15 फ़रवरी, 2015

मेडिकल कॉलेज के लिए लिखवाए आठ हजार पोस्टकार्ड

अधिवक्ता संजय शर्मा का पोस्टकार्ड अभियान जारी

छतरपुर। समूचे बुन्देलखण्ड में मानसिक रूप से विक्षिप्त लोगों की सेवा करने के लिए प्रसिद्ध अधिवक्ता संजय शर्मा ने जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए अनूठी अलख जगाई है। बुद्धिजीवियों से लेकर छात्रों तक पोस्टकार्ड लिखवाए जा रहे हैं। पोस्टकार्ड के माध्यम से लोगों को अपनी भावनाएं मुख्यमंत्री तक पहुंचाने एवं छतरपुर जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की आवश्यकता का उल्लेख किया जा रहा है। 
मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए पोस्टकार्ड लिखवा रहे अधिवक्ता संजय शर्मा ने बताया कि 10 हजार पोस्टकार्ड लिखवाने का उन्होंने संकल्प लिया था। अब तक आठ हजार पोस्टकार्ड लिखे जा चुके हैं। श्री शर्मा ने बताया कि छात्रों, बुद्धिजीवियों, सेवानिवृत्त प्राचार्य, व्याख्याता के अलावा जनमानस के अन्य सदस्य शामिल हैं। उन्होंने बताया कि लोगों द्वारा लिखे गए पोस्टकार्ड इकट्ठा कर मुख्यमंत्री को भेजे जा रहे हैं। 
यह लिखा है पोस्टकार्डों में 
सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. एचसी शर्मा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखते हुए उल्लेख किया है कि 16वीं शताब्दी से लेकर 18वीं शताब्दी तक छतरपुर समूचे बुन्देलखण्ड का प्रशासकीय केन्द्र रहा है। अंगे्रजी हुकूमत में छतरपुर के नौगांव में पहला हाईस्कूल 1915 में खोला गया। शिक्षा का प्रमुख केन्द्र होने के कारण छतरपुर में चिकित्सा महाविद्यालय बेहद उपयोगी है। 
एक अन्य पत्र में  सेवानिवृत्त प्राचार्य बीपी खरे ने उल्लेख किया है कि बुन्देलखण्ड का छतरपुर जिला न केवल केन्द्र में है बल्कि अन्य व्यवस्थाओं के लिए बेहद अनुकूल है। यहां मेडिकल कॉलेज खोलना नितांत आवश्यक है। छतरपुर एक शिक्षा हब के रूप में विकसित हो रहा है इसलिए चिकित्सा सुविधा से इस क्षेत्र को जोड़ा जाना बेहद जरूरी है। 
जिला उपभोक्ता फोरम में पदस्थ डाटा मैनेजर अस्सिटेंट इमरान अख्तर ने  मुख्यमंत्री को पोस्टकार्ड लिखते हुए उल्लेख किया है कि विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो होने के कारण यहां आने वाले सैलानियों की बहुत बड़ी तादाद रहती है। कई बार विदेशी सैलानी बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। ऐसी भी स्थितियां बनती हैं कि बीमार लोग यहां आते हैं जिससे बीमारियां फैलने का अंदेशा रहता है लेकिन मेडिकल कॉलेज खोले जाने से न केवल बीमारियों में लगाम लग सकेगी बल्कि विभिन्न बीमारियों से जुड़ी खोजें हो सकेंगी। 
एक अन्य सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. एपी खरे ने पोस्टकार्ड में लिखा है कि प्रत्येक विश्वविद्यालय के अधिकार क्षेत्र में कम से कम एक शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय होना चाहिए। छत्रसाल विश्वविद्यालय की स्थापना छतरपुर में होने जा रही है इसलिए एक चिकित्सा महाविद्यालय खोले जाने की नितांत आवश्यकता है। श्री खरे लिखते हैं कि उनके मार्गदर्शन में दो सैकड़ा से अधिक छात्र पीएमटी के माध्यम से चयनित होकर विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालय में अध्ययन कार्य कर रहे हैं यदि अति पिछड़े बुन्देलखण्ड के छतरपुर जिले में मेडिकल कॉलेज खोला गया तो यहां के लोगों को आसानी से इलाज सुलभ हो जाएगा। 

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