28 जून, 2015

खुदाई में मिला खजाना

 

छतरपुर / रवीन्द्र  व्यास  /28 जून 15  से 70 किमी दूर धनगुवां ग्राम पंचायत के हरदौटा गाव् में प्रशासन खजाने की खोज में जुटा है । बड़ामलहरा विकाश खंड की इस पंचयात में  धनगुवां से मेदनीवार तक  सड़क निर्माण कराया जा रहा है । इसी दौरान (  हरदौटा गाँव जो बीच में पड़ता है के पास  ) खुदाई के दौरान मजदूरो को एक घड़ा दिखाई दिया जब उसको बाहर निकाला गया तो उसमे मुग़ल कालीन खजाना निकला । जिसे ग्रामीणो ने आपस में बाँट लिया । प्रशासन के हाथ आई मात्र तीन मोहरें । 
                                                 बड़ा मलहरा इलाके के पूर्व जनपद सदस्य प राम कृपाल शर्मा ने बताया की  शुक्रवार को सड़क निर्माण के दौरान ट्रेक्टर में घड़ा जैसा कुछ फसा था । उसे ग्रामीणो ने देखा तो उसमे कुछ मुग़ल कालीन सिक्के थे । कुछ लोग कहते हैं की इसमें सोने और चांदी के सिक्के थे  पर चूँकि कोई भी गाँव वाला इस मामले पर कुछ भी नहीं कह रहा है इस कारण कुछ भी स्पस्ट नहीं हो पा रहा है । मामले की जानकारी लगने पर शनिवार को सेंदपा पुलिस चौकी की पुलिस जांच हेतु आई थी पर बेरंग वापस चली गई ।  शाम को यहां पहुंची बड़ामलहरा एस डी ओ पी दीपाली जैन ने बताया की मौके से दो चांदी की मोहरे मिली थी जिन्हें जप्त कर लिया  गया है । घटना के बाद से ट्रेक्टर ड्राइवर (जीतेन्द्र सिंह लोधी ) फरार है , उसकी गिरफ्तारी के बाद ही कुछ कहा जा सकता है । 
                                                    खजाने की खबर के बाद अब प्रशासन चौकन्ना हुआ है । आज भी बड़ामलहरा एस डी ओ पी दीपाली जैन, तहसीलदार संजय सक्सेना  मौके पर पहुँच कर लोगों से पूंछ -तांछ करते रहे । जेसीबी से आसपास की खुदाई भी कराई । तहसीलदार संजय सक्सेना ने  बताया की   आज भी एक चांदी की मोहर मिली है कल दो मिली थी । सभी को पुलिस ने जप्त कर लिया है ,।  इस मामले में गहराई से जांच की जा रही है । चूँकि यह मामला पुरातत्व से जुड़ा है इस कारण पुरातत्व विभाग को लिखा जा रहा है । ताकि वे लोग यहां आकर खुदाई करें , हो सकता है की कोई प्राचीन नगर इसके  नीचे दफ़न हो । 
                                                 पूर्व जनपद सदस्य  राम कृपाल शर्मा ने बताया की यह इलाका पूर्व में डकैत प्रभावित क्षेत्रो में रहा है ।  हरदौटा गाँव में अधिकांशतः घोषी ठाकुरो की आबादी है । 

आजादी के ६८ साल बाद मिलेगी गाँव वालों को एक किलोमीटर की सड़क


छतरपुर / रवीन्द्र व्यास /28 जून 15/पन्ना विकासखण्ड का दमचुआ गांव के लोगो को आजादी के ६८ साल बाद  एक किलोमीटर की सड़क  मिलेगी ।   विस्थापित बंगाली परिवारों के लिए जाना जाता है  यह दमचुआ गाँव ।  इस गाँव के  लोगो को अपने नजदीकी  बृजपुर क़स्बा पहुँचने के लिए ८ किमी का चक्कर लगाना पड़ता है , जब की दूरी  है मात्र एक किमी ।   कलेक्टर की पहल पर किसानो ने  अपनी भूमि शासन को  सड़क निर्माण हेतु  देने की आज सहमति देकर  गाँव की  दूरी काम कर दी । 

