17 अक्टूबर, 2014

नगर सरताज के लिए संघर्ष


रवीन्द्र व्यास 
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
सियासत के इन तथाकथित सामाजिक संतो से जनता सिर्फ प्रवचन ही ना सुने बल्कि अपनी जिज्ञासाओं का भी समाधान करे / यह ना सिर्फ मतदाता जागरूकता का परिचायक होगा बल्कि लोकतंत्र के लिए भी एक शुभ लक्षण होगा / आखिर देश के हर नागरिक को यह जानने का अधिकार है की वह अपने प्रतिनिधि से पूंछे की पांच वर्षो में उसने अथवा उसकी पार्टी ने नगर और समाज के विकाश के लिए क्या किया और अपने और अपने समर्थको के विकाश के लिए क्या किया ? कौन से दस अच्छे काम किये जिसमे धन का दुरूपयोग नहीं हुआ ? ऐसा कौन सा कार्य किया जो समाज को सदा याद रहेगा ?
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
मध्य प्रदेश में नवम्बर- दिसंबर में नगरीय निकाय चुनाव होना है / इन चुनावो को लेकर कांग्रेस और बीजेपी अपनी -अपनी रणनीति बनाने में जुट गई है / कांग्रेस  इस बार  उम्मीदवारों के चयन से लेकर प्रचार के अभियान तक में फूंक -फूंक कर कदम रखने की नीति पर चल रही है / वहीँ बीजेपी हर दरवाजे तक पहुँचने और देश ,प्रदेश , नगर-पालिका ,नगर परिषद और नगर निगम में (बीजेपी काल ) किये गए कार्यो और उपलब्धियों को बताने का अभियान आज से  शुरू कर दिया  है / राजनैतिक दलों की तरह मतदाताओ का भी यह दायित्व बनता है कि वे इन रहनुमाओ से सवाल पूंछें कि नगरीय क्षेत्र के विकाश और स्वयं के विकाश के लिए क्या क्या किया  आपकी पार्टी के प्रतिनिधि ने /जब आप संतुष्ट हो जाएं इनके जबाबों से तब चुने अपने नगर का सरताज /
                                      मध्य प्रदेश में जमीन छोड़ती कांग्रेस के लिए नगर निकाय के चुनाव अपना आधार बनाने का एक बड़ा मौका होगा / इसी लिए कांग्रेस ने इस बार प्रत्याशी चयन में अतरिक्त सतर्कता बरतने का निर्णय लिया है / आया -राम गया -राम  और दो नावों पर सवारी करने वालो से कांग्रेस पार्टी दूरी बनाएगी / ऐसे लोगों को अब कांग्रेस टिकिट नहीं देगी जो बीजेपी से कांग्रेस में आए / और ऐसे लोगो को भी टिकिट नहीं दी जायेगी जिनके परिवार के कुछ सदस्य बीजेपी में और कुछ कांग्रेस में होंगे / वार्ड में सिर्फ उसी वार्ड के निवासी कांग्रेस कार्यकर्ता को टिकिट दी जायेगी / चुनाव जितने के लिए कांग्रेस दो तरह के घोषणा पत्र बनएगी एक स्थानीय और एक प्रदेश स्तर का होगा / साथ ही इस बार कांग्रेस अपने प्रत्याशियों को आर्थिक मदद भी नहीं करेगी / चुनाव लड़ने वाला अपने स्तर पर आर्थिक संसाधन जुटाएगा / पार्टी  नेताओ को शायद यह ज्ञान बीजेपी से मिल गया है की जनता से ही मदद और वोट लेकर उसी पर पांच साल शासन करो / इस लिए कांग्रेस भी अब हर द्धार पर वोट और नोट मांगती नजर आएगी /
                                      बढ़िया है अरुण बाबू देर आये दुरुस्त आये ? वहीँ बीजेपी  इस बार के नगरीय निकाय चुनाव में किसी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहती है / शिवराज  काल के भक्त ये जानते हैं कि  यदि इसमें चूक हुई तो इसका असर उनकी छवि पर पडेगा /और केंद्र में विराजमान मोदी की सेना उन्हें  कुचलने में कोई कोताही नहीं करेगी / आखिर मोदी का सपना जो साकार करना है कांग्रेस मुक्त भारत का / इस लिए बीजेपी ने अभी से हर नगरीय क्षेत्र के लिए प्रभारी बना दिए / नवरात्रि के शुभ दिनों में अपना अभियान शुरू कर दिया हर परिवार से मिलने का / बीजेपी नेता हर परिवार को अपने किये कार्यो की कथा बताएँगे /
                                    सियासत के इन तथाकथित सामाजिक संतो से जनता सिर्फ प्रवचन ही ना सुने बल्कि अपनी जिज्ञासाओं का भी समाधान करे / यह ना सिर्फ मतदाता जागरूकता का परिचायक होगा बल्कि लोकतंत्र के लिए भी एक शुभ लक्षण होगा / आखिर देश के हर नागरिक को यह जानने का अधिकार है की वह अपने प्रतिनिधि से पूंछे की पांच वर्षो में उसने अथवा उसकी पार्टी ने नगर और समाज के विकाश के लिए क्या किया और अपने और अपने समर्थको के विकाश के लिए क्या किया ? कौन से दस अच्छे काम किये जिसमे धन का दुरूपयोग नहीं हुआ ? ऐसा कौन सा कार्य किया जो समाज को सदा याद रहेगा ? 
                                     लोकतंत्र की नीव मजबूती के लिए शुरुआत कही से तो करनी होगी ,-/ अन्यथा इन राजनैतिक संतों के प्रवचन हम सुनेगें हमारी आने वाली पीढ़ी सुनेगी और स्थितियां जस की तस बनी रहेंगी । 

कोई टिप्पणी नहीं:

विकास की उमंग और चुनौतियों के संघर्ष का बुंदेलखंड

  बुंदेलखंड की डायरी  विकास की उमंग और चुनौतियों के  संघर्ष का  बुंदेलखंड  रवीन्द्र व्यास  दो राज्य में बटे बुंदेलखंड के लिए    2025  में कई...