बुंदेलखंड की डायरी
चुनाव देख बुंदेलखंड पर मेहरबान होती सरकार
रवीन्द्र व्यास
बड़ी देर कर दी हुजूर आते आते _ मध्य प्रदेश में इन दिनों सरका र और राजनैतिक दल चुनावी मोड में हैं,| प्रदेश के चुनावी सर् वे में यह बात साफ़ हो चुकी है की इस बार अब तक बीजेपी और कां ग्रेसके मत प्रतिशत में 12 फी सदी का अंतर है | खासकर बुंदे लखंड जैसे इलाके में जहां की 2 6 विधान सभा सीटों में से वर् तमान में बीजेपी के 20 और कां ग्रेस के 6 विधायक है | ऐसे में बीजेपी और उसकी प्रदेश सरकार बुन्देलखंडयों को पटाने में जु टे हैं |बीजेपी के सामने अपनी २० विधान सभा सीटों को बचाने की चुनौती खड़ी है | इस चुनौती से बचने के लिए चुनावी वर्ष में मेहरबानि यों की वारिश हो रही है , | दूसरी तरफ बीजेपी औरकांग्रेस सियासी समीकरण बनाने के लिए जा तीयता का समीकरण बनाने में और रूठो को मनाने में भी जुटे हैं ,|
पिछले एक हफ्ते में प्रदेश सरकार के मुखिया ने बुंदेलखंड के दो दौरे किये , इन दौरों के दौरान उन्होंने आश्वासन , शिलान्यास , उद्घाटन और घोषणाओं की बारिश करने में कोई कोताही नहीं बरती | २ जुलाई को सागर जिले के खुरई में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगभग 4 हजार करोड़ लागत की बीना नदी संयुक्त सिंचाई परियोजना का ऑनलाइन ई-शिलान्यास किया | दावा किया गया कि परियोजना पूर्ण होने पर खुरई, बीना एवं सुरखी विधानसभा क्षेत्र के 4033 गाँव की 90 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि में सिंचाई होगी 21मेगावाट जल-विद्युत का उत्पादन भी किया जायेगा । इस परियोजना के अन्तर्गत बीना नदी पर मड़िया और चकरपुर में बाँध बनाये जायेंगे। इस परियोजना से अंचल के 331 ग्रामों की पेयजल समस्या का निराकरण होगा। यह परियोजना बुंदेलखंड अंचल में त्रि-फसलीयव्यवस्था को कारगर करने में सहायक सिद्ध होगी। परियोजना के निर्माण से 1324 परिवार प्रभावित होंगे, जिनके पुनर्वास के लिये ग्राम बेरखेड़ी में 48 हेक्टेयर जमीन आवंटित कर दी गई है।
शिवराज ने दावा किया कि बुन्देलखण्ड में बण्डा, बाणसुजारा, पवई सिंचाई परियाजनाओं पर काम जारी है। केन-बेतवा लिंक परियोजना पर उत्तरप्रदेश से चर्चा चल रही है। चुनाव के पहले क्षेत्र में प्रस्तावित अन्य सिंचाई परियोजनाओं का भी जल्द ही भूमि-पूजन कियाजायेगा।
चुनाव देख अब सरकार को विकाश पर्व की याद आने लगी है | 7 जुलाई को सागर के बमोरा में विकाश पर्व के नाम पर शिवराज सिंह ने सागर में विकास प्राधिकरण और कर्रापुर को नगर पंचायत बनाने की घोषणा की। इस मौके पर 14 हजार करोड़ रूपये से अधिकलागत के नगरीय विकास के कार्यों का ई-शिलान्यास और ई-लोकार्पण भी किया ।इस मौके को सरकार ने कुछ इस तरह बताने का जतन किया जैसे सारा प्रदेश विकाश से सराबोर हो गया हो | इसीलिए सरकार ने प्रदेश के सभी 378 नगरीय निकायों में विकास पर्व मनवायाताकि लोगों को लगे प्रदेश में विकास की गंगा प्रवाहित हो रही है । ये अलग बात है कि स्वर्णिम मध्य प्रदेश का नारा जब प्रदेश वाशियों को आकर्षित ना कर सका तो उसे धीरे से दरकिनार कर दिया गया था |
निवाड़ी के जिला बनने से खफा होते लोग