 ग्राम दमचुआ के निवासियों की समस्याओं का निराकरण करने के लिए मंत्री सुश्री  कुसुम मेहदेले तथा कलेक्टर शिव नारायण  सिंह चौहान ने  गाँव के माध्यमिक शाला परिसर में  जनसुनवाई की। गाँव के  बच्चों ने सडक न होने से बृजपुर जाकर पढाई करने में कठिनाई की बात कही। ग्रामवासियों ने बताया कि सडक के लिए 5 किसानों के खेतों की जमीन की जरूरत होगी। मंत्री सुश्री मेहदेले ने इनमें से दो किसानों  रामदत्त मिश्रा तथा  बृजबिहारी तिवारी से मोबाईल फोन पर बात की। उन्होंने गांव की जरूरतों से उन्हें अवगत कराया। मंत्री जी के अनुरोध पर दोनों किसानों ने अपनी भूमि सडक निर्माण के लिए देने की सहमति दी। इसके बाद शेष तीन किसानों से  कलेक्टर ने बात की। गांव के हित को देखते हुए किसानों ने अपनी भूमि सडक निर्माण के लिए प्रदान करने सहमति दी।
   
      कलेक्टर ने मौके पर उपस्थित कार्यपालन यंत्री आरईएस को तत्काल प्रस्तावित सडक का स्टीमेट तैयार करके एक सप्ताह में मौसम अनुकूल होने पर सडक निर्माण प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सडक का निर्माण मनरेगा योजना से किया जाएगा। मंत्री सुश्री मेहदेले ने कहा कि दमचुआ प्रगतिशील गांव है। यहां के निवासियों को बृजपुर जाने के लिए बरसात में परेशानी होती थी। केवल एक किलो मीटर की दूर बृजपुर जाने के लिए 8 किलो मीटर का चक्कर लगाना पडता था। हाई स्कूल में पढने वाले लडके-लडकियों को भी कीचड से होकर जाना पडता था। पर किसानों के सहयोग से गांव की यह समस्या दूर हो गई है। उन्होंने कहा कि दमचुआ में सीसी रोड का निर्माण तथा हाटूपुर में सामुदायिक भवन का निर्माण विधायक निधि से किया जाएगा। 
दरअसल शासकीय भूमि न होने तथा किसानों की भूमि के कारण सीधी सडक का निर्माण अब तक नही हो पाया। ग्रामवासी इसके लिए लगातार प्रयास करते रहे। सुश्री कुसुम सिंह मेहदेले मंत्री पशुपालन, पीएचई, ग्रामोद्योग मछली पालन, विधि एवं विधायी कार्य तथा कलेक्टर शिवनारायण सिंह चौहान के प्रयासों से यह समस्या निपटी ।  जब की यहां अनेकों कलेक्टर आये और यही कह कर चले गए की शासकीय भूमि नहीं है इस कारण  सीधी सड़क नहीं  बन पाएगी ।  ये पन्ना जिले का वह इलाका है जहां सर्वाधिक उथली हीरा खदाने हैं । सड़क ना होने का लाभ अवैध हीरा खनन वाले भी उठाते रहे हैं । 

