18 जनवरी, 2014

बाघों को है अब आवारा कुत्तों से खतरा


- पन्ना टाइगर रिजर्व के बाघों को  अब आवारा कुत्तों से जान का ख़तरा हो गया है /  हाल ही में शिकारियों का  निशाना बनते  बाघो पर  ड्रोन से नजर रखने   की मुहीम चलाई गई थी /  अब  कुत्तों से फैलने वाला केनाइन डिस्टेम्पर वाइरस एक  नया खतरा बन गया है/  देश _ दुनिया में ईको डाईवर्सिटी के तहत जंगल में बाघों के  वजूद को कायम  रखने के लिए  हर संभव प्रयास हो रहे हैं/  
यह खतरनाक  वाइरस टाइगर रिजर्व के  आसपास की  बसाहटों में रहने वाले आवारा और पालतू  कुत्तों की  त्वचा में होता है /पन्ना टाइगर रिजर्व में ही  विगत चार माह पूर्व एक पागल कुत्ते ने बाघ को काट कर  जख्मी कर दिया था./  जख्मी बाघ को  इन्क्लोजर में रखकर उसे रैबीज के  टीके  लगाये गये जिससे वह संक्रमण  से बच गया और अब खुले जंगल में नैसर्गिक  जीवन जी रहा है./ लेकिन कुत्तों से ही फैलने वाले कैनाइन  डिस्टेम्पर वाइरस के  नये उत्पन्न खतरे को  देखते हुए बाघों के  अस्तित्व को  बचाना और भी चुनौती पूर्ण हो गया है भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान भी इस वाइरस को  बाघों के  लिए गंभीर खतरा मानता है बाघों के  अस्तित्व में आये इस संकट के  बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ;एनटीसीए भी हरकत में आ गया है एनटीसीए ने हाल ही में राज्यों के  टाइगर रिजर्व के आसपास के  इलाको  में घूमने वाले पालतू या आवारा कुत्तों के  टीकाकरण के  निर्देश दिए हैं बताया गया है कि कैनाइन  डिस्टेम्पर वाइरस के  संक्रमण  से अभी तक  सिर्फ उत्तर प्रदेश में एक  बाघ की  मौत की  पुष्टि हुई है /इतना ही नहीं साल 2006 में साउथअफ्रीका के जंगलों में रहने वाले कई शेर इस वायरस का शिकार हुए है और उनकी मौत भी हो गई 

  पन्ना टाइगर रिज़र्व के क्षेत्र संचालक  आर श्रीनिवास मूर्ति   का  कहना है कि  हमने विटनरी कालेज जबलपुर के साथ मिलकर वन्य प्राणियों में संक्रामक बीमारीयों की  निगरानी परियोजना शुरू कर दी है /.मूर्ती के मुताबिक  पन्ना टाइगर रिजर्व में एक भी  बाघ इस वायरस से अभी पीड़ित नहीं है /
समाज सेवी निशांत व्यास का कहना है कि  खतरनाक कैनाइन  डिस्टेम्पर वाइरस बाघों के  नर्वस सिस्टम पर असर डालता है  इसका संक्रमण  होने पर बाघ बेहोश हो जाता  हैं./ पन्ना  टाइगर रिजर्व के  भीतर तीन गांव व पांच किलोमीटर की  परिधि में तकरीबन 80 गांव है इन  गांव के पालतू व आवारा कुत्तों को  टीके  लगवाया जाना तत्काल जरूरी है /.इसमें देरी करने से बाघों को इस वायरस से बचना मुस्किल भी हो सकता है //



17 जनवरी, 2014

कलेक्टर एवं सीईओ ने बांटे गरीबों को कम्बल

सामाजिक न्याय विभाग के सौजन्य 
छतरपुर/कलेक्टर डॉ. मसूद अख्तर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डॉ. सतेन्द्र सिंह ने बीती रात गरीबों को कम्बलों का वितरण किया। उन्होंने कड़कड़ाती ठंड में 60 वर्ष से उपर के वृद्धों, झुग्गी झोपडि़यों, बस स्टैण्ड एवं खुले में तंबू लगाकर रह रहे कुल 55  लोगों को कम्बल बांटे / कंबलों का यह  वितरण सामाजिक न्याय विभाग के सौजन्य से किया गया।
 सबसे पहले महोबा रोड पर स्थित जॉन राय टौरिया के गरीब लोगों को कंबलों का वितरण किया गया। इसके बाद बस स्टैण्ड पर सो रहे लोगों को कंबल बांटे गये। तत्पश्चात मेला ग्राउण्ड में कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत के साथ अन्य अधिकारी पहुंचे, जहां तंबू लगाकर रह रहे लोगों को ठंड से बचने के लिये कंबल प्रदान किये गये। कंबल पाकर सभी लोग बहुत खुश हुये। कुल 55 कंबलों का वितरण किया गया। कंबल बांटने का सिलसिला आगामी दिनों में भी जारी रहेगा।

