15 फ़रवरी, 2015

पूर्व मंत्री हरीषंकर खटीक बोले मेडीकल कॉलेज छतरपुर का हक

भाजपा जिलाध्यक्ष ने मेडीकल के लिये सीएम को सौंपा मांग पत्र

छतरपुर। समाजसेवियों और पत्रकारों द्वारा पूर्व विधायक जगदम्बा प्रसाद निगम की अगुवाई में उठाया गया मेडीकल कॉलेज का मुद्दा अब तूल पकड़ने लगा है, एक सप्ताह में ही कई संगठनों द्वारा जहां प्रदर्षन कर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन कलेक्टर को सौंपे जा चुके हैं तो वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष डा. घासीराम पटेल ने मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर छतरपुर में मेडीकल कॉलेज की स्थापना के लिये एक मांग पत्र सौंपा। इस मांगपत्र पर छतरपुर के पूर्व भाजपाध्यक्ष जयनारायण अग्रवाल, भाजपा महामंत्री जयराम चतुर्वेदी ने भी अपने हस्ताक्षर किये हैं। डा. घासीराम पटेल पूर्व में ही घोषणा कर चुके थे कि वे मेडीकल कॉलेज के लिये हर स्तर पर सहयोग करने के लिये तैयार हैं। उन्होने अपने वायदे के मुताबिक मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चौहान को छतरपुर जिले की जनआवाज से अवगत कराया और मेडीकल कॉलेज के लिये मांग पत्र सौंपा। डा. पटेल ने बताया कि मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चौहान ने पूरे मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा की और कहा कि जल्द ही इस पर निर्णय लिया जायेगा।
        मध्यप्रदेष शासन के पूर्व मंत्री एवं जिले के तत्कालीन प्रभारी मंत्री हरी शंकर खटीक ने सोसल मीडिया पर जानकारी देते हुये कहा कि जब वे छतरपुर जिले के प्रभारी मंत्री थे तब उन्होने यहां की जनता की मांग मुख्यमंत्री के सामने रखी थी और उन्होने नौगांव में इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की घोषणा की थी। मेडीकल का मुद्दा छतरपुर, टीकमगढ़ और पन्ना जिले के लिये प्रतिष्ठा का प्रष्न है। मेडीकल कॉलेज का हक छतरपुर का है। उन्होने कहा कि वे टीकमगढ़ जिले की पलेरा नगर परिषद में इस आषय का एक प्रस्ताव पास करायेंगे और सीएम को भेजेंगे।
प्रेस क्लब ने दिया ज्ञापन
        मेडीकल कॉलेज के मुद्दे को लेकर गणेष शंकर विद्यार्थी प्रेस क्लब के अध्यक्ष संतोष गंगेले के नेतृत्व में नौगांव के पत्रकारों ने प्रदर्षन किया और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन नौगांव एसडीएम को सौंपा। इस ज्ञापन में मांग की गई है कि छतरपुर में मेडीकल कॉलेज की स्थापना अत्यंत आवष्यक है क्योंकि यहां अस्पताल में प्रतिदिन औसत 1200 मरीजों की ओपीडी होती है, जबकि इतने मरीज झांसी मेडीकल कॉलेज भी नहीं पहुंचते हैं। उन्होने मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
कैप्सन- भाजपा जिलाध्यक्ष डा. घासीराम पटेल, पूर्व मंत्री हरीषंकर खटीक, पत्रकार संतोष गंगेले।

