंदिर विवाद को लेकर एक जांच समिति बनाई है | कल्पवृक्ष के नीचे स्थापित मंदिर को यथावत रहेगा। कलेक्टर कार्यालय की मंदिर संरक्षण कमेटी के धर्म गुरुओं के अनुसार पूजा अर्चना सुनिश्चित करेंगे। कल्प वृक्ष के संरक्षण के लिए वन विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है |
गणेश जी के हाथ तोड़े
4 अगस्त की रात छतरपुर जिले के राजनगर में बीआरसी परिसर में बने ३सौ वर्ष पुराने शिव मंदिर में भगवान गणेश की प्रतिमा का एक हाथ तोड़ दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध मामला दर्ज किया है | घटना के ५-६ दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस नें अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं की है।
घटना से नाराज अधिवक्ताओं नें केंद्रीय गृह मंत्री के नाम राजनगर एस डी एम को ज्ञापन देकर जल्दी कार्यवाही करने की मांग की है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि भगवान् गणेश जी का हाथ तोड़ा गया मंदिर परिसर में मर्त पशु के अवशेष फेंके गए | यह उस समय किया गया जब अयोध्या में राम मंदिर को लेकर सब लोग हर्ष में थे | यह घटना बहुसंख्यक सनातनी लोगों की भावनाओ को आहत करने और मंदिर के विरोध स्वरुप की गई है | राजनगर इलाके की की यह कोई पहली घटना नहीं है | जब यहां एसडीओपी मंसूरी थे उस समय राजा मार्केट में गाय के अवशेष फेके गए | यह अवशेष तब फेके गए थे जब नवरात्रि के व्रत चल रहे थे | पलया मोहल्ला में हरशंकरी मंदिर में देवी जी की प्रतिमा को खंडित किया गया था | तीन वर्ष पहले पहाड़ी पर स्थित हनुमान मंदिर पर मोरोन को मारकर मंदिर के आस पास फेंके गए थे | ६-७ वर्ष पहले हनुमान मंदिर में तोड़ फोड़ की गई थी | इन किसी भी मामले में कोई कार्यवाही नहीं हुई |
ज्ञापन में यह भी की पिछले १०-१५ वर्षों में इस तरह की अनेकों घटनाएं सामने आई हैं पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन द्वारा एक भी मामले में अपराधियों को गिरफ्तार नहीं किया गया | यह घटनाएं बहुसंख्यक आबादी की भावनाओ को ठेस पहुंचाने के लिए सुनियोजित रूप से रची जा रही हैं |
दरअसल बुंदेलखंड इलाके में इस तरह के अनेकों केंद्र बनते जा रहे हैं जहाँ कथित अल्प संख्यक समुदाय बहुसंख्यको की जन भावनाओं पर आघात पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ता | समय रहते सामाजिक सदभाव बनाने की दिशा में अगर पहल नहीं की गई तो इसके गंभीर नतीजे सामने आ सकते हैं |




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