11 नवंबर, 2015
टल्ली महिला ने थाने में हंगामा किया
रवीन्द्र व्यास
टीकमगढ़
९ नवम्बर :अभी
तक: कोतवाली में कल एक महिला ने दारु के नशे में जम
कर हंगामा किया । नशे में धुत्त यह महिला पुलिस वालों से रिपोर्ट दर्ज करने के लिए
कहती रही और पुलिस इसको समझाती रही । पुलिस के सामने अजीब उलझन थी क्योंकि घटना के
समय थाने में कोई महिला पुलिस नहीं थी ।
नरैया मुहल्ला निवासी रेहाना ने शराब के नशे में धुत्त होकर खुलेआम कोतवाली में पुलिस वालों से ही गाली-गलौंच की । यह महिला पुलिस पर दबाव बना रही थी कि वह उसके परिवारी जनों के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज करें क्यों
कि उन्होंने शराब में उसे डाई पिला दी है।

गाली सुनते पुलिस
वाले उससे अस्पताल
जा कर इलाज
कराने का अनुरोध
करते रहे ।
जिस पर यह महिला अड़ गई कि पहले हमारी रिपोर्ट लिखो,। लेकिन कोतवाली में उस समय महिला पुलिस बल मौजूद न होने के कारण कोतवाली पुलिस
बेबस नजर आई
।
जब यह महिला हंगामा कर रही थी तो उसके परिजन तथा मुहल्लेवासी चुपचाप तमाशा देखते रहे। महिला के पिता ने बताया कि रेहाना दो शादियां करउन्हें तलाक दे चुकी है । फिर से उनकी छाती पर जबरन मूंग दलने आ गई है। उसके ऊपर किसी भी अच्छी बात का कोई असर नहीं होता।पुलिस
वालो ने उस
समय राहत की
साँस ली जब
लगभग एक घंटे हंगामा करने केबाद उक्त महिला वहां से टैक्सी में बैठकर चली गई
विदेशी पर्यटक पर मधुमक्खीयों का हमल
रवीन्द्र व्यास
खजुराहो 9 नवम्बर :अभी तक: आज यहां एक इजराइल के पर्यटक को मधुमक्खियों ने बुरी तरह से घायल कर दिया । यह पर्यटक खजुराहो के मदिर धूमने के बाद खजुराहो मेला ग्राऊँड में फोटो ग्राफी कर रहा था।
खजुराहो के सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार पी आर रैकवार ने बताया की मेला ग्राऊंड
के पास खजुराहो
नगर परिषद की
पानी की टंकी
में मधुमक्खियों के
कई छाते लगे
हुए है ।
यही मेला की
दुकाने भी लगी
हैं । इस
इलाके में जब
यह इजराइली पर्यटक
के पीनी (३८) फोटो
खींच रहा था
। इसी दौरान
मधु मक्खियाँ उस पर टूट
पड़ी । मधु
मक्खियों के इस
हमले से बचाने
के लिए स्थानीय
लोगो ने पर्यटक
को फर्श और
गद्दा से ढक
कर बचाया ।
मौके पर पहुंची
पुलिस ने तत्काल
ही पर्यटक को एक
एम्बुलेंस से खजुराहो
के स्वास्थ्य केंद्र
ले गए ।
जहां उसका इलाज
किया गया ।
इलाज के बाद
जिला अस्पताल छतरपुर
के लिए रिफर
कर दिया गया।
इससे
पहले भी कई
वार यह मधुमक्खियों
लोग़ों पर हमला
कर चुकी है। खजुराहो नगर परिषद
की लापरवाही से
इस जर्जर टंकी
से मधुमक्खियों का
छाता नहीं हटाया
गया ,मधुमक्खियों के
हमले के काफी
देर बाद एम्बुलैंस
से धायल विदेशी
पर्यटक को खजुराहो
के प्राथमिक स्वास्थ
केंद्र लाया गया
10 नवंबर, 2015
17 अक्टूबर, 2015
पदमाबती का चमत्कारिक धाम जहाॅ गिरे थे माॅ के पदम
शिव कुमार त्रिपाठी
शिव कुमार त्रिपाठी
बुंदेलखंड के पन्ना नगर के उत्तर पश्चिम छोर पर किलकिला नदी के समीप यह प्राचीन देबी मंदिर स्थित है । मंदिर को स्थानीय बोली मे बडी देबन कहते है। लोकमान्यता के अनुसार प्राचीन काल मे इस क्षेत्र मे पदमाबत नाम के एक नरेश हुआ करते थे, जो शक्ति के उपासक थे उन्होने अपनी आराध्य देबी माॅ दुर्गा को पदमाबती नाम से इस प्राचीन मंदिर मे स्थापित किया \ कलान्तर मे इस क्षेत्र का नाम इसी मंदिर के कारण पदमाबतीपुरी हुआ जो बाद मे परना और बर्तमान मे पन्ना बना \ पदमाबती देबी का उल्लेख भबिष्य पुराण तथा बिष्णु धर्मोत्तर पुराण मे किया गया है\ भारत की शकितपीठो मे एक ये शक्तिपीठ है माॅ का जहाॅ हार गिरा बो मैहर के नाम से जाने लगा और पन्ना मे माॅ का पदम यानि दाहिना पैर गिरा तो इस शक्तिपीठ का नाम पदमाबती शक्तिपीठ के नाम से जाना जाता है \
यहाॅ पर जो भी मनोकामना मानी जाती है पूर्ण होती है मैहर की शारदा माता का जो महत्ब है बही महतब पन्ना की पदमाबती देबी का है ,बुदेलखण्ड के लोग इसे पन्ना की मैहर माता मानते है, मैहर की शारदा माता पबई की कलेही देबी और पन्ना की पदमाबती देबी हबा मे त्रिकोण बनाती है ,जो समान्तार 45 किलांेमीटर की दूरी पर है इसे यंत्र भी माना जाता है ,नबरात्र शुरू होते ही पदमाबती देबी यानि पन्ना मे बउी देबी के नाम से मशहूर इस मंदिर मे सुबह से ही भक्तो की भीड़ लगने लगती है। और जो भी मनोकामना मानी जाती है बो पूर्ण होती है यूॅ तो मंदिर के ग्रर्भ गा्रह मे 7 प्रतिमाएॅ है और मध्य मे बिराजी पदमाबती देबी हर मनोरथ पूर्ण करती है
परीक्षा मे अच्छे अंक प्राप्त करना हो या कैरियर बनाना हो बडी देबी सभी कुछ पूर्ण करती है।
पदमाबती देबी के इस मंदिर का जितना बडा धार्मिक महत्ब है उतना ही ऐतहासिक भी है 925 मे तुर्क यात्री इबने कुरदान ने भी अपने यात्रा अभिलेख मे इस स्थान का बर्णन किया है यहाॅ एक प्राचीन शिलालेख भी है जिसमे बहाम्मी लिपि मे कुछ लिखा गया है जो अपठनीय है और नबरात्र मे कुछ ज्यादा ही भक्तो की भीड होने लगी है और कहते है कि पदमाबती देबी भक्तो को संकटो से तो बचाती ही हे कई बार बालिका रूप मे दर्शन भी देती है
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