28 नवंबर, 2019

एनएच सड़क निर्माण के निर्बाध काम हेतु लगी धारा 144


किसानों के विरोध से निपटने के लिये लगाई धारा 144
सरकार का दबाव  है जल्द से जल्द हो सडक निर्माण
दबाव से दबे है जिला के अधिकारी
मुआवजा वितरण के अलग अलग पैमाने को लेकर है किसानों में असंतोष


एनएच सड़क निर्माण के निर्बाध काम हेतु लगी धारा 144
रवींद्र व्यास 

छतरपुर / जिले की राजनगर तहसील के टुरया गाँव के किसान बाबूलाल अहिरवार की आधा एकड़ जमीन राजपथ निर्माण की भेंट चढ़ गई | बाबूलाल की जमींन तो सरकार ने अधिग्रहित कर ली पर ना उन्हें बताया गया और ना उन्हें मुआवजा मिला |  सड़क निर्माण कंपनी द्वारा अधिग्रहित की गई भूमि पर सड़क निर्माण का काम पुलिस के पहरे में  शुरू कर दिया गया | निर्माण का विरोध करने पहुंचे बाबूलाल को चेतावनी दी गई कि यहां धारा 144 लगी है  अगर कुछ किया तो जेल जाओगे । यह दर्द अकेले बाबूलाल भर का नहीं है बल्कि राजनगर तहसील क्षेत्र के तीन दर्जन से ज्यादा अनुसूचित जाति ,अनुसूचित जनजाति सहित डेड सौ से ज्यादा किसानो का है |  जिन्हे मुआवजा की राशि को लेकर अशंतोष है | प्रशासन भी  मानता है कि मुआवजा को लेकर किसानो में अशंतोष है | किसानो के दमन और सड़क निर्माण कम्पनी की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने धारा 144 लगा दी है |     

