/ पन्ना टाइगर रिजर्व में विगत दिनों दो बाघिनों के संघर्ष में घायल हुई पन्ना 234 बाघिन ,की सर्जरी की गई । इलाज के बाद उसे स्वछंद विचरण हेतु छोड़ा गया । पन्ना २३४ बाघिन ९ अगस्त को तब घायल हो गई थी जब उसका पन्ना 233 से संघर्ष हुआ था ।
टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक ने अपनी अधिकृत जानकारी में बताया है की क्षेत्राधिकार हेतु दोनों में द्वन्द हुआ था। पन्ना-234 का जब निरीक्षण किया तो उसके के गले में तीन घाव पाये गये। वन्यप्राणी चिकित्सक के द्वारा पन्ना-234 का इलाज किया गया। 01.09.2015 को पन्ना 234 का फोटोग्राफ लिया गया जिसमें पाया गया कि घाव स्वतः ठीक होने की स्थिति में नहीं है। ऐसी स्थिति में प्रबन्धन ने निर्णय लिया कि बाघिन को बेहोष कर रेडियो कॉलर हटाने एवं घाव की सर्जरी करने की कार्यवाही की जाये।
डॉ. ए.बी. श्रीवास्तव, डीन, सेन्टर फार वाइल्डलाइफ फोरेन्सिक एण्ड हेल्थ जबलपुर ने 2.सितम्बर को बाघिन पन्ना-234 को परिक्षेत्र पन्ना कोर के बीट जरधोवा में बेहोष कर सर्जरी करने की कार्यवाही की । सर्जरी में लगभग 03 सेन्टीमीटर व्यास का एवं 03 सेन्टीमीटर गहरे घाव में से लगभग 70 मेगेट्स बाहर निकाले गये एवं उसकी ड्रेसिंग करके टॉके लगाये गये। इस सम्पूर्ण सर्जरी लगभग 30 मिनट का समय लगा। सर्जरी उपरांत पन्ना-234 को उसी स्थल पर स्वछंद विचरण हेतु छोड़ा गया।
यह सम्पूर्ण कार्यवाही डा0 ए.बी.श्रीवास्तव, डीन सेन्टर फार वाइल्डलाइफ फोरेन्सिक एण्ड हेल्थ जबलपुर एवं उनकी टीम, डा0 संजीव कुमार गुप्ता, वन्यप्राणी चिकित्सक पन्ना टाइगर रिजर्व के द्वारा सम्पन्न किया गया।
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