19 मई, 2015

पुलिस के भय से बालक ने खुद को जिन्दा जलाया /

 




छतरपुर // मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में एक १४ वर्षीय बालक ने  पुलिस के भय से खुद को जिन्दा लिया । उपचार के लिए उसे ग्वालियर रेफर किया गया था , जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई । नाराज नागरिकों ने आज बालक की अर्थी चौराहे पर रख कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की   । नाराज परिजन तभी माने जब पुलिस अधिकारी ने जांच का भरोषा देते हुए दोषी के विरुद्ध कार्यवाही का आश्वाशन दिया । 
 बालक के पिता गंगू सेन ने बताया कि पुलिस के द्वारा हमारे बच्चे को बुरी तरह से मारा गया जिस  कारण उसकी मौत हो गई ,  आत्म ह्त्या कर ली । ९-१० ता को गार्डन में  चोरी हो गई थी \ पुलिस  घर पर आई और कहा    बच्चा कहाँ है उसकी कैमरे में फोटो है , बस ले कर चले गए , शाम को हम लिवा लाये ।  फिर दो पुलिस वाले  ले गए ,उसे तीन दिन तक कोतवाली में रखा और दो पुलिस वालों ने तीन दिन  नंगा कर मारा । १५ ता को  था सो छोड़ दिया , और बोले की इसकी मार्क शीट लेकर इसे साथ लेकर आना / हमने कहा  जब आदेश करेंगे तब हम  आ जायेंगे । जब हम उसे लेकर आये तब वह चल   नहीं पा रहा था । अस्पताल  भर्ती रहा । १३ ता को फिर सुड़ेले  नामक पुलिस वाला आया  बोला  बुलाया है यादव दरोगा ने  लेकर आ जाना । इसके बाद उसने तेल डाल कर आग लगा ली , हम उसे इसी तरह जाली हुई दशा में कोतवाली लेकर पहुंचे  कहा की आपने बुलाया था  इसने आग लगा ली है हम इसे लेकर आये हैं । , तो कोतवाली से हमको भगा दिया बोले चले जाओ सीधे अस्पताल जाओ , अस्पताल से इलाज के बाद  रेफर कर दिया,  ग्वालियर गए वहां खत्म हो गया  ,। 
 इसी घटना से नाराज नागरिकों ने आज  पपौरा चौराहे पर अर्थी रख कर जाम लगाया । पुलिस के खिलाफ जैम कर नारे बाजी की । को पुलिस ने हाथ जोड़ कर समझाईस दी और जांच का भरोषा दिया तब कहीं जा कर  बालक का अंतिम  संस्कार हो सका । 

  दरअसल मामला  एक चोरी की तहकीकात का है । कोतवाली पुलिस ने ९-१० मई की रात संगम मैरिज गार्डन में हुई एक चोरी के मामले में बालक को  पूंछ - तांछ  के लिए बुलाया था ।  मैरिज गार्डन से एक व्यक्ति के 40 _50 हजार के  जेवर और मोबाइल चोरी चला गया था । मोबाइल  से पुलिस बालक तक पहुंची थी । इस जांच में पुलिस ने तीन दिन तक हिरासत में रखा  और इस दौरान उसे नग्न कर पेड़ से बाँध कर जानवरो की तरह पीटा  गया था  ।  १३ मई को जब फिर पुलिस वाले  गंगू सेन को   यह आदेश दिया की अपने बेटे को कोतवाली भेज देना । इतना सुनने के बाद बालक ने तेल डाल  कर आग लगा ली थी ।  
इस मामले पर टीकमगढ़ के एडिशनल एस  पी - सुनील तिवारी कहते हैं की एक सूचना प्राप्त हुई है की उनके बच्चे के साथ मारपीट की है , जिससे लज्जित  होकर उसने ऐसा कदम उठाया है , हम इसकी समग्र रूप से जाँच कराएंगे , जांच में यदि कोई दोषी पाया जाएगा तो उसके खिलाफ कार्यवाही करेंगे \


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