03 जून, 2015

भगवान पडे बीमार 45 दिन तक बैध करेगे ईल



पन्ना। आज भगवान जगन्नाथ बीमार पड गये है। गर्मी के कारण भगवान जगन्नाथ को लू लगजाती है जिसके कारण वह पूरे 45 दिनों के लिए बीमार पड गये। और अपने भक्तों को दर्शन नहीदेगे साथ ही इनके ईलाज के लिये बैध को भी लगाया जाता है । राजशाही जमाने की परम्परा केअनुसार आज सुबह भगवान स्नान के लिये बाहर निकले और उन्हे लू लग गई और लू लगने सेबीमार हो गये।
  भगवान जगन्नाथ को सोमवार को तेज धूप में पवित्र स्थानो के सुगन्धित जल से स्नान गर्भ गृह के बाहर कराया जाता है।जगन्नाथ स्वामी भाई बलभद्र  बहन सुभ्रदा के साथ जब  हजार छिद्रों वाले घड़े से जब  स्नान  कराया जाता है , तभी जगन्नाथ स्वामी को लू लग जाती है । उनके बीमार पड़ने पर उन्हें गर्भ गृह में ले जाया जाता है । गर्म कपडे पहनाये जाते हैं ताकि पसीना निकले और ज्वर कम हो । इस परम्परा मे घट लुटाने की  परम्परा है बताते हे की इस घट को जो लूटता है उसके घर मे कभी धन-धान्य की कमी नही होती  और धट लूटने वालो को किसी की बुरी नजर नही लगती घट लुटने के लिये सैकडों की संख्या मे श्रदालु शामिल होते है। 
कटरा बाजार में स्थित भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर के पुजारी राकेश गोस्वामी ने बताया की मंदिर में  जगन्नाथ स्वामी भाई बलभद्र और बहन सुभ्रदा विराजमान है , इस बार परुषोत्तम मास होने के कारण 15 दिन नहीं बल्कि  45 दिन तक भगवान बीमार रहेंगे । 19 वर्ष बाद ऐसा योग बना है । 45 दिन  बाद भगवान स्वस्थ्य होकर अपना विवाह रचाने जायेगे। जिसे जगन्नाथ स्वामी की रथ यात्रा भी कहते हैं । 

21 मई, 2015

मगर मच्छ ने निगला फायर वाचर



मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व के फायर वाचर दुर्जन यादव 
 को मगर मच्छ नेनिगल लिया   टाइगर रिजर्व में काम करने वाला यह व्यक्ति ,टाइगर रिजर्व के अंदर  केन नदीके भैरा  घाट पर रोजान नहाने जाता था   गए रोज जब यह नहाने के लिए नदी में कूदा  तोफिर बाहर नहीं निकल पाया ।६०   घंटे से भी ज्यादा समय बीतने के बाद उसे खोजा नहीं जासका  फील्ड   डायरेक्टर  भी स्वीकारते हैं की मगर ज्यादा होने के कारण गोता खोर नदी मेंनहीं जा पा रहे हैं।

 फॉयर बॉचर 25 बर्षीय दुर्जन यादब  खाना  बना कर  नहाने  गया था  उसके  कपडे साबुन धाटके किनारे रखे है और बह पानी मे कूदा इसके बाद बापिस नही आया । केन नदी के इस भौरादेबस्थान मे झीलनुमा  बडी गहराई है खोजने के लिये लापता श्रमिक का पता लगाने पुलिस डॉगस्कबाइड और गोताखोरो की मदद भी ली  जा रही है । यहॉ पर बडी संख्या मे मगरमच्छ होने केकारण गोताखोर भी काम नही कर पा रहे है। 
फील्ड डॉयरेक्टर ने तलाश अभियान तेज करने की बात  कहते  है । वे बताते हैं की १८ ता कीसुबह की घटना है श्रमिक दुर्जन सिंह यादव मंडला  निवासी है , वह केम्प में खाना पकाकर नदी नहाने गया था , काफी खोज किया सर्च किया कल गुमशुदा की रिपोर्ट की है , पुलिस केडागस्कवाड़ , गोता खोर  आये नदी  में मगर ज्यादा होने के  कारण वे नदी में  जाने से  डर रहे  हैं /
पानी में जाने के बाद क्या हुआ स्पष्ट नहीं हो पाया है / मगर खा गया इसकी पोसिबिल्टी है  वह  डाइवलगा कर हर दिन नहाता था , युवा है फिजिकल भी ठीक है । 
 पर कुछ अनसुलझे सवाल हैं जिनके जबाब टाइगर रिजर्व के अधिकारियों के पास नहीं हैं ।  केन नदी  में  बड़ी संख्या में मगर मच्छ होने की बात खुद पार्क प्रबंधन करता है । ऐसे खतरनाक स्थान पर  पार्क  को एक चेतावनी बोर्ड लगाने की जरुरत थी जो नहीं लगाया गया । यहां आने वाले टूरिस्टों को तो यहाँ जाने से रोका जाता था किन्तु पार्क का ही एक श्रमिक रोजाना यहां नहाता था जिसकी रोक थाम की जरुरत पार्क प्रबंधन ने नहीं समझी ।  सामाजिक संस्था सोसल मीडिया फाउंडेशन के उपाध्यक्ष आर के थापक  कहते हैं कियाः पूर्णतः पार्क प्रबंधन की लापरवाही है । 