12 जनवरी, 2014

ड्रोन करेगा अब बाघो की निगरानी



पन्ना /छतरपुर  ,पन्ना और  छतरपुर जिले में फैले टाईगर रिजर्व फिर से बाघ विहीन ना हो जाए इसके लिए पार्क प्रबंधन ने कमर कस ली है /वर्ष 2009 में यह टाइगर रिजर्व बाघ विहीन हो गया था, इसी के चलते अब पार्क प्रबंधन कोई भी ख़तरा मोल लेना नहीं चाहता /  बाघों सहित अन्य जानवरों की निगरानी के लिए अब ड्रोन (विमान ) मंगवा लिए गए हें /  शुक्रवार को दो मानव रहित विमान (ड्रोन )से निगरानी शुरु कि गई ।  पन्ना में हो रहा यह प्रयोग यदि सफल रहा तो आने वाले समय में इस योजना को देश के अन्य नेशनल पार्क में भी लागू किया जाएगा /
 भारतीय वन जीव संस्थान देहरादून ,विश्व प्राकृति निधि, अन्तर्राष्ट्रीय कंवर्जेशन, ड्रोंस स्वीटजरलैंड, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण और मप्र वन विभाग के सँयुक्त प्रयास से  यह निगरानी प्रायोगिक तौर पर की जा रही है। कन्वर्जेशन ड्रोंस स्वीटजरलैण्ड संस्था के द्वारा दुनियाभर में अलग-अलग देशों में मानव रहित विमानों से वन्य प्राणियों का सर्वेक्षण सफ लतापूर्वक किया गया है।  इसके लिए दो मानव रहित विमान पन्ना टाइगर रिजर्व में लाये  गए हैं। इस तकनीक का पहली बार उपयोग पन्ना टाईगर रिजर्व में किया जा रहा है। इसके पहले असंम के कांजीरंगा नेशनल पार्क में इसका प्रयोग करने का प्रयाश हुआ था किन्तु सुरक्षा कारणो के चलते वहाँ इसकी अनुमति नहीं मिली थी / 
यह  मानव रहित विमान ड्रोन लगभग  वजन करीब 700  ग्राम है। इसमें संवेदनशील कैमरे लगे हुए हैं। इसकी गति अधिकतम 50 किलो मीटर प्रति घंटा है। यह रिमोर्ट से संचालित होता है। आटो पायलट होने के कारण यह भेजे जाने वाले स्थान पर दोबारा वापस आ जाता है।   वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी इसे आसानी से संचालित कर सकते हैं।
इनसे दो दिनों में होने वाली निगरानी में इन विमानों के वन्य जीवों के प्रबंधन और संरक्षण में इस्तेमाल करने के संबंध में विश्लेषण किया जाएगा।  
 576 वर्ग किलो मीटर क्षेत्र में पन्ना और छतरपुर जिले में पन्ना टाइगर रिजर्व फैला है /1981 में इसकी स्थापना हुई और १९८४ में इसे  टाइगर रिजर्व का दर्जा मिला /  वर्ष 2009 में यह टाइगर रिजर्व बाघ विहीन हो गया था/नवम्बर 2009 से बाघ पुनस्र्थापना योजना शुरू की गई थी।  बाघ पुनस्र्थापना योजना के तहत  बाघों की संख्या बढ़ाने  में मिसाल पेश की है। । अब यहां बाघों की संख्या 23 तक पहुंच गई है।   
  बाघ पुनस्र्थापना योजना के मुताबिक कुल 6 संस्थापक बाघों को पन्ना लाया जाना था लेकिन पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी से एक नर एवं कान्हा और बांधवगढ़ से चार बाघिन सहित 5 संस्थापक बाघ यहां लाए गए थे। तकनीकी कारणों से एक अन्य नर बाघ को पन्ना लाने की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया था।
बाहर से यहां पर लाई गई चार बाघिनों में से अभी तक बाघिन टी.1 ने दो बार तथा टी.2 व टी. 4 ने तीन-तीन बार शावकों को जन्म दिया है। इस योजना के तहत पन्ना में कई अभिनव प्रयोग भी हुए हैं। इनमें पालतू अनाथ दो बाघिनों को जंगली बनाने का प्रयोग भी शामिल है।

