रवीन्द्र व्यास
छतरपुर /
कोई तो मेरे मुन्ना (सुरेश यादव ) से हमें मिला दे , ये दर्द भरी आवाज है सुरेश यादव के माता पिता की । सुरेश यादव के माता पिता को अपने पुत्र के साथ बालाघाट जिले की बैहर थाना पुलिस ने बर्बर अत्याचार की खबर गांव वालों ने टी वी पर देख दी थी । और मामला देश में सुर्खियों में छाया रहा । छतरपुर से ५० किमी दूर ५०० की आबादी वाले टौरिया टेक गाँव के रहने वाले सुरेश का परिवार गरीबी और अभावों में जीने को विवश है । जिले में आर एस एस की नर्सरी के रूप में विख्यात इस गाँव के सुरेश यादव सहित तीन नोजवान संघ के पूर्ण कालिक प्रचारक का दायित्व निभा रहे हैं ।
उन्होंने बताया की हम लोग तो ऐसे ही जी रहें है, सुरेश के दोनों भाई किसानी करते हैं , जमींन पूंछने पर उन्होंने बताया की तीन साढ़े तीन एकड़ जमींन है, इतने में परिवार के गुजारे के सवाल पर कहने लगे दोनों भाई मजदूरी कर लेते हैं । यहाँ नहीं मिली तो बाहर चले जाते हैं । माता किशोरी बाई रोते हुए बताने लगी की 9 -10 साल हो गए घर छोड़े हुए अब जब से बेटा के साथ मारपीट की खबर मिली है दिल में चैन नहीं है । ना कोई हमें अपने बेटे के पास ले जाता है और ना ही कोई बताता है । इसी दौरान भगीरथ की बड़ी बेटी रामवती ससुराल से मायके अपने पिता से मिलने आ गई , परिवार को सपने में हर रोज देखने की बात कह कर लिपट कर रोने लगी । 
सुरेश के चचेरे भाई लोकेन्द्र सिंह यादव ने बताया की बचपन से ही सुरेश शाखा में जाता था । शाखा के हर कार्यक्रम में बाद चढ़ कर हिस्सा लेता था । संघ के प्रचारक के तौर पर उन्होंने लवकुशनगर , टीकमगढ़ ,और नरसिंह पुर में अच्छा काम करने के बाद बालाघाट जिला में गए थे । हम उनसे मिलने जबलपुर गए थे , पर उनकी हालात इतनी गंभीर थी की हमें उनसे मिलने ही नहीं दिया डाक्टरो ने । लोकेन्द्र बताने लगे की गाँव में वर्षो से शाखा लगती चली आ रही है , इसका बच्चो में एक अलग प्रभाव देखने को मिलता है खेल के साथ , बच्चो को देश दुनिया और समाज की जानकारी के साथ अनुशासन का पाठ भी मिलता है । इस गाँव से ही सुरेश भैया सहित तीन आर एस एस के प्रचारक हो गए हैं । भाइयन यादव सागर जिले में है जब की हिसाबी पाल पवई (पन्ना ) में संघ के प्रचारक के तौर पर काम कर रहे हैं । वे कहते हैं की दोषी पुलिस वालों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए ।

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