छतरपुर / रवीन्द्र व्यास /28 जून 15/पन्ना विकासखण्ड का दमचुआ गांव के लोगो को आजादी के ६८ साल बाद एक किलोमीटर की सड़क मिलेगी । विस्थापित बंगाली परिवारों के लिए जाना जाता है यह दमचुआ गाँव । इस गाँव के लोगो को अपने नजदीकी बृजपुर क़स्बा पहुँचने के लिए ८ किमी का चक्कर लगाना पड़ता है , जब की दूरी है मात्र एक किमी । कलेक्टर की पहल पर किसानो ने अपनी भूमि शासन को सड़क निर्माण हेतु देने की आज सहमति देकर गाँव की दूरी काम कर दी ।
ग्राम दमचुआ के निवासियों की समस्याओं का निराकरण करने के लिए मंत्री सुश्री कुसुम मेहदेले तथा कलेक्टर शिव नारायण सिंह चौहान ने गाँव के माध्यमिक शाला परिसर में जनसुनवाई की। गाँव के बच्चों ने सडक न होने से बृजपुर जाकर पढाई करने में कठिनाई की बात कही। ग्रामवासियों ने बताया कि सडक के लिए 5 किसानों के खेतों की जमीन की जरूरत होगी। मंत्री सुश्री मेहदेले ने इनमें से दो किसानों रामदत्त मिश्रा तथा बृजबिहारी तिवारी से मोबाईल फोन पर बात की। उन्होंने गांव की जरूरतों से उन्हें अवगत कराया। मंत्री जी के अनुरोध पर दोनों किसानों ने अपनी भूमि सडक निर्माण के लिए देने की सहमति दी। इसके बाद शेष तीन किसानों से कलेक्टर ने बात की। गांव के हित को देखते हुए किसानों ने अपनी भूमि सडक निर्माण के लिए प्रदान करने सहमति दी।
कलेक्टर ने मौके पर उपस्थित कार्यपालन यंत्री आरईएस को तत्काल प्रस्तावित सडक का स्टीमेट तैयार करके एक सप्ताह में मौसम अनुकूल होने पर सडक निर्माण प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सडक का निर्माण मनरेगा योजना से किया जाएगा। मंत्री सुश्री मेहदेले ने कहा कि दमचुआ प्रगतिशील गांव है। यहां के निवासियों को बृजपुर जाने के लिए बरसात में परेशानी होती थी। केवल एक किलो मीटर की दूर बृजपुर जाने के लिए 8 किलो मीटर का चक्कर लगाना पडता था। हाई स्कूल में पढने वाले लडके-लडकियों को भी कीचड से होकर जाना पडता था। पर किसानों के सहयोग से गांव की यह समस्या दूर हो गई है। उन्होंने कहा कि दमचुआ में सीसी रोड का निर्माण तथा हाटूपुर में सामुदायिक भवन का निर्माण विधायक निधि से किया जाएगा।
दरअसल शासकीय भूमि न होने तथा किसानों की भूमि के कारण सीधी सडक का निर्माण अब तक नही हो पाया। ग्रामवासी इसके लिए लगातार प्रयास करते रहे। सुश्री कुसुम सिंह मेहदेले मंत्री पशुपालन, पीएचई, ग्रामोद्योग मछली पालन, विधि एवं विधायी कार्य तथा कलेक्टर शिवनारायण सिंह चौहान के प्रयासों से यह समस्या निपटी । जब की यहां अनेकों कलेक्टर आये और यही कह कर चले गए की शासकीय भूमि नहीं है इस कारण सीधी सड़क नहीं बन पाएगी । ये पन्ना जिले का वह इलाका है जहां सर्वाधिक उथली हीरा खदाने हैं । सड़क ना होने का लाभ अवैध हीरा खनन वाले भी उठाते रहे हैं ।
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