मेडिकल कॉलेज के लिए लिखवाए आठ हजार पोस्टकार्ड

अधिवक्ता संजय शर्मा का पोस्टकार्ड अभियान जारी

छतरपुर। समूचे बुन्देलखण्ड में मानसिक रूप से विक्षिप्त लोगों की सेवा करने के लिए प्रसिद्ध अधिवक्ता संजय शर्मा ने जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए अनूठी अलख जगाई है। बुद्धिजीवियों से लेकर छात्रों तक पोस्टकार्ड लिखवाए जा रहे हैं। पोस्टकार्ड के माध्यम से लोगों को अपनी भावनाएं मुख्यमंत्री तक पहुंचाने एवं छतरपुर जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की आवश्यकता का उल्लेख किया जा रहा है। 
मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए पोस्टकार्ड लिखवा रहे अधिवक्ता संजय शर्मा ने बताया कि 10 हजार पोस्टकार्ड लिखवाने का उन्होंने संकल्प लिया था। अब तक आठ हजार पोस्टकार्ड लिखे जा चुके हैं। श्री शर्मा ने बताया कि छात्रों, बुद्धिजीवियों, सेवानिवृत्त प्राचार्य, व्याख्याता के अलावा जनमानस के अन्य सदस्य शामिल हैं। उन्होंने बताया कि लोगों द्वारा लिखे गए पोस्टकार्ड इकट्ठा कर मुख्यमंत्री को भेजे जा रहे हैं। 
यह लिखा है पोस्टकार्डों में 
सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. एचसी शर्मा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखते हुए उल्लेख किया है कि 16वीं शताब्दी से लेकर 18वीं शताब्दी तक छतरपुर समूचे बुन्देलखण्ड का प्रशासकीय केन्द्र रहा है। अंगे्रजी हुकूमत में छतरपुर के नौगांव में पहला हाईस्कूल 1915 में खोला गया। शिक्षा का प्रमुख केन्द्र होने के कारण छतरपुर में चिकित्सा महाविद्यालय बेहद उपयोगी है। 
एक अन्य पत्र में  सेवानिवृत्त प्राचार्य बीपी खरे ने उल्लेख किया है कि बुन्देलखण्ड का छतरपुर जिला न केवल केन्द्र में है बल्कि अन्य व्यवस्थाओं के लिए बेहद अनुकूल है। यहां मेडिकल कॉलेज खोलना नितांत आवश्यक है। छतरपुर एक शिक्षा हब के रूप में विकसित हो रहा है इसलिए चिकित्सा सुविधा से इस क्षेत्र को जोड़ा जाना बेहद जरूरी है। 
जिला उपभोक्ता फोरम में पदस्थ डाटा मैनेजर अस्सिटेंट इमरान अख्तर ने  मुख्यमंत्री को पोस्टकार्ड लिखते हुए उल्लेख किया है कि विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो होने के कारण यहां आने वाले सैलानियों की बहुत बड़ी तादाद रहती है। कई बार विदेशी सैलानी बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। ऐसी भी स्थितियां बनती हैं कि बीमार लोग यहां आते हैं जिससे बीमारियां फैलने का अंदेशा रहता है लेकिन मेडिकल कॉलेज खोले जाने से न केवल बीमारियों में लगाम लग सकेगी बल्कि विभिन्न बीमारियों से जुड़ी खोजें हो सकेंगी। 
एक अन्य सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. एपी खरे ने पोस्टकार्ड में लिखा है कि प्रत्येक विश्वविद्यालय के अधिकार क्षेत्र में कम से कम एक शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय होना चाहिए। छत्रसाल विश्वविद्यालय की स्थापना छतरपुर में होने जा रही है इसलिए एक चिकित्सा महाविद्यालय खोले जाने की नितांत आवश्यकता है। श्री खरे लिखते हैं कि उनके मार्गदर्शन में दो सैकड़ा से अधिक छात्र पीएमटी के माध्यम से चयनित होकर विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालय में अध्ययन कार्य कर रहे हैं यदि अति पिछड़े बुन्देलखण्ड के छतरपुर जिले में मेडिकल कॉलेज खोला गया तो यहां के लोगों को आसानी से इलाज सुलभ हो जाएगा। 

लक्ष्य कठिन है, असंभव नही


लक्ष्य कोई भी आसान नहीं होता और न ही असंभव। हम एक ही लक्ष्य को लेकर चलें तो वह और भी आसान हो जाता है। यह लड़ाई साढ़े 7 लाख और पचास लाख लोगों के बीच है। साढ़े सात लाख लोगों के एक एक जन प्रतिनिधि ने पचास लाख लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचा दी और पचास लाख लोगों के 17 रहनुमा मौन साधे बैठे हैं। ऐसे में हम सब को आगे बढ़कर अपने लक्ष्य को पाने के लिए अकेले जागरूक ही नहीं होना आवश्यक है बल्कि अपने भाग्य विधाताओं को साते से जगाना भी जरूरी है। 
मेडीकल कॉलेज दतिया में खुल रहा है और वहां की आवादी 786754 है और उसमें से भी काफी बड़ी जनसंख्या वाला क्षेत्र ग्वालियर के मेडीकल कॉलेज के नजदीक है। जबकि छतरपुर की आवादी 1762857 जो दतिया से दो गुनी है। यही नहीं छतरपुर जिले पर टीकमगढ़ जिले की 14 लाख 44 हजार 920, पन्ना जिले की 1 लाख 16 हजार 520, महोबा, बांदा और हमीरपुर की लगभग 30 लाख आवादी भी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निर्भर है। ऐसी स्थिति में 50 लाख आवादी वाले जनप्रतिनिधि का ठगा जाना चिंताजनक है। 
मेडीकल कॉलेज की आवश्यकता पत्रकार, जनप्रतिनिधियों या धनाढ्य लोगों की नहीं है बल्कि इसकी आवश्यकता उन लोगों को अधिक है जो कीमती इलाज कराने और दूर दराज जाकर अपना इलाज कराने में असमर्थ हैं। गंभीर बीमारी से पीडि़त अधिकांश पत्रकार, जनप्रतिनिधि और धनाढ्य वर्ग या तो स्वयं के खर्चे से या शासन के खर्चे पर इलाज करा सकते हैं। किंतु गरीब, प्रभावहीन, मध्यम वर्ग अपना इलाज मेडीकल कॉलेज में करा सकता है जिसकी संख्या सर्वाधिक है। इसलिए इस लड़ाई में हम सब को एक जुट होकर खड़ा होना होगा तभी हम लक्ष्य पा सकते हैं। हम आम जन को यह भी बताने की आवश्यकता इसलिए समझते हैं ताकि कुछ लोग भ्रमित कर आंदोलन को दबाने, विफल करने का प्रयास करेंगे। इसके लिए यह समझना होगा कि इस लड़ाई के लिए किसी न किसी को अगुवा बनना ही पड़ता। जिसके लिए जुझारू जननेता जगदम्बा प्रसाद निगम की अगुवाई में पत्रकारों ने यह बीणा उठाया है। पत्रकारों को अपना इलाज कराने के लिए कई साधन है। न भी हों तो शासन ने पत्रकार बीमा, पत्रकार कल्याण चिकित्सा उपलब्ध कराई है। निगम साहब को पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता होने के कारण  चिकित्सा सुविधा के लिए किसी के सामने हाथ फैलाने की आवश्यकता नहीं है। न ही कोई पत्रकार चिकित्सा व्यवसाय में शामिल है जिन्हें लाभ उठाने के लिए इस संघर्ष की आड़ लेनी पड़े फिर भी जन भावना के लिए हम सब एक जुट होकर इस आंदोलन में जुड़े हैं। निगम साहब की इतनी उम्र हो गई है कि वे चुनाव लडऩा तो दूर राजनीति भी नहीं कर सकते और न ही उन्हें किसी नाम कमाने की भूख है। क्योंकि वे तो छतरपुर के जुझारू नेता के नाम से पिछले 40 वर्षों से विख्यात हैं। रही बात पत्रकारों की तो पत्रकारों का नाम तो रोज हजारों पाठक पढ़ते हैं। इस स्वार्थ के लिए उनका अखबार ही पर्याप्त है। उन्हें किसी आंदोलन की आवश्यकता नहीं है।
अब आपको एक जुट करने का प्रयास कर रहे हैं। जो भी इस मुहिम को सही मानते हैं वे आगे आयें। अपने तरीके से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को मांग पत्र भेजें, रैलियां निकालें, हस्ताक्षर अभियान चलाएं क्योंकि यह लक्ष्य आसान नहीं है इसलिए सभी को एक जुट होकर बिना स्वार्थ के आगे बढऩा होगा। हम सभी उनके साथ हैं। इसका मतलब यह नहीं कि हमने तो आग लगा दी और दूर हो गए। हम सभी जो भी इस  अभियान से जुड़े हैं आपके कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़े रहेंगे। यह लड़ाई जारी रहेगी जब तक छतरपुर में मेडीकल कॉलेज की घोषणा नहीं हो जाती।
श्याम किशोर अग्रवाल,
 वरिष्ठ पत्रकार

