16 मार्च, 2014

बुंदेलखंड में अन्न दाता आत्म ह्त्या को मजबूर




  बुंदेलखंड इलाके में किसानो  की मौत का सिलसिला जारी है / चुनावी रण  
में किसानो कि इस बेबसी कि ओर किसी भी जनसेवक का ध्यान नहीं है / उनकी चिंता सिर्फ चुनाव  कि है
शनिवार को छतरपुर जिले के  घटहरी गाँव में एक किसान ने खेत पर फांसी लगा कर आत्म ह्त्या कर 
ली / इसके साथ ही बुंदेलखंड में  आंकड़ा आधा दर्जन ऊपर पहुँच गया /
प्रकाश बम्हौरी के समीपी गांव घटहरी में बल्देव प्रजापति करीब 3 बीघे जमीन  पर  खेती कर अपने परिवार
का पेट पालता था /  मूल रूप से घटहरी से 2 किमी दूर स्थित खजुरहा पहरा गांव(यू पी ) का निवासी था। 
घटहरी के लोग बताते हैं कि बल्देव ने अपने खेत में मसूर की फसल बोई थी।   ओला और पानी ने उसके 
सपनो पर ग्रहण लगा दिया , और कर्ज से बचने के लिए उसने आत्म ह्त्या कर ली /
बल्देव की पत्नी प्रेमा के अनुसार  खराब हुई फसल का सही आंकलन कराने के लिए पहले तो बल्देव 
अधिकारियों के चक्कर लगाता रहा लेकिन जब  कोई मदद मिलती दिखाई नहीं दी तो बल्देव ने जो
 भी फसल बची थीउसे काटने का फैसला किया। शनिवार की सुबह करीब 8 बजे वह अपने घर से फसल
 काटने की बात कहकर निकला था और आत्महत्या कर ली।
घटना की सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार एके सक्सेना मौके पर पहुचे और उनके साथ ही प्रकाश 
 बम्हौरी थाना प्रभारी करण सिंह भी पहुंच गए। शव को निकालकर पीएम  लिए लवकुशनगर भेजा गया।
 इस घटना के बाद एसडीएम हेमकरण धुर्वे कहते हैं कि इस किसान के पास केवल 3 बीघा जमीन थी।
 इसमें भी 25 से 50 फीसदी नुकसान हुआ था। ऐसे में आत्महत्या के और भी कारण हो सकते हैं।
 पुलिस जांच में यह सामने  जाएगा।

 बुंदेलखंड_के_दमोह जिले में  प्राकृतिक आपदा के हालातों के बीच पिछले दो सप्ताह में जिले में चार किसान आत्महत्या कर चुके हैं। वहीं पांच किसान आत्महत्या का प्रयास कर चुके हैं। शुक्रवार की सुबह जिला अस्पताल में इलाज के दौरान जिस महिला किसान ने दम तोड़ा उसके परिवार पर 80 हजार रुपए का कर्ज था। 
पथरिया थाना क्षेत्र के ग्राम हिनौताघाट के  जयराम अठ्या की  पत्नी अनूपरानी(40 ) ने फसल तबाह होने के कारण गुरुवार की शाम करीब छह बजे खेत पर कीटनाशक पी लिया था। शुक्रवार की सुबह करीब छह बजे जिला अस्पताल में किसान महिला अनूपरानी की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसी जिले के  पटेरा थाना क्षेत्र के रमगढ़ा में किसान पिता-पुत्र ने आत्महत्या कर ली थी। पहले रघुवीर ((२३)) ने फांसी लगाकर जान दी। फिर इकलौते बेटे को फांसी ले लटका देख पिता भैयालाल पटेल ((५०)) ने भी फांसी लगा ली थी। बटियागढ़ जनपद के ग्राम भिलौनी टपरियन गांव में २५ वर्षीय गरीब किसान परशु पटेल ने बुधवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 
दमोह जिले के कई किसानो ने आत्म हत्या का प्रयास भी किया  रनेह थाना क्षेत्र के नयागांव में किसान  ममतारानी (35 )पत्नी नर्मदा रैकवार ने कीटनाशक पी लिया था। यह किसान महिला फसल बर्बाद होने के बाद कर्ज चुकाने की बात से परेशान थी। बाद में उसकी जान बच गई।
 बरखेड़ा निवासी स्वदेश पटेल ((२२)) ने खेत में जाकर और हरदुआ निवासी पूरन सिंह ((३५)) ने बांदकपुर जाकर कीटनाशकर खरीदकर पी लिया था। इलाज के दौरान इन्हें बचा लिया गया।कर्ज को लेकर चिंतित हटा थाना क्षेत्र के रोंसराघुराघाट निवासी किसान गंगाराम लोधी ((३२)) एवं सगोनीकला के बहोरी लोधी ((३५)) ने कीटनाशक पी लिया था। इलाज समय पर मिलने के कारण इनकी भी जान बच गई।
दमोह कलेक्टर स्वतंत्र कुमार सिंह कहते हें कि  किसान धैर्य से काम लेंप्रशासन की टीम हरहाल में उन तक सर्वे करने पहुंच रही है। वहीं तुरंत बाद किसानों तक राहत राशि भी पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि जिले के ओला प्रभावित गांवों के १४० किसान परिवारों को १५.५८ लाख रुपए से अधिक की राहत राशि मंजूर हुई है। इस राशि के वितरण का काम भी शुरू कर दिया गया है। लगातार प्रशासन नुकसान का आंकलन और सर्वे कर शासन तक पहुंचा रहा है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय सर्वे दल को भी जिला प्रशासन ने जिले में प्राकृतिक आपदा से फसलों को हुए नुकसान की जानकारी दे दी है। उम्मीद है किसानों के लिए केंद्र से भी बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने पीडि़त किसानों से कहा है कि वे कर्ज की वसूली की चिंता कतई  करें। साहूकारों से भी  डरेंयदि कोई परेशान करें तो सीधे अधिकारियों से शिकायत करें। संकट की इस घड़ी में प्रशासन उनके साथ है।
टीकमगढ़ और पन्ना जिले में भी एक -एक किसान आत्म ह्त्या कर चुका है /  टीकमगढ़ जिले के २५४ गाँवो कि और छतरपुर जिले के २३२ गाँवो कि फसले ओला और पानी से नष्ट हुई हें / 








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