पार्क के संचालक श्रीनिवास मूर्ति बताते हें कि  ये वन एवं वन्य प्राणी प्रबंधन  यू ए वी तकनिकी है  un mend  vhical  का इसको ड्रोन भी कहते हें इसको प्रयोगात्मक तौर  पर भारत में दूसरी बार चलाया जा रहा है पन्ना टाइगर रिजर्व में / पन्ना टाइगर रिजर्व  में बाघों के पुनर्स्थापन का काम चल रहा है जिसमे उच्च तकनिकी का उपयोग हो रहा है इस तकनिकी से बाघों के अनुश्रवण में कितना बेहतर उपयोग कर सकते हें उस बात को देखा जाएगा / अन्य वन  सम्बंधित काम हें उसको भी टेस्ट किया जाएगा /सुरक्षा में कितना सफल साबित होता है उसके बारे में टेस्ट किया जाएगा /  
ये प्रयोग जून तक चलेगा।  बीच- बीच में ये लोग आकर हैम लोगो को प्रशिक्षण देते रहेंगे /ये प्रयोग बहुत अच्छा साबित होगा पन्ना टाइगर रिजर्व  में बाघों कि स्थिति बहुत अच्छी है , जो डिस्पर्सबिल में आज कि जो स्थिति है हर  टाइगर रेडिओ कालर पहना हुआ है उसमें जो मानव संसाधन लगता है उसकी जगह इसका उपयोग करने का रास्ता खुला है /

वहीँ भारतीय वन्य जीव  संस्था के डॉ ई।  रमेश कुमार कहते हें कि ड्रोन बेसिकली काफी काम कर सकता है वीडिओ डॉक्युमेंटेशन फ़ोटो डॉक्युमेंटेशन कर सकता है / बाद में हैम लोग थर्मल केमरा लगाने की कोशिश करेंगे  रेडिओ टेलीमेट्री  जो टाइगर को मॉनिटर कर रहे उसके लिए उपयोग कि कोशिश कर रहे हें ये प्रोजेक्ट पन्ना में प्रयोग करते हुए पूरे  देश कि लिए कोशिश कर रहे हें । स्विट्जरलेंड के ड्रोन्स कन्सर्वेशन के लयान कहते हें कि  संस्था ने दो वर्ष पहले काम शुरू किया है संस्था का उद्देश्य बगैर किसी लाभ के ऐसी तकनिकी उपलब्ध कराना जिससे वन्य जीवो पर निगरानी  रखी जा सके , हमने इंडोनेशिया। , नेपाल  जैसे देशो में इसका प्रयोग किया है और अब भारत में इसका पहली बार प्रयोग किया जा रहा है /

                       वन्य प्राणी विषेशज्ञ  रघु चुणावत  पार्क प्रबंधन के इस प्रयास को सराहनीय तो मानते हें किन्तु वे कहते हें कि उन तमाम स्थितियों कि भी समीक्षा होनी चाहिए जिसके चलते पार्क बाघ विहीन हुआ / उन्होने बताया कि जो रिपोर्ट आई हे उसमे बाघो के विनाश का मुक्य कारण बाघ का पार्क एरिया से बाहर जाना बताया गया है / अब ये ड्रोन क्या पार्क के बाहर भी नजर रख पाएंगे 

02 जनवरी, 2014

हादसा


जश्न मना कर लौटे तो मिली मौत 

खजुराहो 1/1/14
पर्यटन नगरी खजुराहो में नए साल का जश्न मनाकर लौट रहे युवाओं पर नया साल कहर बनकर टूटा / इनकी  कार एयरपोर्ट के पास डिवाइडर टकरा गई। इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि चार अन्य साथी घायल हो गए। 
बिजावर  के आमिर खान, जहीरउद्दीन, मयंक, कपिल और हनी कुप्ता एक कार (एमपी 16 सी- 5976) से  नए साल का जश्न मनाने आए थे।  थे। इन युवाओं ने रात भर खजुराहो में जश्न मनाया। इसके बाद रात करीब ढाई बजे वे बिजावर के लिए कार से रवाना हुए। इनकी कार एयरपोर्ट के सामने डिवाइडर से  टकरा गई। इसमें आमिर खान की मौके पर ही मौत हो गई।  कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। 
इस दुर्घटना में जहीरउद्दीन, मयंक, कपिल और हनी गुप्ता घायल हो गए। इनको इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहां उनका इलाज चल रहा है। मृतक का पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। 

सड़क दुर्घटना में एक की मौत 
पन्ना सिमरिया थाना क्षेत्र के तहत ग्राम मोहंद्रा पावर हाउस के नजदीक रामपुर मोड़ के पास बाइक पर सवार तीन युवक बस की चपेट में गए। इस हादसे में एक युवक की मौत घटना स्थल पर ही हो गई। सिमरा निवासी युवक राव साब पिता बद्दू सिंह (२०)अपने साथी नेपाल सिंह पिता रघुवीर सिंह और ऋषिराज पिता चन्द्रपाल निवासी बरतला बाइक पर सवार थे। मंगलवार की शाम 5 बजे मोहन्द्रा से अपने गांव की ओर जा रहे थे। इसी दौरान मोहन्द्रा से कटनी की ओर जा रही एक यात्री बस को ओवरटेक करते समय बाइक बगल से बस से टकरा गई। दुर्घटना में राव साब की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। वहीं नेपाल सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे गंभीर हालत में जबलपुर के लिए रेफर कर दिया गया है।