10 सितंबर, 2015

पैर में पड़ी चांदी की छड़ के लिए ह्त्या कर काटा पैर




रवीन्द्र व्यास 

 
जिले के  बड़ागांव धसान थाने के ग्राम अंतौरा  में  मातम पसरा  है । गाँव  का  त्रिलोक सिंह   सितम्बर की  शाम अपने खेत पर पानी देने  गया था । जब    त्रिलोक सिंह का कहीं पता नही चला तो उसकी मां कुसुम राजा  की रिपोर्ट पर  पुलिस ने 6 सितम्बर  गुमइंसान कायम किया था । खुद गाँव वाले  जब  सोमवार को त्रिलोक सिंह खो  में लगे तो गांव से करीब  किमी दूर नंदू  आदिवासी के खेत के पास  त्रिलोक सिंह का शव पड़ा मिला  ्रिलोक सिंह का एक पैर शव से कु ही दूरी पड़ा थाजिसे धारदार हथियार से काटा गया था तथा सिर में भी धारदार हथियारों की चोटे थीं   । मिलनसार व्यक्ति  त्रिलोक की मौत के सम्बन्ध में गाँव वाले और परिवार वाले किसी भी रंजिश से इंकार करते हैं । ह्त्या की वजह जो गाँव वालों ने बताई वो हैरान करने वाली है ।  कहते हैं की त्रिलोक सिंह का चार पांच साल पहले  एक्सीडेंट हुआ था । इस दुर्घटना में उसके एक पैर में चांदी की छड़  डाली गई थी । और वह स्वयं यह बात कहता रहता था की एक लाक का माल तो हम लेकर चलते हैं । यही कारण है मृतक की माँ और परिवार के लोग मानते हैं   लगभग एक लाख रु मूल्य की इस छड़ को पाने के लिए ये ह्त्या हुई है । त्रिलोक  के कटे हुए पैर में वह छड़ नहीं मिली ।  
त्रिलोक की माँ कुसुम राजे  बताती हैं की  शुक्रवार को घर से खाना खा कर गए , कि धान में पानी डालने के लिए जा रहे हैं , नंदू सौंर के घर पर मिले कोई रंजिश नहीं थी । पाँव  काटा छोल दिया एक पाँव काट फेक दिया । पाँव में चांदी की छड़ डली थी , एक पैर टूट गया था ,छतरपुर से वापस लौटते समय  बस और जीप के बीच में फंस गए  थे । झाँसी में छड़ डाली गई एक लाख सत्तर हजार  रु लगे थे । जब की त्रिलोक के भतीजे  हाकिम सिंह का कहना है कि  चौथे दिन छापर हार कूची पहार में  उनकी डेड बॉडी पाई गई , उनका एक पैर कटा हुआ था , काटने वाले ने इसी लालच में पैर काटा है , शायद इसी वजह से उनकी ह्त्या की गई उसमे तीन पाँव की चांदी की छड़ डली हुई थी , क्योंकि उनका उनका ४-५ साल पहले एक्सीडेंट हुआ था । 
साजिस -पप्पू उसका नाम है और नंदू सौर  का मकान है दोनों भाई नंदू के और इसके तीनो की साजिस हो सकती है । 
70 _80 हजार की चांदी की दो छड़ें डली थी 

                    सोमवार दोपहर  बड़ागांव धसान थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया पुलिस अब दावा कर रही है की आरोपियों की  सरगर्मी से आरोपियों की तला शुरू कर दी है। पर  इस घटना से गांव में सनसनी दशहत फैल गई  है, । पुलिस  त्रिलोक के पैर में लगी  चांदी की छड़ के सम्बंद  में जांच  की बात कह मौन धारण किये हुए है ।  एडीशनल एस पी  टीकमगढ़ राकेश खाक कहते हैं की  बड़ागांव थाना क्षेत्र अंतर्गत घटना घटित हुई थी , उस तारतम्य में थाना बड़ागांव में धारा ३०२ के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है । शव झाड़ियों में छुपा मिला है । चंडी की छड़ के सवाल पर वह कहते हैं कि प्रकरण इन्वेस्टीगेशन में है इन्वेस्टीगेशन में बहुत सारे तथ्यों पर भी प्रकाश डालना है , और यदि ये बिंदु आये हुए हैं तो उन बिन्दुओं को भी देखा जाएगा की किन कारणों से ह्त्या की गई । 

   टीकमगढ़ जिले में अपराधियों के हौसले  कितने बुलंद हैं इसका अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है की  अपराधी  घरों में ही चोरी नहीं कर रहे हैं बल्कि शरीर के अंदर मज़बूरी वश लगाईं गई कीमती धातु पाने के लिए ह्त्या करने से भी नहीं चूक रहे हैं ।

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