19 मई, 2015

विस्फोट से घर उडा, तीन गंभीर एक की मौत



छतरपुर // पन्ना जिले के धरमपुर थाना इलाके के   नवस्ता  गाँव में सोमवार  को रामविशाल ुर्जी ( 60 )के घर में  विस्फोटक सामाग्री बनाते समय  अचानक हुए  विस्फोट में पूरा घर क्षतिग्रस्त हो गया। , विस्फोट होते ही घर में आग लग गई  आज  जिसमें भी एक की मौत और तीन लोग गंभीर रूप सेझुलस गये है। जिन्हे उपचार हेतु पन्ना जिला अस्पताल भर्ती किया गया है । 
इस घटना में सुरक्षित बचे भाई राजा भैया ने बताया  की राम विशाल , दादू  , श्रीमति नीलम  गम्भीर रूप से झुलस गई और राम दास ( 28) की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। घटना कीसूचना मिलते ही मौके पर पहुची पुलिस ने गंभीर रूप से झुलसे लोगो को सामुदायिक स्वास्थ्यकेन्द्र अजयगढ लेकर आई जहां प्राथमिक उपचार कर पन्ना चिकित्सालय रिफर कर दिया गयातो वही मृतक रामदास का शव पीएम के लिए भेज मर्ग कायम किया।पन्ना के  डॉ  एच एन शर्मा  बताया की रामविशाल और दादू ८० फीसदी जले हैं  नीलम कुछ ठीक , हालत गंभीर है । 
पन्ना जिले की यह कोई पहली घटना घटना नहीं है अभी  कुछ ही माह  पहले शहर के जुगुल किशोर जी मंदिर के पास एक घर में विस्फोटक सामाग्री के कारण हुए विस्फोट ें एक की मौत हो गई थी और घर क्षतिग्रस्त हो गया, था ।  नवस्ता गाँव में भुर्जी के घर में भी शादी समारोह के लिए पठाके और देशी बम बनाये जाते थे , घर के अंदर और बीच गाँव में यह सारा काम   होता था । 



पुलिस के भय से बालक ने खुद को जिन्दा जलाया /

 