लगभग पांच साल पहले ऐसा ही एक चुनाव का दौर था , बीजेपी के सामने एक चुनौती थी कांग्रेस की अजेय निवाड़ी विधान सभा सीट को जीतने की | प्रदेश के घोषणा वीर शिवराज सिंह चौहान ने इस सीट को जीतने के लिए एक सियासी शस्त्र चलाया कि अगर यहां सेबीजेपी जीती तो निवाड़ी को जिला बना दिया जाएगा | उनकी इस घोषणा का असर यह जरूर हुआ कि निवाड़ी विधान सभा से पहली बार बीजेपी प्रत्यासी २७ हजार से ज्यादा मतों से जीता | साढ़े चार साल तक मुख्य मंत्री जी और उनकी पार्टी को निवाड़ी को जिला बनानेकी जरुरत महसूस नहीं हुई , क्योंकि ना तो यह व्यवहारिक था और ना ही प्रशासनिक लिहाज से उचित था | अब जब सर्वे और तमाम तरह के राजनैतिक इनपुट में बीजेपी को बुंदेलखंड खिसकता हुआ नजर आ रहा है तो सरकार ने प्रदेश का 52 वा जिला निवाड़ी को बनानेकी अधिसूचना जारी कर दी | दो माह का समय दावे और आपातियों के लिए दिया गया है | इसमें तीन तहसीलों को जोड़ा जा रहा है , जिसमे निवाड़ी ,ओरछा और पृथ्वीपुर तहसील को संम्मलित किया जा रहा है |
बीजेपी सरकार के निर्णय का अब टीकमगढ़ जिले के लोग खुल कर विरोध करने लगे हैं | छात्र संघ ने जहां हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है | वही रविवार को टीकमगढ़ में लोगों ने बैठक कर निर्णय लिया है की सरकार के निवाड़ी को जिला बनाने के निर्णय पर ना सिर्फवृहद जन आंदोलन शुरू किया जायगा बल्कि हाई कोर्ट में सरकार के निर्णय पर रोक लगाने के लिए याचिका भी दायर की जायेगी | इसके पीछे इस अभियान के संयोजक पुष्पेंद्र सिंह तर्क देते हैं की ओरछा के राम राजा सरकार के बगैर टीकमगढ़ जिले का अस्तित्व किसीहाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता | वे बताते हैं टीकमगढ़ नगर की बसाहट भी केवल राम राजा सरकार के कारण हुई थी | जब टीकमगढ़ के राज महल में राम राजा सरकार बिराज(बैठ) गए , तब ओरछा रियासत के राजा वीर सिंह ने अपनी नई रियासत टीकामगढ़ मेंबनाई थी | अब बीजेपी सरकार अपने राजनैतिक फायदे के लिए रामराजा सरकार को टीकमगढ़ जिले के लोगों से अलग कर रही है |
ख्याली घोषणाएं
सियासी लाभ के लिए घोषणाओं का झुन झुना एक दो बार तो ठीक चलता है पर बार बार यह यह नहीं चलता | असल में बुन्देलखण्ड लोगों को इसका अच्छा खासा अनुभव हो गया है || घोषणा वीर ने जितने भी कालेज बुंदेलखंड में खोले उनमे पढ़ाने वाले कोई नहीं हैं , अतिथि विद्वानों के सहारे काम चल रहा है | इसी तरह सागर में खुले मेडिकल कालेज को भी लोग नकली मेडिकल कालेज ही मानते हैं | छतरपुर में खोले गए छत्रसाल विश्विद्यालय दो कमरों में चल रहा है , विश्वविद्यालय खुलने से नोजवानो को यह भी आशा थी की इसमें कुछ तो बुंदेलखंड के लोगों को काम मिलेगा पर सारी नौकरियों बाजार में बिक गई | विश्व विद्यालय में सहयोग करने वाले तो साफ़ बताते हैं की यहां हर काम के दाम तय हैं | पन्ना में खुलने वाला डायमंड पार्क ना पन्ना में खुल पाया और ना खजुराहो में | एक दशक पहले मुख्य मंत्री जी छतरपुर में रिंग रोड की घोषणा कर गए थे आज तक नहीं बनी | हाँ यहां विकाश में मील का पत्थर साबित होने वाले एनटीपीसी प्रोजेक्ट को बीजेपी सरकार की कृपा से बस्ते में बाँध दिया गया है |


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