02 फ़रवरी, 2015

छात्र ने की आत्म हत्या अपनी पिटाई का विडिओ वाइरल होने से था दुखी


छतरपुर // २ फरवरी १५  मध्य प्रदेश के  छतरपुर  में एक छात्र संदीप सेन ने आज अपने ही घर पर देशी 315 बोर के कट्टे से गोली मारकर सुसाइड कर लिया। बारहवीं के इस छात्र के  साथ कुछ दिन पहले की गई मारपीट की गई थी ,  मारपीट का आरोपियों द्वारा  वीडियो  बनाया गया  उसे वाट्स अप पर वाइरल किया गया । जिससे  आहत होकर पीड़ित छात्र   यह कदम उठाया ।  घटना की खबर लगते ही सिटी कोतवाली पुलिस मोके पर पहुंची और मौका मुआयना कर जाँच शुरू कर दी है ।  वही मृतक के दोस्तों की माने तो कुछ दिन पहले संदीप सेन के साथ कल्लू  ,जीतू  ,रैपर दादा और मनु राजा ने मारपीट कर उसका वीडियो बनाया था । इस वीडियो में चारो आरोपी मृतक के साथ बेल्टो और लाट घूंसों से पिटाई कर रहे है बस इसी बात से आहात होकर शायद संदीप ने यह जानलेवा कदम उठाया।   पुलिस भी वीडियो के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की बात कह रही है।  वही मृतक जनपद पंचायत छतरपुर में लेखपाल हरी शंकर सेन का बेटा है और हरिशंकर पूर्व विधायक आशारानी सिंह के निज सचिव भी रह चुके है /
एडिशनल एस पी  नीरज पाण्डेय ने बताया की कोतवाली थाना क्षेत्र में एक युवक संदीप  की गोली लगने से मृत्यु हो गई है पास में एक हथियार भी मिला है ,किन परिस्थितयों में गोली लगी और घटना घटित हुई इसकी विस्तृत जांच की जा रही है । कुछ समय पहले इसका विवाद भी हुआ था जिसमे ये नामजद आरोपी था सिविल लाइन थाना क्षेत्र में पिछली घटनाओं से इसका कोई रिलेशन है अथवा नहीं इसकी भी विवेचना की जा रही है , एक विडिओ भी सामने आया है जिसमे कुछ लोगों द्वारा इसकी मारपीट की जा रही इसकी भी जांच की जा रही है । 
मृतक का दोस्त- सुभाष यादव ने  बताया की वीडिओ उसकी बनाई गई थी और उसे बहुत मारा गया था , बाथरूम पिलाई , दो माह पहले की बात है उसी लड़ाई के पीछे ये लोग फिर मारना चाह रहे थे /