छतरपुर // मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में एक १४ वर्षीय बालक ने  पुलिस के भय से खुद को जिन्दा लिया । उपचार के लिए उसे ग्वालियर रेफर किया गया था , जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई । नाराज नागरिकों ने आज बालक की अर्थी चौराहे पर रख कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की   । नाराज परिजन तभी माने जब पुलिस अधिकारी ने जांच का भरोषा देते हुए दोषी के विरुद्ध कार्यवाही का आश्वाशन दिया । 
 बालक के पिता गंगू सेन ने बताया कि पुलिस के द्वारा हमारे बच्चे को बुरी तरह से मारा गया जिस  कारण उसकी मौत हो गई ,  आत्म ह्त्या कर ली । ९-१० ता को गार्डन में  चोरी हो गई थी \ पुलिस  घर पर आई और कहा    बच्चा कहाँ है उसकी कैमरे में फोटो है , बस ले कर चले गए , शाम को हम लिवा लाये ।  फिर दो पुलिस वाले  ले गए ,उसे तीन दिन तक कोतवाली में रखा और दो पुलिस वालों ने तीन दिन  नंगा कर मारा । १५ ता को  था सो छोड़ दिया , और बोले की इसकी मार्क शीट लेकर इसे साथ लेकर आना / हमने कहा  जब आदेश करेंगे तब हम  आ जायेंगे । जब हम उसे लेकर आये तब वह चल   नहीं पा रहा था । अस्पताल  भर्ती रहा । १३ ता को फिर सुड़ेले  नामक पुलिस वाला आया  बोला  बुलाया है यादव दरोगा ने  लेकर आ जाना । इसके बाद उसने तेल डाल कर आग लगा ली , हम उसे इसी तरह जाली हुई दशा में कोतवाली लेकर पहुंचे  कहा की आपने बुलाया था  इसने आग लगा ली है हम इसे लेकर आये हैं । , तो कोतवाली से हमको भगा दिया बोले चले जाओ सीधे अस्पताल जाओ , अस्पताल से इलाज के बाद  रेफर कर दिया,  ग्वालियर गए वहां खत्म हो गया  ,। 
 इसी घटना से नाराज नागरिकों ने आज  पपौरा चौराहे पर अर्थी रख कर जाम लगाया । पुलिस के खिलाफ जैम कर नारे बाजी की । को पुलिस ने हाथ जोड़ कर समझाईस दी और जांच का भरोषा दिया तब कहीं जा कर  बालक का अंतिम  संस्कार हो सका । 

  दरअसल मामला  एक चोरी की तहकीकात का है । कोतवाली पुलिस ने ९-१० मई की रात संगम मैरिज गार्डन में हुई एक चोरी के मामले में बालक को  पूंछ - तांछ  के लिए बुलाया था ।  मैरिज गार्डन से एक व्यक्ति के 40 _50 हजार के  जेवर और मोबाइल चोरी चला गया था । मोबाइल  से पुलिस बालक तक पहुंची थी । इस जांच में पुलिस ने तीन दिन तक हिरासत में रखा  और इस दौरान उसे नग्न कर पेड़ से बाँध कर जानवरो की तरह पीटा  गया था  ।  १३ मई को जब फिर पुलिस वाले  गंगू सेन को   यह आदेश दिया की अपने बेटे को कोतवाली भेज देना । इतना सुनने के बाद बालक ने तेल डाल  कर आग लगा ली थी ।  
इस मामले पर टीकमगढ़ के एडिशनल एस  पी - सुनील तिवारी कहते हैं की एक सूचना प्राप्त हुई है की उनके बच्चे के साथ मारपीट की है , जिससे लज्जित  होकर उसने ऐसा कदम उठाया है , हम इसकी समग्र रूप से जाँच कराएंगे , जांच में यदि कोई दोषी पाया जाएगा तो उसके खिलाफ कार्यवाही करेंगे \