03 जून, 2015

खजुराहो के मंदिर पर गिरी गाज , छात्रा की मौत

खजुराहो के मंदिर पर गिरी गाज , छात्रा की मौत 

छतरपुर/ / , विश्व विख्यातपर्यटक स्थल खजुराहो के पश्चिमी मंदिर समूह के जगदम्बिका मंदिर पर  गाज गिरी । गाज गिरने से जहां मंदिर का मुख्य गुम्बद क्षति ग्रस्त हो गया वही मंदिर घूमने आई एक छात्रा की मौत हो गई । मंदिरो पर गज गिरने की यह पहली घटना है । जिस समय गाज गिरी उस समय लड़की के साथ उनका पूरा परिवार था , सिर्फ उसी पर गज गिरना भी किसी रहस्य से काम नहीं है । 
                              भारतीय पुरातत्व संके खजुराहो के सह अधीक्षक राहुल तिवारी ने बताया की जगदम्बिका मंदिर  के निकट  यह गाज गिरी < गाज गिरने से मंदिर  अमालक  क्षति ग्रस्त हो गया है । कोई बड़ा नुक्सान नहीं हुआ है , केवल  हिस्सा टूटा है ।  अमालक के सम्बन्ध में उन्होंने बताया की यह मंदिर पर ध्वज वगेरह लगाने के लिए बनाये जाते हैं । लोग बाग़ इसे गुम्बद भी कहते हैं ।
  तिवारी ने बताया की इस हादसे में छतरपुर से यहां घूमने आई एक छात्रा  घायल   हो गई थी जिसे उपचार हेतु अपने वाहन से  खजुराहो के अस्पताल ले गए , जहां से  गंभीर होने पर उसे छतरपुर रेफर कर दिया ।  छतरपुर में गंभीर दशा में आई छात्रा  शिवांगी  शर्मा को यहां डॉ ने मृत घोषित कर दिया ।  शिवांगी के पिता  डॉ धीरेन्द्र शर्मा ने बताया की खजुराहो के अस्पताल में यदि सही तरीके से इलाज मिल जाता तो शिवांगी को बचाया जा सकता था ।  धीरेन्द्र शर्मा अपनी पत्नी और बच्चों के साथ खजुराहो घूमने गए थे । शिवांगी के भाई मनीष ने आरोप लगाया है की  आधे घंटे तक मंदिर परिषर में ही परेशान रहे । यह हादसा यदि किसी विदेशी के साथ होता तो क्या होता । 
                                                   खजुराहो के गाइड नरेंद्र शर्मा ने बताया की खजुराहो के मंदिर पर गाज गिरने की यह पहली घटना है । ए एस आई के राहुल तिवारी कहते हैं की मंदिरो पर तड़ित चालाक लगे हुए हैं जिससे यहाँ बिजली गिरने की संभावना काम ही रहती है ।  घटना के समय मंदिर में शर्मा परिवार सहित १५-१६ पर्यटक थे ।  गाज से सिर्फ शिवांगी आहत हुई 

भगवान पडे बीमार 45 दिन तक बैध करेगे ईल



पन्ना। आज भगवान जगन्नाथ बीमार पड गये है। गर्मी के कारण भगवान जगन्नाथ को लू लगजाती है जिसके कारण वह पूरे 45 दिनों के लिए बीमार पड गये। और अपने भक्तों को दर्शन नहीदेगे साथ ही इनके ईलाज के लिये बैध को भी लगाया जाता है । राजशाही जमाने की परम्परा केअनुसार आज सुबह भगवान स्नान के लिये बाहर निकले और उन्हे लू लग गई और लू लगने सेबीमार हो गये।
  भगवान जगन्नाथ को सोमवार को तेज धूप में पवित्र स्थानो के सुगन्धित जल से स्नान गर्भ गृह के बाहर कराया जाता है।जगन्नाथ स्वामी भाई बलभद्र  बहन सुभ्रदा के साथ जब  हजार छिद्रों वाले घड़े से जब  स्नान  कराया जाता है , तभी जगन्नाथ स्वामी को लू लग जाती है । उनके बीमार पड़ने पर उन्हें गर्भ गृह में ले जाया जाता है । गर्म कपडे पहनाये जाते हैं ताकि पसीना निकले और ज्वर कम हो । इस परम्परा मे घट लुटाने की  परम्परा है बताते हे की इस घट को जो लूटता है उसके घर मे कभी धन-धान्य की कमी नही होती  और धट लूटने वालो को किसी की बुरी नजर नही लगती घट लुटने के लिये सैकडों की संख्या मे श्रदालु शामिल होते है। 
कटरा बाजार में स्थित भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर के पुजारी राकेश गोस्वामी ने बताया की मंदिर में  जगन्नाथ स्वामी भाई बलभद्र और बहन सुभ्रदा विराजमान है , इस बार परुषोत्तम मास होने के कारण 15 दिन नहीं बल्कि  45 दिन तक भगवान बीमार रहेंगे । 19 वर्ष बाद ऐसा योग बना है । 45 दिन  बाद भगवान स्वस्थ्य होकर अपना विवाह रचाने जायेगे। जिसे जगन्नाथ स्वामी की रथ यात्रा भी कहते हैं ।