24 अक्टूबर, 2016

RSS कोई तो मेरे मुन्ना (सुरेश यादव )से मिला दे

रवीन्द्र व्यास 
छतरपुर /
कोई तो मेरे मुन्ना (सुरेश यादव ) से हमें मिला दे , ये दर्द भरी आवाज है सुरेश यादव के माता पिता की । सुरेश यादव के माता पिता को अपने पुत्र के साथ  बालाघाट जिले की बैहर थाना पुलिस ने बर्बर अत्याचार की खबर गांव वालों ने टी वी पर देख दी थी ।  और मामला देश में सुर्खियों में छाया रहा । छतरपुर से ५० किमी दूर ५०० की आबादी वाले टौरिया टेक गाँव के रहने वाले सुरेश का परिवार गरीबी और अभावों में जीने को विवश है । जिले में आर एस एस की नर्सरी के रूप में विख्यात इस गाँव के सुरेश यादव सहित  तीन नोजवान संघ के पूर्ण कालिक  प्रचारक का दायित्व निभा रहे हैं ।


                                              सुरेश के पिता भगीरथ यादव ने बताया कि  जबसे अपने पुत्र की खबर सुनी पलंग पकड़ लिया है ।  माता किशोरी बाई का रो रो कर बुरा हाल है । भगीरथ के तीन बेटों और तीन बेटियों में सुरेश सबसे छोटा बेटा है । छोटा  बेटा लाडला होता है इस कारण उसकी हर बात बेटे की खुशी के लिए मान लेते थे । जब उसने १८-१९ साल की उम्र में देश के लिए काम करने की बात कही तो हमने पहले समझाने का प्रयास किया । घर से दूर जाने की विपत्ति भी बताई थी । जब वह नहीं माना तो यह सोच कर स्वीकार कर लिया की भगवान् राम ने भी देश के लिए १४ वर्ष का वनवास भोगा तो हमारा बेटा भी देश के लिए काम आये । अब जैसा देश उसे रखेगा   वैसा ही रहेगा। उन्होंने बताया की अभी तक बेटे को देख नहीं पाए हैं केवल एक बार फोन से बात हुई थी कह रहा था " उकताओ नहीं हम ठीक भये जात  हैं "( परेशान ना हो हम जल्द ठीक हो जाएंगे )
    उन्होंने बताया की हम लोग तो ऐसे ही जी रहें है, सुरेश के दोनों भाई किसानी करते हैं , जमींन पूंछने पर उन्होंने बताया की तीन साढ़े तीन एकड़ जमींन  है, इतने में परिवार के गुजारे के सवाल पर कहने लगे दोनों भाई मजदूरी कर लेते हैं । यहाँ नहीं मिली तो बाहर चले जाते हैं । माता किशोरी बाई रोते  हुए  बताने लगी की 9 -10 साल हो गए घर छोड़े हुए  अब जब से बेटा के साथ मारपीट की खबर मिली है दिल में चैन नहीं है । ना कोई हमें अपने बेटे के पास ले जाता है और ना ही कोई बताता है । इसी दौरान भगीरथ की बड़ी बेटी रामवती ससुराल से मायके अपने पिता से मिलने आ गई , परिवार को सपने में हर रोज देखने की बात कह कर लिपट कर रोने लगी । 


सुरेश के चचेरे भाई लोकेन्द्र सिंह यादव ने बताया की बचपन से ही सुरेश शाखा में जाता था । शाखा के हर कार्यक्रम में बाद चढ़ कर हिस्सा लेता था । संघ के प्रचारक के तौर पर उन्होंने लवकुशनगर , टीकमगढ़ ,और नरसिंह पुर में अच्छा काम करने के बाद बालाघाट जिला में गए थे । हम उनसे मिलने जबलपुर गए थे , पर उनकी हालात इतनी गंभीर थी की हमें उनसे मिलने ही नहीं दिया डाक्टरो ने ।  लोकेन्द्र बताने लगे की गाँव में वर्षो से शाखा लगती चली आ रही है , इसका बच्चो में एक अलग प्रभाव देखने को मिलता है  खेल के साथ , बच्चो को देश दुनिया और समाज की जानकारी के साथ अनुशासन का पाठ भी मिलता है ।  इस गाँव से ही सुरेश भैया सहित तीन आर एस एस के प्रचारक हो गए हैं । भाइयन यादव सागर जिले में है जब की हिसाबी पाल पवई (पन्ना )  में  संघ के प्रचारक के तौर पर काम कर रहे हैं ।  वे कहते हैं की दोषी पुलिस वालों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए ।


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