08 मार्च, 2015

शिक्षा माफियाओं के लूट के खेल पर टेडी हुई सरकार की नजर

 
रवीन्द्र व्यास 
छतरपुर // लोक शिक्षण संचालनालय  भोपाल के आयुक्त ने निजी स्कूल माफियाओं पर नकेल कसने के आदेश दिए हैं । शिवराज सरकार की मंशा है की आम नागरिक को शिक्षा माफियाओं की लूट से मुक्ति मिले । अायुक्त ने इस सम्बन्ध में प्रदेश भर के कलेक्टरों को निर्देश भी दिए ताकि हर जिले में व्यवथा चुस्त दुरुस्त रहे । २७ फरवरी को दिए गए इस आदेश के अनुसार अशासकीय विद्यालयों  द्वारा अगले शिक्षा सत्र से विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों पर विद्यालय परिसर में स्थित विक्रेता या किसी दुकान विशेष से पुस्तकें एवं गणवेश खरीदने का दबाव नहीं बना सकेंगे।
लोक शिक्षण संचालनालय  भोपाल के आयुक्त के पत्र क्र ८७५  दिनाक २७ फरवरी को प्रदेश के समस्त कलेक्टरों  के नाम जारी पत्र  में स्पष्ट किया गया है कि ,शासन  को यह शिकायतें मिलीं थी कि अशासकीय विद्यालयों द्वारा शैक्षणिक सत्र शुरू होने के पहले शाला में प्रवेश लेने वाले तथा पढ़ रहे विद्यार्थियों पर दबाव बनाया जाता है कि वे दुकान विशेष से ही पुस्तकें, गणवेश और अन्य शैक्षणिक सामग्री खरीदें। यह व्यवस्थ कदापि उचित नहीं कही जा सकती है । 
प्रदेश में संचालित निजी हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल या तो सीबीएसई अथवा माध्यमिक शिक्षा मण्डल से संबद्ध हैं । सभी निजी विद्यालयों के लिए यह अनिवार्य है की वे आगामी शिक्षण सत्र शुरू होने के कम से कम एक माह पूर्व पुस्तकों की सूचि लेखक एवं प्रकाशक के नाम तथा मूल्य के साथ ,अपने विद्यालय के सूचना पटल  पर प्रदर्शित करें ,। सुचना पटल पर यह भी अंकित होना आवश्यक है कि  किसी दूकान विशेष से सामग्री क्रय करने की बाध्यता नहीं है । किसी भी स्थिति में विद्यार्थीओ एवं उनके अभिभावकों को पर बल पूर्वक पुस्तकें एवं अन्य सामग्री किसी विशेष निजी विक्रेताओं से क्रय करने का दबाव नहीं डाला जाना चाहिए । और शाला के विद्यार्थियों को ऐसी सूचि उपलब्ध कराएं ,ताकि विद्यार्थी एवं उनके अभिवावक इन पुस्तकों को अपनी सुविधा से खुले बाजार से खरीद सकें ।   
शिवराज सरकार का आदेश छतरपुर में बे असर 
सामाजिक संस्था सोशल मीडिया फाउंडेशन के उपाध्यक्ष आर. के थापक  का कहना है कि लोक शिक्षण संचालनालय  भोपाल का यह कोई पहला आदेश नहीं है इसके पूर्व भी हर वर्ष इस तरह के आदेश जारी किये जाते हैं । सरकार की मंशा यह साफ़ रहती है की  किसी भी तरह  आम नागरिक निजी स्कूलों की लूट का शिकार ना हो । सरकार की मंशा पर आदेश जारी कर लोक शिक्षण संचालनालय मौन  हो जाता है । वहीँ जिले के  अधिकाँश कलेक्टर भी  इस मसले पर नैतिकता का परिचय नहीं देते । यही हाल छतरपुर , पन्ना , टीकमगढ़ , सागर  और दमोह में भी देखने को मिलता है । छतरपुर  के  पूर्व  कलेक्टर  ई   रमेश कुमार ने २०११ में और राहुल जैन ने २०१२ में  निजी विद्ययालयों की इस दुकान दारी पर नकेल कसने  हेतु पत्र जारी किये थे । जिसमे लोक शिक्षण संचालनालय  भोपाल , और केंद्रीय विद्यालय संग़ठन नई दिल्ली के आदेशों का हवाला  गया था । इन तमाम आदेशो के बावजूद  छतरपुर जिले में विद्यार्थियों के  अभिभावकों के साथ लूट का यह खेल जारी है ।  
नहीं लगी सूचना पटल पर सूचि 
सरकार के रिकार्ड में छतरपुर जिले  में  1049 निजी स्कूल दर्ज हैं , समाचार लिखे जाने तक किसी भी स्कूल में  पुस्तकों और सामग्री की सूचि सूचना पटल  पर नहीं लगी है । इस मामले में अलग अलग स्कूलों के छात्रों से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि हर विद्यालय की अपनी एक अलग निर्धारित दूकान है जिससे  किताबें, कापियां और सामग्री क्रय करने की बाध्यता है \  
                सामजिक संस्था सोशल मीडिया फाउंडेशन ने इस मसले पर अभिवावकों से एक जुट होने की अपील की है , ताकि वे संस्थागत लूट से बच सकें । संस्था ने अभिवावकों से ये भी अपील की है की वे अपने बच्चों को विद्यालय में प्रवेश दिलाने के पहले उस विद्यालय की मान्यता वगेरह की जांच अवश्य कर लें । 

Political_bangal _election_बंगाल का फैसला: सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, राजनीतिक चेतावनी भी

  बंगाल का फैसला: सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं , राजनीतिक चेतावनी भी रवीन्द्र व्यास  पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों ने भारतीय राजनीति को एक ब...