पिछले दिनों राष्ट्रीय राज मार्ग 75 / 76  के  राजनगर तहसील इलाके में हो रहे सड़क निर्माण कार्य के विरोध में  ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया था | बीजेपी के किसान नेता गोविन्द सिंह की अगुवाई में हुए इस प्रदर्शन में ग्रामीणों ने  मुआवजा वितरण की विसंगतियों को लेकर नाराजगी व्यक्त की थी | गोविन्द सिंह बताते हैं पीड़ित  किसानो ने 18 नवम्बर को कलेक्टर छतरपुर को ज्ञापन सौंपा था , उसके पहले राजनगर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा था | ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि बसारी पटवारी हल्का के दो दर्जन किसानो की जमीन पर बल पूर्वक सड़क निर्माण का काम चल रहा है |  किसानो को धमकी देकर उनकी फसलें उजाड़ दी गई ,खेत पर लगे हरे भरे वृक्ष नष्ट कर दिए गए | भू अधिग्रहण में लगे कर्मचारियों द्वारा खुले आम भ्रस्टाचार किया जा रहा है , एक ही रकबा की भूमि पर दो तरह की मुआवजा राशि दी गई | जिनसे पैसा मिल गया उन्हें ज्यादा और जिनसे नहीं मिला उन्हें कम राशि दी गई | किसान अगर विरोध करने जाए तो राजनगर एसडीएम किसानो पर प्रकरण दर्ज करवा देते हैं , पुलिस बुला कर धमकी दी जाती है , अनैतिक रूप से धारा 144 लगा रखी है | गोविन्द सिंह बताते हैं बात सिर्फ इतनी ही नहीं है बल्कि यह एक तरह का बड़ा भू अधिग्रहण घोटाला है , जिसमे व्यापक टूर पर मनमानी की गई | रेलवे क्रासिंग के समीप 30 _ 35 दलित किसानो की भूमि ना तो अधिग्रहित की गई ना उन्हें मुआवजा मिला  और उनकी जमीं पर सड़क निर्माण काम शुरू हो गया | ज्ञापन पर छतरपुर कलेक्टर ने एक जांच कमेटी नायब तहसीलदार के नेतृत्व में  बनाई है | उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर न्याय नहीं मिला तो व्यापक आंदोलन होगा |   
गंज गाँव के राजू सोनी ने बताया कि मेरे  डबल स्टोरी मकान का  केवल २ लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है  \ दो लाख में अब  एक कमरा नहीं बन पाता नया घर कैसे बनेगा | दरअसल  झांसी - खजुराहो फोर लेन रोडएनएच 75 का शिलान्यास केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने शिलान्यास किया था | सड़क निर्माण का यह कार्य   पीएनसी कंपनी द्वारा किया जा रहा है | जिसमे से   राजनगर तहसील क्षेत्र में  21 किमी फोर लेन सड़क  बन रही  है। सूत्रों की माने तो  450 किसानों को  लगभग 151 करोड़ रु  मुआवजे राशि स्वीकृत की गई है | विवाद के पीछे  वृक्षों के विनाश से ज्यादा मुआवजा वितरण की विसंगति को लेकर अशंतोष राजनगर तहसील क्षेत्र ही नहीं बल्कि हर इलाके में देखने को मिल रहा है | सरकार ने 2010 के आधार पर किसानो की भूमि अधिग्रहित कर ली और उसी आधार पर मुआवजा तय कर दिया  गया |  किसानो का आरोप है कि हमारी  भूमि अधिग्रहित की गई 2015 _2016 में,  यही अधिकारियों और कर्मचारियों ने बड़ा खेल किया , जिनसे पैसा मिल गया उन्हें 2016 की दर पर मुआवजा दिया गया और जिनसे नहीं मिला उन्हें 2010 की दर पर राशि दी गई | मुआवजा वितरण की इस विसंगति पूर्ण स्थिति के कारण  देवगाँव  के  किसान कन्हैयालाल पिता माधव शर्मा  (60)  की  मौत हो गई थी ।किसान  मुवाबजे को लेकर परेशान था । 
 राजनगर एसडीएम स्वप्निल वानखेड़े ने  कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 144 लागू करने के बारे में मीडिया को  बताया कि हमने अपने आदेश में लिखा है कि कुछ लोग (सड़क  निर्माण कंपनी वालो के साथ  )बार-बार मारपीट कर रहे थे ,कई पर मामले भी दर्ज थे , एक बार नहीं ३-४ बार मारपीट हुई थी ,जान मारने की धमकी दी थी | पी एन सी वालो  ने बताया था कि ऐसी स्थिति में  काम नहीं कर पाएंगे जहाँ हमारी जान को ख़तरा हो । उन्होंने बताया कि धारा 144 तब तक लगी रहेगी जब तक मामला शांत नहीं हो जाता | 144 में  तो नहीं पर उसके पहले 2 -3 लोगों को बंद किया गया है | सड़क निर्माण के लिए पुलिस लगा रखी है एक्स्ट्रा फ़ोर्स लगाईं गई है | एसपी छतरपुर से एक्स्ट्रा फ़ोर्स मांगी गई है ,| असल में यह हमारे यहां से नहीं बल्कि मुख्यमंत्री और केंद्रीय सरकार से दबाव है की  काम जल्द से जल्द पूर्ण किया जाए | इसलिए आदेश का पालन करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।  
एसडीएम ने स्वीकारा  कि  2010 के नियमों के अनुसार दिए जा रहे मुआवजे के वितरण में भारी विरोधाभास हैजबकि कुछ को 2016 के नियमों के अनुसार दिया गया है,| इस संबंध में मैंने सीएम,  कमिश्नर  और यहां के विधायक और जन प्रतिनधियों  को पत्र लिखा था, |  कि  इसमें काफी भिन्नता है या तो आप  केंद्र सरकार से नोटीफिकेशन करवाकर सभी को एक जैसा  मुआवजा दिलाया जाए या तुरंत निर्णय किया जाए । हम नीचे के अधिकारी हैं इसके अलावा कुछ कर नहीं सकते |उन्होंने बताया कि  इस मामले में  अभी तक सरकार की और से  कोई एश्योरेंस नहीं आया है |  
                 इस मामले को देखकर यह समझा जा सकता है की किसानो की हितेषी होने का डीएम भरने वाली सरकारें कितनी हितेषी हैं | 

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